--Advertisement--

सोनीपत, कुरुक्षेत्र में कुछ कर्मी काम पर आए, आज प्रदेशभर में नहीं लौटे तो कॉन्ट्रेक्ट किया जाएगा समाप्त

हरियाणा के करीब 12500 कर्मचारियों में से सोनीपत, कुरुक्षेत्र समेत कुछ जिलों में कर्मचारी दो फाड़ हो गए हैं।

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2017, 07:13 AM IST
4 days Strike of NHM personnel

चंडीगढ़/ पानीपत। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत हरियाणा के करीब 12500 कर्मचारियों में से सोनीपत, कुरुक्षेत्र समेत कुछ जिलों में कर्मचारी दो फाड़ हो गए हैं। यहां कुछ कर्मचारी काम पर लौट आए हैं बाकी हड़ताल पर हैं। उधर, स्वास्थ्य महकमे ने हड़ताली कर्मचारियों को 9 दिसंबर यानी आज ही ड्यूटी ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं अन्यथा उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इस संबंध में राज्य के सभी सिविल सर्जन को हिदायत जारी की है कि उन्हें अपने जिलों में कार्यरत सभी एनएचएम अनुबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी करने को कहा गया है। निर्धारित समय के बाद जो कर्मचारी ड्यूटी ज्वाइन नही करेंगे, उनका अनुबंध समाप्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रेफरल, ट्रांसपोर्ट और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को बाधित नहीं होने दिया जाएगा। वहीं, सभी सिविल सर्जन ने नोटिस जारी कर दिया है।
विज ने बताया कि एनएचएम कर्मचारियों की सभी जायज मांगों को सरकार ने पहले ही स्वीकार कर लिया है। इसके बाद भी यदि ये कर्मचारी हड़ताल जारी रखते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इनकी तीन प्रमुख मांगों में से दो मांगों को पहले ही पूरा कर दिया गया है। इनमें पहली मांग में वेतन में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी तथा दूसरी सेवा नियमों का सृजन करना था। इन कर्मचारियों की पक्का करने की तीसरी मांग केन्द्र सरकार से संबंधित है, क्योंकि ये सभी कर्मचारी किसी परियोजना के तहत काम कर रहे हैं।

हम न्यायालय तक में लड़ेंगे अपनी लड़ाई: संघ प्रधान
उधर, एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रधान तरणदीप का कहना है कि एक तरफ सरकार कर्मचारियों के पक्का होने पर तर्क दे रही है कि वह केंद्र के अधीन हैं और केंद्र ही उन्हें पक्का करेगी। वहीं दूसरी तरफ बिना केंद्र की मंजूरी के सरकार टर्मिनेट लेटर भेज रही है। सरकार के इस फैसले से यह साबित होता है कि अधिकारी झूठ बोलकर कर्मचारियों को गुमराह कर रहे हैं जबकि कर्मचारियों की मांगों की उत्तरदायी प्रदेश सरकार है। अगर इसे लेकर हाईकोर्ट में जाना पड़ा तो वह उससे भी पीछे नहीं हटेंगे।

सोनीपत में हड़ताली एनएचएम कर्मी दो फाड़
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को शुक्रवार को नोटिस जारी होने के बाद वे दो फाड़ हो गए। सर्व कर्मचारी संघ के कर्मचारी काम पर लौटने लगे। वहीं भारतीय मजदूर संघ से जुड़े कर्मचारी धरने पर बैठे रहे। इन्होंने यूनियन के प्रधान राजेश छिक्कारा पर कर्मचारियों के आंदोलन को कमजोर करने का भी आरोप लगाया।

कुरुक्षेत्र में 324 में से 22 कर्मी काम पर लौटे
यहा स्वास्थ्य विभाग ने धरने पर बैठे 324 कर्मचारियों का डाटा हेडक्वार्टर भेजा था। शुक्रवार को विभाग ने इन सभी का टर्मिनेशन लेटर निकाल दिया। लेटर के बाद 22 कर्मियोंने जॉयन कर लिया। सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र नैन ने कहा कि शनिवार तक सभी कर्मचारी जॉयन नहीं करेंगे तो उन्हें निकाल दिया जाएगा।

हम न्यायालय तक में लड़ेंगे अपनी लड़ाई: संघ प्रधान
उधर, एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रधान तरणदीप का कहना है कि एक तरफ सरकार कर्मचारियों के पक्का होने पर तर्क दे रही है कि वह केंद्र के अधीन हैं और केंद्र ही उन्हें पक्का करेगी। वहीं दूसरी तरफ बिना केंद्र की मंजूरी के सरकार टर्मिनेट लेटर भेज रही है। सरकार के इस फैसले से यह साबित होता है कि अधिकारी झूठ बोलकर कर्मचारियों को गुमराह कर रहे हैं जबकि कर्मचारियों की मांगों की उत्तरदायी प्रदेश सरकार है। अगर इसे लेकर हाईकोर्ट में जाना पड़ा तो वह उससे भी पीछे नहीं हटेंगे।

स्वास्थ्य कर्मियों की छुटि्टयां रद्द

एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों इसलिए विभाग ने नियमित कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और एंबुलेंस चलाने के लिए रेगुलर व ठेके पर लगे ड्राइवरों को चाबी सौंपी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता को स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की दिक्कत नही होने दी जाएगी। इसके लिए जहां हमारे नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं वहीं यदि एनएचएम कर्मचारी समय पर काम पर नही लौटते हैं तो वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जाएगा।

X
4 days Strike of NHM personnel
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..