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घुटनों में सूजन से महिला थी परेशान, रिवीजन टोटल नी रिप्लेसमेंट टेक्नीक से हुई सर्जरी

पंचकूला|67 साल की बुजुर्ग महिला कई सालों से लगातार दर्द और सूजन से परेशान थी। जिसके बाद सेक्टर 21 के प्राइवेट अस्पताल...

Danik Bhaskar | May 01, 2018, 03:15 AM IST
पंचकूला|67 साल की बुजुर्ग महिला कई सालों से लगातार दर्द और सूजन से परेशान थी। जिसके बाद सेक्टर 21 के प्राइवेट अस्पताल में उसकी रिवीजन टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी की गई। ऑर्थोपेडिक्स टीम डॉ. दलवीर चौहान और डॉ. संदीप जिंदल ने बताया कि एक 67 साल की महिला की रिवीजन टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी की गई।

महिला की हालात अब ठीक है और उन्होंने सर्जरी के अगले ही दिन से चलना शुरू कर दिया था। सर्जरी के बाद अब उन्हें कोई दर्द नहीं है और वो बिना वॉकर की मदद से चल फिर सकती हैं। डॉ. चौहान ने बताया कि आरटीकेआर टेक्नीक नई है और काफी कम जगह पर ऐसी लेटेस्ट सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है। इसके लिए एक हाई टेक्नीक आप्रेशन थिएटर और नई टेक्नीक के साथ अस्पताल में किया गया। आने वाले दिनों में टोटल नी रिस्पलेसमेंट सबसे सफल ऑर्थोपेडिक सर्जरी है।

डॉ. चौहान ने बताया कि इससे दर्द से काफी हद तक मिलने वाली राहत और टीकेआर के बाद घुटनों का फिर से पूरी तरह से सक्षम हो जाना है। नए इम्पलांट डिजाइंस और बेहतर सर्जीकल तकनीकों के साथ टोटल नी रिप्लेसमेंट को 85 से 90 परसेंट से अधिक मरीजों में कम से कम 15 से 20 सालों तक सफलता से काम करने की उम्मीद की जाती है। कुछ प्रक्रियाओं में ये उपयोगी नहीं रहती और समय से पहले ही दूसरी सर्जरी की जरूरत पड़ती है। जिसे रिवीजन नी रिप्लेसमेंट कहते हैं।

आरटीकेआर टेक्नीक में लाया गया अब नया प्रोस्थीसिस : आरटीकेआर टेक्नीक में पहले असफल रहे टोटल नी प्रोस्थीसिस की जगह पर एक नया प्रोस्थीसिस को लगाया जाता है। यह एक जटिल प्रक्रिया है और इसके लिए विस्तृत प्रीआपरेटिव योजना, विशेषकृत इम्प्लांट्स और टूल्स, आप्रेशन में लगने वाला काफी अधिक समय और अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए मुश्किल सर्जीकल तकनीकों में बेहद उच्च महारत की जरूरत होती है।