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डिलीवरी के बाद पेट में दर्द हो तो कॉपर-टी हिलने के आसार ज्यादा

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:10 AM IST

डिलीवरी के बाद पेट में दर्द हो तो कॉपर-टी हिलने के आसार ज्यादा
27 सालकी महिला में मिसप्लेस हुई कॉपर-टी, यूट्रस को पार करते हुए अब्डोमिनल कैविटी में पहुंची

पेट मेंचीरा लगाकर नहीं, 5 एमएम के तीन होल कर लेप्रोस्कोपिक सर्जरी से निकाली

जनरल अस्पताल के सीनियर सर्जन डॉ. विवेक भादू ने लेप्रोस्कोपिक सर्जरी कर महिला के अब्डोमिनल कैविटी से कॉपर-टी को बाहर निकाला

संदीप कौशिक | पंचकूला sandeep.kaushik@dhrsl.com

अगर किसी महिला को डिलीवरी केे बाद कोपर-टी लगाई गई है तो ध्यान रखें, कोपर-टी से रिलेटेड पूरी जानकारी डॉक्टर से लें। कॉपर-टी लगवाने के बाद कोई भी प्रॉब्लम होती है तो नजरअंदाज न करें। ऐसा करना सेहत के लिए काफी नुकसानदायक साबित होता है। ऐसा ही एक केस सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में आया है। इसमें 27 साल की महिला को कॉपर-टी लगवाने के बाद अब्डोमिनल पेन शुरू हो गया था। इसके बाद वह इस पेन को नॉर्मल समझती रही और जब पेन ज्यादा हुआ तो डायग्नोज में सामने आया कि जो कोपर-टी महिला को लगाई गई थी, वह अपनी जगह से मिसप्लेस हो गई है। इतना ही नहीं, कॉपर-टी यूट्रस को पार करते हुए अब्डोमिनल कैविटी में पहुंच चुकी है। इसके बाद सेक्टर-6 जनरल अस्पताल के सीनियर सर्जन डॉ. विवेक भादू ने लेप्रोस्कोपिक सर्जरी कर महिला के अब्डोमिनल कैविटी से कॉपर-टी को बाहर निकाला।

आधे घंटे में ही सर्जरी

सीनियर सर्जन डॉ. विवेक भादू ने बताया कि महिला को कई महीनों से अब्डोमिनल पेन था। इसके बाद गायनी के डॉक्टरों ने मरीज का डायग्नोज कर सर्जरी के लिए उनके पास केस ट्रांसफर किया। अभी तक ऐसी सर्जरी में मरीज के पेट में चीरा लगाकर ऑप्रेशन किया जाता था। इससे मरीज को रिकवरी के लिए भी कई दिन लग जाते थे। वहीं, इस केस में मरीज की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की है। 5 एमएम के तीन होल बनाकर यूट्रस को पार कर चुकी कोपर-टी को अब्डोमिनल कैविटी से बाहर निकाला है। नाॅर्मल सर्जरी के तरह दो से तीन घंटे नहीं, बल्कि अाधे घंटे में ही मरीज की सर्जरी की गई है।

संदीप कौशिक | पंचकूला sandeep.kaushik@dhrsl.com

अगर किसी महिला को डिलीवरी केे बाद कोपर-टी लगाई गई है तो ध्यान रखें, कोपर-टी से रिलेटेड पूरी जानकारी डॉक्टर से लें। कॉपर-टी लगवाने के बाद कोई भी प्रॉब्लम होती है तो नजरअंदाज न करें। ऐसा करना सेहत के लिए काफी नुकसानदायक साबित होता है। ऐसा ही एक केस सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में आया है। इसमें 27 साल की महिला को कॉपर-टी लगवाने के बाद अब्डोमिनल पेन शुरू हो गया था। इसके बाद वह इस पेन को नॉर्मल समझती रही और जब पेन ज्यादा हुआ तो डायग्नोज में सामने आया कि जो कोपर-टी महिला को लगाई गई थी, वह अपनी जगह से मिसप्लेस हो गई है। इतना ही नहीं, कॉपर-टी यूट्रस को पार करते हुए अब्डोमिनल कैविटी में पहुंच चुकी है। इसके बाद सेक्टर-6 जनरल अस्पताल के सीनियर सर्जन डॉ. विवेक भादू ने लेप्रोस्कोपिक सर्जरी कर महिला के अब्डोमिनल कैविटी से कॉपर-टी को बाहर निकाला।

रूटीन चेकअप कराना जरूरी

ज्यादातर महिलाएं कोपर-टी लगवाने के बाद रूटीन चेकअप नहीं करवाती और ऐसी प्रॉब्लम उन्हीं केस में देखने को मिलती है। अगर किसी भी महिला को कॉपर-टी लगी है तो वह अपना रूटीन चेकअप करवाए। हर 6 महीने और साल बाद डॉक्टरी एडवाइज पर डायग्नोज भी करवाए। डिलीवरी के तुरंत बाद कोपर-टी लगाए जाने वाले केस में पीरियड आने के बाद भी चेकअप करवाए। -डॉ. संगीता, गायनीकोलॉजिस्ट

एक हजार में से 3 या 4 केस ही होते हैं

ऐसे केस काफी कम देखने को मिलते हैं। एक हजार केस में 3 या चार केस ही ऐसे होंगे जो यूट्रस से कॉपर-टी पार होकर अब्डोमिनल कैविटी में पहुंच जाती है। पहले ऐसे केस में पेट पर चीरा लगाया जाता था, लेकिन अब लेप्रोस्कोपिक सर्जरी भी की जा रही है। -डॉ. विवेक भादू, सीनियर सर्जन

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