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​3 अप्रैल को संसद कूच करेंगे बिजली कर्मचारी, बिजली संशोधन बिल का विरोध

पैंशन स्कीम वापस लेने और ठेका प्रथा बंद करने की भी है मांग।

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 07:56 PM IST

चंडीगढ़। बिजली संशोधन बिल-2014 व नेशनल पैंशन स्कीम को वापस लेने और ठेका प्रथा समाप्त कर ठेका कर्मियों को पक्का करने समेत अनेक मांगों को लेकर बिजली कर्मचारी और इंजीनियर 3 अप्रैल को दिल्ली में संसद पर प्रदर्शन करेंगे। नेशनल कोअॉर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रीसिटी इम्पलाइज एंड इंजीनियर के आह्वान होने वाले इस प्रदर्शन में ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन, ऑल इंडिया पावर इंजीनियर फेडरेशन और ऑल इंडिया पावर डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन से जुड़े कर्मचारी भाग लेंगे।

- इलेक्ट्रीसिटी इम्पलाइज फैडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा और सचिव नरेश कुमार ने बताया की बिजली कानून -2003 के बाद लागू की गई नीतियों के कारण बिजली बोर्डो का घाटा व कर्जा बढ़कर 30 हजार करोड़ से 9 लाख करोड़ का हो गया है ।
- इसकी समीक्षा करने व आऊटसोर्सिंग की नीतियों पर रोक लगाने की बजाय एनडीए सरकार बजट सत्र में बिजली संशोधन बिल -2014 को पारित कराके वितरण प्रणाली को भी निजी हाथों में सौंपना चाहती है।
- इससे सब्सिडी व क्रॉस सब्सिडी समाप्त हो जाएगा। बिल पारित होने पर कर्मचारियों व अधिकारियों को सेवा पर भी छंटनी की तलवार लटक जाएगी । क्योंकि वितरण प्रणाली निजी हाथों में होगी तो सरकारी कर्मचारियों के लिए काम ही नहीं होगा ।
- ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन के प्रधान सुरेश राठी व चेयरमैन देवेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया की सातवें वेतन आयोग की सलाह के बावजूद केंद्र सरकार जनवरी -2004 से लागू की गई नेशनल पैंशन स्कीम (एनपीएस) को वापस लेने व पुरानी पैंशन स्कीम बहाल करने को तैयार नहीं है ।
- जिसके कारण कर्मचारियों में सरकार के खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया की आऊटसोर्सिंग की नीतियों से भ्रष्टाचार व उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती जा रही है ।
- ठेका कंपनियों द्वारा ठीक रिडिंग न लेने, गलत बिल बनाने व बिलों का ठीक वितरण न होने से बिलों की बकाया राशि व उपभोक्ताओं की परेशानियों बढ़ रही है।