पंचकुला

  • Hindi News
  • Haryana News
  • Panchkula
  • पड़ोसी शहरों से बिजली के डबल रेट, ढाई साल में पंचकूला से गई 50 इंडस्ट्रीज
--Advertisement--

पड़ोसी शहरों से बिजली के डबल रेट, ढाई साल में पंचकूला से गई 50 इंडस्ट्रीज

सहूलियतों के अभाव में पंचकूला की इंडस्ट्री के लिए पड़ोसी शहरों में चल रही इंडस्ट्री का मुकाबला करना मुश्किल हो रहा...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:10 AM IST
सहूलियतों के अभाव में पंचकूला की इंडस्ट्री के लिए पड़ोसी शहरों में चल रही इंडस्ट्री का मुकाबला करना मुश्किल हो रहा है। इसका एक कारण है पड़ोसी शहरों के मुकाबले लगभग डबल रेट में बिजली मिल रही है। हर इंडस्ट्री का बिजली का बिल 20 हजार से लेकर लाखों रुपए तक हर महीने आ रहा है।

अगर इंडस्ट्री में बिजली की खपत कम होती हैं तो बिल ज्यादा आता है। अगर बिजली की खपत ज्यादा है तो बिल अधिक महंगा नहीं पड़ता है। ऐसे में माइक्रो, स्माल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज को बिजली ज्यादा महंगी पड़ रही है, जिनका काम कम है।

बिजली पर ही काफी ज्यादा खर्च होने के कारण लेबर व अन्य खर्चे निकालना मुश्किल हो रहा है। बिजली महंगी होने के कारण यहां तैयार होने वाले प्राेडक्ट की लागत बढ़ रही है। ऐसे में प्रोडक्ट की कीमत ज्यादा रखने पर इन्हें बेचना मुश्किल हो रहा है। यही वजह है कि पंचकूला से इंडस्ट्री मोहाली, बद्दी और डेराबस्सी में शिफ्ट हो रही है। इससे सरकार को भी रेवेन्यू का नुकसान हो रहा है और पंचकूला इंडस्ट्रीज भी पिछड़ती जा रही है।

प्रति यूनिट के हिसाब से

बिजली के रेट...

पंचकूला

8.50-17

रुपए

चंडीगढ़

11-15

रुपए


मोहाली, जीरकपुर

7-7.50

रुपए

बद्दी

6-6.50

रुपए

20

हजार से लेकर लाखों रुपए आ रहा हर महीने बिजली बिल




पंजाब में इलेक्ट्रसिटी के रेट घटने से पहले ही कई तरह का घाटा झेल रही पंचकूला की इंडस्ट्री के लिए पड़ोसी शहरों की इंडस्ट्री का मुकाबला करना मुश्किल हो रहा है। यहां अन्य राज्यों की तरह रात के समय काम करने पर भी बिजली के रेट में किसी तरह की छुट नहीं है जबकि कई राज्यों में रात के समय इंडस्ट्रियल एरिये में काम करने पर 20 से 50 परसेंट तक की बिजली के रेट में छुट दी जा रही हैं।






X
Click to listen..