--Advertisement--

राख के ढेर में बदल गए दो मजदूर, बेल्ट के हुक ; बाइक की चाबी से ऐसे हुई पहचान

मजदूर को फैक्ट्री के पिछले हिस्से में स्टोर रूम के पास हड्डी का टुकड़ा मिला था।

Danik Bhaskar | Jan 10, 2018, 04:07 AM IST
शिवनगर के रिहायशी क्षेत्र में भगवती एक्सपोर्ट फैक्ट्री में 30 दिसंबर को हादसा हुआ था। शिवनगर के रिहायशी क्षेत्र में भगवती एक्सपोर्ट फैक्ट्री में 30 दिसंबर को हादसा हुआ था।

पानीपत. रिहायशी एरिया में भगवती एक्सपोर्ट फैक्ट्री में आग लगने के बाद मलबे में दबे श्रमिक यूपी के सोनू और नंदू के शवों के अवशेष 11वें दिन मंगलवार को मिले। इनकी पहचान बेल्ट के हुक, बाइक की चाबी, की-रिंग, जले हुए मोबाइल फोन, जींस की पेंट के बटन से हुई है। अवशेषों को फॉरेंसिक लैब में भेजा जाएगा। वहीं, मलबा हटाने का काम अब भी जारी है। शव के अवशेष भी मिले...

मंगलवार दोपहर सवा 2 बजे एसडीएम विवेक चौधरी मौके पर पहुंचे। मजदूर रामपाल को फैक्ट्री के पिछले हिस्से में स्टोर रूम के पास हड्डी का टुकड़ा मिला। रामपाल ने चौकी इंचार्ज वीरेंद्र सिंह को सूचना दी। पुलिस ने इसी जगह से मलबे को हटवाना शुरू किया। स्टोर रूम के पास सीढ़ियों के नीचे से सोनू और नंदू की पहचान करने वाली वस्तुएं मिलीं। यहीं शव के अवशेष भी थे। परिजनों को सामान की पहचान कराई तो यह सोनू पाठक का मिला। पुलिस ने इससे 5 गज की दूरी पर ही लेटर के टुकड़े को काटने के लिए गैस कटर मंगवाई को मलबा हटाना शुरू किया। यहां भी शव के कुछ अवशेष और एक अंगूठी, साइकिल अलमारी की चाबी मिली। यह सामान नंदू का था। पुलिस ने एफएसएल को मौके पर बुलाया। इस पूरे वाक्या की वीडियोग्राफी की गई।

30 दिसंबर को शॉर्ट सर्किट से लगी थी आग
30 दिसंबर शाम को फैक्ट्री में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। उस वक्त फैक्ट्री में 12 श्रमिक थे। श्रमिकों ने पहले अपने स्तर पर आग पर काबू पाने का प्रयास किया था, मगर आग अधिक फैल गई थी। पहली मंजिल पर मशीन चला रहा नंदू निवासी गांव दुल्ला खेड़ी बदायूं जिले के रामपुर गांव का सोनू फंस गया था। आग लगने के बाद फैक्ट्री गिर गई थी। साथ वाली दो इमारतें भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। पुलिस ने अगले दिन दोनों इमारतों को भी ढहा दिया था। गलियां संकरी होने फैक्ट्री तीन तरफ से घिरी होने के कारण 11 दिन तक भी मलबा नहीं हटाया जा सका था। आखिरकार मंगलवार को नंदू सोनू के शव के अवशेष मिले।

जान गंवाने वाले दोनों श्रमिकों का नहीं मिला पीएफ रिकाॅर्ड
श्रमिक सोनू और नंदू का पीएफ विभाग को रिकाॅर्ड नहीं मिला है। पीएफ असिस्टेंट कमिश्नर ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ 7 का मामला दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को दोनों के अवशेष मिले। मजदूरों का रिकाॅर्ड जांचने और फैक्ट्री में कितने मजदूर काम कर रहे हैं, इसकी जांच के लिए पीएफ के असिस्टेंट कमिश्नर अमित नैन ने अपनी टीम को मौके पर भेजा था। पता चला है कि फैक्ट्री के अंदर बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे।

लेकिन पीएफ विभाग के पास फैक्ट्री मालिक ने केवल 4 मजदूरों का पीएफ रिकाॅर्ड जमा करवा रखा था। उनके पैसे जमा होते थे, लेकिन काफी समय से उनके मामले में भी वह डिफाॅल्टर चल रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों ही मजदूरों का नाम फैक्ट्री मालिक के रिकाॅर्ड में नहीं मिला और पीएफ विभाग के पास भी इनका कोई पीएफ का पैसा नहीं जमा होता था। इसलिए उन्होंने फैक्ट्री मालिक पर पीएफ कानून का उल्लंघन करने के आरोप में 7 का मामला दर्ज कर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।

परिजन भेजें फाइल
पीएफ असिस्टेंट कमिश्नर अमित नैन ने मृतकों के परिजनों से कहा है कि वो मरने वालों के दस्तावेज के साथ फाइल बना कार्यालय में जमा करवाएं। इससे उनको 6-6 लाख रुपए की आर्थिक मदद मिल सकती है और परिजनों की पेंशन भी शुरू हो जाएगी। परिजनों को रिकाॅर्ड के साथ प्रस्तुत होना होगा।

11वें दिन मलबे में दबे दो श्रमिकों के शवों के अवशेष मिले हैं। 11वें दिन मलबे में दबे दो श्रमिकों के शवों के अवशेष मिले हैं।
श्रमिक सोनू श्रमिक सोनू
श्रमिक सोनू श्रमिक सोनू
राख में पहचान ढ़ूंढ़ते लोग। राख में पहचान ढ़ूंढ़ते लोग।
मौके पर जमा हुई भीड़। मौके पर जमा हुई भीड़।
बेल्ट देखता हुआ व्यक्ति। बेल्ट देखता हुआ व्यक्ति।
पुलिस भी काम में देर तक लगी रही। पुलिस भी काम में देर तक लगी रही।
मृतकों के परिजन अपनों के चेहरे भी नहीं देख पाए। मृतकों के परिजन अपनों के चेहरे भी नहीं देख पाए।