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श्रमिकों को स्वरोजगार में निपुण बनाने के लिए खुलेगी एकेडमी, कराए जाएंगे 25 कोर्स

इलेक्ट्रिशियन इत्यादि कार्यों में निपुण होकर अपना स्वरोजगार स्थापित कर सकें। इस अकेडमी में 20 से 25 कोर्सों को शामिल किय

Dainik Bhaskar

Dec 31, 2017, 04:31 AM IST
Academy will open for  workers to make versed in self-employment

करनाल. मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में भवन निर्माण से जुड़े श्रमिकों के लिए अकेडमी खोली जाएगी, ताकि कम पढ़े-लिखे बेरोजगार युवा राजमिस्त्री, कारपेंटर,प्लम्बर, पेंटर, इलेक्ट्रिशियन इत्यादि कार्यों में निपुण होकर अपना स्वरोजगार स्थापित कर सकें। इस अकेडमी में 20 से 25 कोर्सों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए जगह तलाशी जा रही है। सीएम शनिवार को एनडीआरआई में आयोजित श्रमिक जागरुकता एवं सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।


सीएम ने कहा कि हमारा उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक का विकास करके उसे समाज की मुख्य धारा में जोड़ना है, इसी लक्ष्य को लेकर श्रमिकों के लिए 23 कल्याणकारी योजनाएं चलाई हैं। सीएम ने प्रदेश के श्रमिकों को कहा कि सरकार की इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए वह अपना पंजीकरण जरूर करवाएं, सरकार हर संभव प्रयास करने के लिए तैयार है। कार्यक्रम के दौरान 13 हजार 748 श्रमिकों को लगभग 11 करोड़ 63 लाख 19 हजार 844 रुपए की वित्तीय सहायता राशि और जिले की 500 पात्र महिला निर्माण श्रमिकों को सिलाई मशीन बांटी गई। भाजपा सरकार ने तीन वर्ष के कार्यकाल में हरियाणा भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम से करीब 2 लाख निर्माण श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 161 करोड़ 45 लाख रुपए की वित्तीय सहायता दी है।

ईएसआई की स्लैब में कराया बदलाव: नायब श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री हरियाणा नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने श्रमिकों को ईएसआई की सुविधा से लाभान्वित करने के लिए आय के स्लैब में बदलाव किया है। पहले जहां मात्र 15 हजार रुपए तक के वेतन भोगियों को ईएसआई की सुविधा प्राप्त होती थी, अब इसे बढ़ाकर 21 हजार रुपए कर दिया है। श्रमिकों के उत्कृष्ट उपचार के लिए बावल में 150 बिस्तरों और बहादुरगढ़ में 100 बिस्तरों के नए अस्पताल खोलने का निर्णय लिया है। विभाग में इस समय करीब 6 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं। अभी तक 3 लाख से अधिक श्रमिकों को सभी योजनाओं का लाभ मिल चुका है। श्रम विभाग के प्रधान सचिव डाॅ. महाबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच है कि प्रदेश का किसान, मजदूर व श्रमिक आत्मनिर्भर हो, इसके लिए उन्होंने मातृत्व योजना, पितृत्व योजना, स्कूल में बच्चों को वजीफा, बीमा, कन्यादान योजना के लिए 51 हजार, 60 साल की उम्र के बाद श्रमिकों की पेंशन और विधवाओं को भी पेंशन देने का प्रावधान किया है।

पत्नी को नौकरी देने की घोषणा: डेरा कार सेवा में आयोजित शहीद परगट सिंह की श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने कहा कि उनके परिजनों को सरकार की ओर से दो दिन पहले बैंक खाते में 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है, उनकी पत्नी को शीघ्र ही नौकरी दी जाएगी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया नौकरी सरकारी होगी या डीसी रेट पर।

बीपीएल परिवारों को 13.50 रुपए किलोग्राम
चीनी, 20 रुपए लीटर मिलेगा सरसों का तेल

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की तरफ से करीब 600 राशन होल्डरों के माध्यम से राशन वितरण किया जाता है। दो माह से राशन वितरण नहीं होने से पब्लिक को महंगे भाव से राशन खरीदना पड़ रहा था। डिपो पर बंद हो चुकी चीनी इस बार राशन डिपो पर जाएगी। 40 रुपए किग्रा वाली चीनी डिपो पर साढ़े 13 रुपए किलोग्राम के हिसाब से बीपीएल और गुलाबी कार्ड धारकों को मिलेगी। इसी तरह 90 रुपए किलो सरसों का शुद्ध तेल राशन डिपो पर 20 रुपए किलोग्राम के हिसाब से बांटा जाएगा।

सरकारी कर्मचारी को आगे बढ़ने के लिए एनओसी की जरूरत नहीं, सिर्फ अपने विभाग को सूचित करें

मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्‌टर ने शनिवार को करनाल में श्रमिक जागरूकता सम्मान समारोह में आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपना भाषण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन साल में ढाई लाख नौकरी दे चुके हैं। एक लाख नौकरी और दी जाएंगी (इनमें परमानेंट और कांट्रेक्ट रोजगार शामिल हैं)। रोजगार उपलब्ध करवाना हमारी प्राथमिकता है, लेकिन पर्ची के चक्कर में न घूमना। मेरिट के आधार पर नौकरी देने से जनता की सेवा कर सकेंगे। पर्ची वाले नौकरी ले जाते हैं, लेकिन काम नहीं आने के कारण पब्लिक को परेशान करते हैं। सीएम ने बेरोजगारी को खत्म करने का दावा किया। सरकारी कर्मचारी को यदि किसी भर्ती में आगे बढ़ने का चांस है तो उन्हें विभाग से भर्ती में खड़े होने के लिए एनओसी लेने की जरूरत नहीं है, बल्कि संबंधित डिपार्टमेंट को सूचित करना होगा।


नीयत साफ है, परिवारवाद को बढ़ावा नहीं
सीएम मनोहरलाल ने कहा कि पिछली सरकारों ने 10 साल में योजनाएं भले ही बनाई हों, लेकिन कोई भी योजना धरातल पर नहीं उतारी गई। श्रमिकों में 10 साल में पिछली सरकारों ने 28 करोड़ रुपए बांटे थे, जबकि हम तीन साल में ही 250 करोड़ रुपए बांट चुके हैं। नए साल पर करनाल में 11 करोड़, सोनीपत में 28 करोड़ सहित अन्य जिलों में भी 8 से 10 करोड़ रुपए बांटे जाने हैं। नीयत साफ है, जनता की सेवा के लिए अग्रसर हैं। परिवारवाद को बढ़ावा नहीं देते।

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