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5 साल पहले पति को खोने के बाद इकलौता बेटा था सहारा, उसकी भी रेल से मौत

पिता की जैसे मौत हुई, वैसी ही मौत बेटे की भी होगी, यह कैलाश देवी ने सपने में भी नहीं सोचा था।

Danik Bhaskar | Jan 02, 2018, 04:26 AM IST

सोनीपत. पिता की जैसे मौत हुई, वैसी ही मौत बेटे की भी होगी, यह कैलाश देवी ने सपने में भी नहीं सोचा था। बेटे अमित की मौत ने कैलाश देवी को झकझोर कर रख दिया है। कैलाश देवी को जैसे ही पता चला कि अमित की रेल से कटकर मौत हो गई है, तो वह बेसुध हो गई। दोपहर तक उसे होश नहीं आया था। घर पर आसपास के पड़ोसी जमा थे और जिंदगी की सच्चाई से कैलाश देवी को वाकिफ करा रहे थे। लोगों ने बताया कि अमित के पिता शेर सिंह की 5 साल पहले रेल की चपेट में आने से मौत हो गई थी। परिवार का सारा बोझ उन पर आ गया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

- बेटे अमित व बेटी को अच्छी परवरिश दी। अमित को एक प्राइवेट कंपनी में सुपरवाइज की जॉब मिली थी तो वह सभी को कहती थी कि सहारा मिल गया।

- जब बेटे की मौत की खबर सुनी तो मां का कलेजा फट गया। परिवार में अब कैलाश देवी व उसकी एक बेटी ही बची है।

नए साल पर नए कपड़े लाने की थी तैयारी

कृष्ण ने बताया कि मोहित उसका इकलौता बेटा था। इसके अलावा उसकी तीन बेटियां हैं। पूजा, तन्नू व इंदू।

बेटा मोहित सोमवार सुबह जब उठा तो नए साल को लेकर उत्साहित था। उसने उसे सुबह कहा कि 500 रुपए दे दो वह बाजार से नए कपड़े खरीदकर लाएगा।

उसने बेटे की चाह को पूरा कर दिया, लेकिन कुछ देर बाद जब पता चला कि मोहित ट्रेन की चपेट में आया तो वह स्तब्ध था।

अस्पताल में जब बेटे को लेकर जा रहे थे तो आस थी वह बच जाएगा। लेकिन उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।