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4 महीने पहले अचानक हुआ था लापता, अब नहर में पानी कम हुआ तो कार के अंदर मिली डेडबॉडी

पुलिस ने कार व युवक की निकाली डेड बॉडी, आगरा नहर के अंदर दलदल होने के कारण फंस गई थी कार।

Danik Bhaskar | May 01, 2018, 03:01 PM IST

फरीदाबाद। 22 दिसंबर 2017 से गायब 30 वर्षीय युवक का शव कार सहित मंगलवार को पुलिस ने बड़ौली पुल के पास आगरा नहर के अंदर से बरामद कर लिया। आगरा नहर में पानी कम होने के कारण गाड़ी की छत दिखाई दी। इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने क्रेन की मदद से गाड़ी बाहर निकाली। गाड़ी नंबर से ललित के बारे में पता लगाया। शव की हालत खराब होने के चलते इसे बीके अस्पताल की मोरचरी से रोहतक पीजीआई के लिए भेज दिया गया है। अब परिजन अपहरण व हत्या का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। ऐसे हुई घटना

- मूलरूप से बल्लभगढ़ के प्याला गांव निवासी देवेंद्र सिंह का 30 वर्षीय बेटा ललित ने बीटेक कर रखी थी। नौकरी छोड़कर पिछले कुछ समय से वह सेक्टर-62 में बिल्डिंग मेटेरियल सप्लायर था।

- इसके साढ़े तीन साल की बेटी है। 2013 से परिवार गांव छोड़कर सेक्टर-31 में जा बसा। 22 दिसंबर 2017 की दोपहर ललित घर से ऑफिस गया।
- करीब 12.42 बजे ललित का फोन स्विच ऑफ आ रहा था। शक होने पर परिजन ऑफिस पहुंचे तो वहां लंच बॉक्स व पर्स मिला।
- परिजनों ने ललित की तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं लगा। बाद में इसकी सूचना सिटी बल्लभगढ़ थाने में दी। पुलिस ने गुमशुदगी की रपट दर्ज कर ली और तलाश शुरू कर दी।

कीचड़ में फंसी हुई थी कार

- मंगलवार को बड़ौली पुल से गुजर रहे एक शख्स को आगरा नहर के अंदर गाड़ी की छत दिखाई दी। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। चूंकि अब नहर में पानी कम हो गया है, इसलिए इसके अंदर गिरी हुई गाड़ी दिखाई दे गई थी।
- नहर के अंदर गाड़ी कीचड़ में फंसी हुई थी। पुलिस ने क्रेन की मदद से गाड़ी बाहर निकाली तो इसकी ड्राइविंग सीट पर ललित था।
- इसके शव पूरी तरह से गल चुका था। यहां तक कि खाल भी अपने आप निकल रही थी। हालांकि परिजन किसी पर शक नहीं जता रहे हैं लेकिन अपहरण व हत्या का आरोप लगाया है।

पहले नहीं आई थी हत्या की कोई बात सामने
- डीएलएफ क्राइम ब्रांच इंचार्ज अशोक कुमार ने बताया कि गुमशुदगी के बाद परिजन पुलिस कमिश्नर से मिले थे। कमिश्नर ने तुरंत एसआईटी बना दी थी। हमने खूब प्रयास किए लेकिन ललित का कुछ पता नहीं लगा था।
- जांच में अपहरण जैसी कोई बात सामने नहीं आई थी। अपहरण व हत्या के आरोप की पुलिस जांच कर लेगी। लेकिन इस मामले में पुलिस की लापरवाही नहीं है। परिजनों को अभी तक किसी पर शक नहीं है तो बताओ हम किसे अरेस्ट करें। फोन भी ललित का उसी दिन से बंद था।