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डिलीवरी में चाहे लड़का हो या लड़की, कर्मचारी मांगते हैं मंुह मांगे पैसे, अगर नहीं दिए तो करते हैं बेइज्जती

पंचकूला| अगर आप सेक्टर 6 के जनरल अस्पताल में अपने पेशेंट की डिलीवरी करवाना चाहते हैं तो अपनी जेब रुपयों से भरकर...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 02:10 AM IST
पंचकूला| अगर आप सेक्टर 6 के जनरल अस्पताल में अपने पेशेंट की डिलीवरी करवाना चाहते हैं तो अपनी जेब रुपयों से भरकर लाएं। ऐसा इसलिए क्योंकि अस्पताल में आपके मरीज को चाहे बेटा हो या बेटी, यहां तैनात कर्मचारी को जब तक आप मुंह बोली कीमत नहीं दोगे तब तक वह आपकी इज्जत ही तार तार कर देंगे।

इसके बाद आपको यही लगेगा कि जो बेइज्ज्जती आपकी हुई है वो यहां किसी और के साथ न हो। एक ऐसा ही मामला सेक्टर 6 के जनरल अस्पताल में सामने आया है। इसमें उर्मिला डिलीवरी के लिए जनरल अस्पताल में एडमिट हुई थी। ऑपरेेशन से उर्मिला को बेटा हुआ और यहां कर्मचारियों ने पहले तो लेबर रूम के बाहर पैसे मांगने शुरू कर दिए उसके बाद वार्ड तक में मरीज को नहीं बख्शा। वहीं, इस पूरे मामले की मरीज के घरवालों ने पीएमओ ऑफिस को शिकायत दे दी है, जिसके बाद अब कार्रवाई की जा रही है। हैरानी की बात ये है कि जिन बेहतर सुविधाओं के लिए इस अस्पताल को कई बड़े अवॉर्ड मिल चु़के है, यहीं पर मरीजों के साथ मिसबिहेव तक हो रहा है।

अस्पताल में मरीज को हुआ बेटा तो घरवालों से मांगे पैसे, बेइज्जत भी किया

सेक्टर 6 के जनरल अस्पताल में अपने पेशेंट की डिलीवरी करवाने आने वाले तीमारदारों को कर्मचारी करते हैं तंग

खुशी से 50 रुपए दिए तो कर्मचारी बोले, 100 रुपए तो हमसे ही ले लो

लेबर रूम के बाहर जब मरीज को वार्ड में एडमिट करवाया गया तो पहले लेबर रूम के बाहर मरीज को घेरा और बाद में वार्ड में। मरीज के परिजन ओम प्रकाश ने पहले लेबर रूम के बाहर तीन कर्मचारियों को 400 से 500 रुपए दिए। इसके बाद वार्ड में भी तीन चार कर्मचारियों ने उनसे रुपयों की डिमांड की। जब ओम प्रकाश अपनी खुशी से उन्हें भी 50-50 रुपए देने लगा तो कर्मचारियों ने मरीज की सभी के सामने बेइज्जती करनी शुरू कर दी। कर्मचारी मरीज को बोले-अगर इतने ही गरीब हो तो हमसे ही ले लो पैसे। 100-100 रुपए तो हम ही दे देंगे तुम्हें।


आेम प्रकाश से जब कर्मचारी मिसबिहेव करने लगे और बार बार रुपए मांगते रहे तो उन्होंने मोबाइल में रिकॉर्डिंग ऑन कर कर्मचारियों की हर एक बात को रिकोर्ड किया। इसके बाद भी उन्होंने रुपए नहीं दिए। ओम प्रकाश ने बताया कि उन्होंने तीन डॉक्टरों को इस मामले में शिकायत दी है। शनिवार को वह पीएमओ ऑफिस भी गए थे। जो रिकोर्डिंग उन्होंने मोबाइल में की है वह पीएमओ को भी सुनाएंगे।


वार्ड में एडमिट एक लेडी मरीज ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि डिलीवरी के दौरान भी अंदर मरीजों को तंग किया जाता है। इसके बाद कर्मचारी डिलीवरी के दौरान जो भी काम उन्हें करना होता है उसके लिए भी रुपए मांगते हैं। लेबर रूम में स्टाफ की ओर से भी मरीजों को परेशान होना पड़ता है। रात को भी कई बार स्टाफ नहीं होता। पेन होने के बाद ही मरीज के परिजन स्टाफ को बुलाते हैं।


पीएमओ डॉ. संजीव त्रेहन ने बताया कि उन्हें अभी लिखित में शिकायत नहीं मिली है, मुझे वर्बली शिकायत मिली है। इसके बाद मंैने नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी लगाई है और मरीज से मिलकर पूरे मामले का पता लगाया जाएगा। स्टाफ के ड्यूटी टाइम का भी पता लगाया जा रहा है और जो केस पहले आए थे, उनमें भी किसी को बख्शा नहीं गया था और अब भी जो कर्मचारी इसमें लिप्त मिलेगा उस पर कार्रवाई होगी।