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एक या दो लड़की हाेने के बाद भी प्रेग्नेंट होने वाली महिलाओं को हेल्थ डिपार्टमेंट करेगा ट्रैक

संदीप कौशिक |पंचकूला sandeep.kaushik@dhrsl.com स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर पंचकूला को लिंगानुपात के मामले में हरियाणा के बाकी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 02:15 AM IST

संदीप कौशिक |पंचकूला sandeep.kaushik@dhrsl.com

स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर पंचकूला को लिंगानुपात के मामले में हरियाणा के बाकी जिलों में आगे लाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। अब साल 2018 में हेल्थ विभाग ने गर्भवती महिलाओं की होम डिलीवरी पर रोक लगाने के लिए काम शुरू कर दिया है। वहीं, अब विभाग इस बात पर जोर दे रहा है कि पंचकूला में होने वाली सभी डिलीवरी इंस्टीट्यूशनल हों। इसके लिए अलग-अलग डिपार्टमेंट की टीमें भी बनाई हैं। वहीं, अगर बात डिलीवरी की करें तो पंचकूला के रूरल एरिया में कुछ साल पहले 60% डिलीवरी इंस्टीट्यूशनल होती थी, 40 प्रतिशत घर पर ही होती थी। इसमें बच्चों की जान को काफी खतरा रहता था। वहीं, अब 95 प्रतिशत डिलीवरी इंस्टीट्यूशन पर हो रही हैं। इनमें प्राइवेट से लेकर सरकारी अस्पताल दोनों ही आते हैं।

कर्मचारी रखेंगे नजर

अगर किसी महिला को एक या दो लड़की हैं और उसके बाद दोबारा से वह महिला गर्भवती होती है तो उसे विभाग ट्रैक कर रहा है। इसके लिए डिपार्टमेंट ने पूरे जिले की लिस्ट भी तैयार की है। इस लिस्ट में 70 से ज्यादा महिलाओं के नाम हैं जिन्हें एक या एक से ज्यादा लड़कियां पहले ही हैं। इसके बाद भी अगर यह महिलाएं गर्भवती हैं तो उन्हें ट्रैक किया जाएगा। इस ट्रैकिंग सिस्टम में अगर यह महिलाएं जिले से बाहर या कहीं भी अपना लिंग जांच करवाने जाती हैं तो इस बात का पता विभाग को तुरंत लग सकेगा। इसके बाद गर्भवती महिला को लिंग जांच करवाने से रोका जाएगा और जहां लिंग जांच हुई है वहां पर रेड कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रूरल एरिया के लिए बनाई पांच टीमें...डॉ. सरोज अग्रवाल ने बताया कि अभी हाल ही में हमने पांच निगरानी टीमें बनाई हैं। जिसमें एजुकेटिड लड़के और लड़कियों को भी हिस्सा बनाया है। इसमें उन एरिया के बुजुर्ग लोग भी शामिल हैं, जिस एरिया में यह टीमें तैनात की हैं। इसके अलावा अवेयरनेस और गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के दौरान रूटीन चेकअप और डिलीवरी के लिए अस्पताल लाने की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस से संभव हो सकेगा कि लिंगानुपात में ज्यादा अंतर को रोक कर लोगों को जागरूक किया जा सके।

2015 से 2017 तक 25 से ज्यादा रेड... साल 2015 से अब तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से कन्या भ्रूण हत्या रोकने से लेकर बिना डिग्री लोगों का ट्रीटमेंट करने और लिंग जांच करने तक को लेकर 25 से ज्यादा रेड कंडक्ट की गई हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से डिप्टी सीएमओ डॉ. सरोज अग्रवाल ने पंचकूला के अलावा उत्तर प्रदेश तक से इन्फॉर्मेशन मिलने पर रेड कंडक्ट की है। जिसमें लिंगानुपात जैसे कई सेंटर्स का पर्दाफास हो चुका है, और इनके खिलाफ विभाग की ओर से सख्त कार्रवाई की गई है।

साल 2009 से लिंगानुपात का डाटा...

साल 2009 में 866 लिंगानुपात था

साल 2010 में 873 लिंगानुपात था

साल 2011 में 876 लिंगानुपात था

साल 2012 में 893 लिंगानुपात था

साल 2013 में 911 लिंगानुपात था

साल 2014 में 916 लिंगानुपात था

साल 2015 में 909 लिंगानुपात था

साल 2016 में 923 लिंगानुपात था

साल 2017 में 911 लिंगानुपात था

डिप्टी सीएमओ ने कहा...डिप्टी सीएमओ डॉ. सरोज अग्रवाल ने बताया कि साल 2018 में लिंगानुपात को पहले से बेहतर करने के लिए हमने काफी प्लानिंग की है। इसमें प्रेग्नेंट लेडीज को ट्रैक करने के लिए भी स्पेशल टीमें बनाई हैं। इसके अलावा अब हम डोर टू डोर रूरल एरिया में अवेयरनेस एक्टीविटी को भी लाॅन्च करेंगे।

अग्रवाल भवन की रेनाेवेशन जारी, लगाए जा रहे एसी

सिटी रिपाेर्टर | पंचकूला

अग्रवाल भवन, सेक्टर-16 की कायाकल्प का काम इन दिनों जोरों पर है। अग्रवाल भवन के कमरों की रेनोवेशन कर दी गई है। सभी कमरों में एसी लगवाने का काम चल रहा है। अग्रवाल सभा पंचकूला के संयोजक तेजपाल गुप्ता ने बताया कि पिछले काफी समय से रेनोवेशन का काम पेंडिंग था, जिस पर लाखों रुपये खर्च किये जा रहे हैं। तेजपाल गुप्ता ने बताया कि ट्रांसफार्मर 315 केवी का रखा गया है और हाइटेंशन कनैक्शन लगा दिया गया है। नया एसी शव वाहन खरीदा गया है। अग्रवाल सभा के संयोजक तेजपाल गुप्ता एवं पूर्व प्रधान कुलभूषण गोयल ने बताया कि सभा पिछले कई सालों से समाज कल्याण के काम कर रही हैं। सभा की ओर से एक शव वाहन पहले ही जिले में चलाया जा रहा था, लेकिन 25 अगस्त को पंचकूला में हुई हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने उस शव वाहन को जला दिया गया था। इसके अलावा शवों को रखने के लिए रखे गये दो फ्रिजों को भी तोड़ दिया था। इसके बाद अग्रवाल सभा की बैठक में निर्णय लिया गया था कि पंचकूला में एसी शव वाहन चलाया जाएगा। इस वाहन में शव के साथ करीब 20 लोग आसानी से बैठ सकते हैं। कुलभूषण गोयल के मुताबिक डैड बॉडी रखने के लिए फ्रिजों की भी व्यवस्था कर ली गई है। सभा की ओर से लोगों के लिए निशुल्क डिसपेंसरी भी चलाई जा रही है। इसमें रोजाना सैंकड़ों लोगों का चैकअप किया जाता है।

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