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रावता की ढाणी में पेयजल आपूर्ति का एक मात्र बोर वह भी खराब एक माह से समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

बायल पंचायत के अंतर्गत आने वाली रावता की ढाणी में पीने के पानी की आपूर्ति के लिए एक मात्र बोर है। वह भी खराब है।...

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 02:55 AM IST
रावता की ढाणी में पेयजल आपूर्ति का एक मात्र बोर वह भी खराब एक माह से समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
बायल पंचायत के अंतर्गत आने वाली रावता की ढाणी में पीने के पानी की आपूर्ति के लिए एक मात्र बोर है। वह भी खराब है। इसके चलते पिछले एक माह से पानी की समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों को अपनी प्यास बुझाने के लिए दूर दराज से पानी लाना पड़ रहा है। समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आने वाले गर्मी के दिनों में हालात और भी विकट होने की आशंका के चलते ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

ग्रामीण धर्मपाल शर्मा, दिन्नो सिंह, टिल्लू सिंह, सुमेर सिंह, शीशपाल सिंह, ओमपाल सिंह, उषा कंवर, पिंकी कंवर, कमला देवी, सीमा देवी, कृष्ण सिंह, मामराज, पंकज, मोहित, राहुल, महेश, कमल शर्मा, सतवीर सिंह, साधू सिंह ने बताया कि गांव में पीने के पानी की आपूर्ति के लिए कन्या पाठशाला में जन स्वास्थ्य विभाग का एक नलकूप है। जो काफी दिनों से खराब पड़ा है। कुछ दिन पहले उसका वाल्व बदला था, लेकिन फिर भी पानी नहीं आ रहा। इसी नलकूप से गांव की टंकियों में पानी डाला जाता था। पिछले 1 महीने के दौरान रोजमर्रा की खराबी के कारण या कर्मचारियों की कमी के चलते यह नियमित रूप से नहीं चल रहा है। इससे समस्या गहराती जा रही है। इस नलकूप के साथ-साथ ढाणी में नाबार्ड योजना के तहत भी पेयजल आता है। पहले यह नांगलदर्गु पम्प हाउस से गंगुताना फिर गोलवा और उसके बाद ढाणी में आता है। उनकी सप्लाई पूरी होने के बाद ही रावता की ढाणी को पानी मिलता है। इस कारण पानी महीने में एक दो बार ही आता है। कुछ दिन पहले सरपंच ने लाइन का वाल्व बदलवाया था, लेकिन फिर भी पेयजल की सप्लाई नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि गांव में बनी सभी टंकी खाली पड़ी हैं। पंचायत समिति द्वारा बनवाई गई नई टंकियों में अभी तक कनेक्शन नहीं हो पाए हैं। जिस कारण ये टंकियां भी जर्जर होने की स्थिति में हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली की कमी भी पेयजल आपूर्ति में मुख्य बाधा है। जब बिजली आती है तब पानी नहीं आता और पानी सप्लाई का समय होता है तो बिजली नहीं आती। पंचायत समिति सदस्य राजेंद्र सिंह ने बताया कि समिति की ओर से गांव में टंकी तो बनवा दी पर उसका कनेक्शन अभी तक नहीं किया गया है।

7 में से 2 कर्मचारी ही आते हैं

गांव की सरपंच प्रीति कंवर के ससुर बिसंबर सिंह ने बताया कि गांव में जनस्वास्थ्य विभाग के 7 कर्मचारी नियुक्त हैं पर इनमें से 1 या 2 कर्मचारियों को छोड़कर कोई भी ड्यूटी पर नहीं आता। जिनकी वजह से गांव में पेयजल की समस्या बनी हुई है। इसके साथ समय पर बिजली नहीं आना भी मुख्य कारण है। इसके लिए हम जनस्वास्थ्य विभाग को सूचित कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

टंकियों में कनेक्शन के लिए करेंगे बात

निजामपुर पंचायत समिति की चेयरपर्सन बबीता छिल्लर ने बताया कि पंचायत समिति द्वारा निजामपुर ब्लाक के अंतर्गत आने वाले गांवों 15 टंकियां बनवाई गई हैं। लेकिन उनमें जन स्वास्थ्य विभाग या पंचायत ने अभी तक कनेक्शन नहीं करवाए हैं। जिसके कारण ग्रामीणों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। रावता की ढाणी में हमने 2 टंकी बनवाई हैं। जल्द ही 3 टंकी और बनवाई जाएंगी। सभी टंकियों में कनेक्शन के लिए पंचायतों, जनस्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन से बात करेंगे। जहां जैसे भी संभव होगा कनेक्शन कराए जाएंगे।

टंकियों में पानी नहीं पहुंचने के कारण टंकियां हो रही जर्जर

निजामपुर-रावता की ढाणी में सूखी टंकिया दिखाते ग्रामीण


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