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निजी कंपनियों ने कम सेलरी पर रखे अनट्रेंड कर्मी, 1234.5 को लिख रहे 12345 यूनिट, पॉइंट के फेर में आ रहे मोटे बिल

हरियाणा के 60 लाख बिजली कनेक्शनधारी उपभोक्ता इन दिनों बिलों की समस्या से जूझ रहे हैं।

Danik Bhaskar | Dec 10, 2017, 03:14 AM IST

पानीपत. हरियाणा के 60 लाख बिजली कनेक्शनधारी उपभोक्ता इन दिनों बिलों की समस्या से जूझ रहे हैं। तीन महीने से उन्हें प्रॉपर बिल नहीं मिल रहे हैं और जो मिल रहे हैें वह भी बढ़ाचढ़ा कर दिए जा रहे हैं। इसे सुधारने के लिए उपभोक्ता आए दिन सब डिवीजन, हेड ऑफिस, जेई और लाइनमैन के चक्कर काट रहे हैं। समस्या के समाधान के लिए उपभोक्ताओं को सुविधा शुल्क भी देना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं की इस परेशानी का कारण सरकार का ही एक फैसला बन रहा है।
सरकार ने हाल ही में बिजली बिल वितरण की नई व्यवस्था की है। इसके तहत सर्किल के अनुसार निजी कंपनियों को बिजली बिल वितरण का ठेका दिया है। ये कंपनियां पुराने कर्मचारियों को हटाकर कम सेलरी में बिल वितरण के लिए नए कर्मचारी रख रही हैं। लेकिन इन कर्मचारियों को सही ट्रेनिंग नहीं दी जा रही है। ये कर्मचारी रीडिंग नोट करने में बड़ी गड़बड़ियां कर रहे हैं। ये जिन घरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं वहां पिछले दो तीन बिलों के हिसाब से औसतन बिल भिजवा दे रहे हैं। जहां जा रहे हैं वहां रीडिंग नोट करने में भारी गड़बड़ी हो रही है। 110 यूनिट को 1100 यूनिट बना देते हैं और 1234.5 यूनिट को 12345 लिख दिया। इससे उपभोक्ताओं के पास भारी भरकम बिल पहुंच गया। ऐसे उपभोक्ता बिल ठीक कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं। समय पर बिल न मिल पाने के कारण उपभोक्ताओं पर जुर्माना लग रहा है। उनके टैरिफ का लेवल बदल जा रहा है, जिससे उनकी यूनिट के रेट भी महंगे हो जा रहे हैं। इसके अलावा उन्हें बिल लेट जमा करने की पेनल्टी भी भरनी पड़ रही है। पानीपत में बिजली निगम एसई वीएस मान खुद मानते हैं कि बिलों में गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही हैं। हम जांच करवा रहे हैं, कंपनी की तरफ से गलती मिली तो पेनल्टी लगाई जाएगी।

30% बिल भेजे जा रहे औसतन
नई एजेंसी के कर्मचारी उपभोक्ता की लोकेशन ट्रैस नहीं कर पा रहे हैं। कई सबडिवीजनों में तो लास्ट डेट निकलने के बाद भी बिल नहीं पहुंचे। एजेंसियों ने पैसे बचाने के चक्कर में मैनपावर भी कम रखी है। जहां पर मीटर रीडर नहीं पहुंच पाता, उस कंज्यूमर का पिछले बिल के हिसाब से एवरेज रीडिंग का बिल बनाया जा रहा है। प्रदेश मेें करीब 30 प्रतिशत ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके पास औसतन बिल पहुंच रहा है।
स्लैब बदले से पड़ रही दोहरी मार
नियमानुसार तो बिल 60 दिन का आता है, लेकिन अब जो नई एजेंसी बिल बना रही है, वह 90 और 100 दिन में पहुंच रहा है। यानि तीन माह का बिल। 100 दिन के बिल में रीडिंग अधिक हो जाती हैं। इससे कंज्यूमर पर रीडिंग के अधिक होने से टैरिफ व एफएसए अधिक लग रहा है। ऐसे में कंज्यूमर के पास जो बिल आ रहे हैं वो काफी ज्यादा पहुंच रहे हैं। जैसे पहले किसी का 2 हजार बिल आता था, तो वह अब 5000 आ रहा है। जबकि इसमें कंज्यूमर की कोई गलती नहीं हैं।

इन 5 जिलों से समझिए बिल वितरण का हाल

कैथल: 1001 यूनिट को बनाया 10010, नौ चक्कर के बाद हुआ ठीक

गांव कौल निवासी रोशन लाल बताते हैं कि उनके मीटर रीडिंग 1001 यूनिट थी। कंपनी के कर्मचारी ने उसे बिल में 10,010 यूनिट दिखाकर 70 हजार रुपए का बिजली बिल भेजा। इसको ठीक करवाने के लिए उसने नौ चक्कर लगाए। तब जाकर बिल ठीक हुआ। इसी तरह गांव तारागढ़ निवासी वेदप्रकाश ने बताया कि इस बार उनका बिजली बिल 21,090 रुपए आया है। जो पिछले बार 920 रुपए था। ठीक कराने के लिए लगातार चक्कर काट रहा हूं। एक अन्य मीटर में 1234.5 रीडिंग थी। इसे कर्मचारियों ने 12345 लिख दिया। इससे 11,110.5 रीडिंग ज्याद निकली। ऐसे में करीब 55 हजार बिल ज्यादा आया।

इंचार्ज बोले- अक्टूबर से संभाला है काम
टीडीएस कंपनी के जिला इंचार्ज बलविंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने जिले में एक अक्टूबर से काम संभाला है। जो रिकॉर्ड उन्हें मिला, उसमें पुरानी रीडिंग थी। उससे आगे जो रीडिंग निकली हुई थी। उनके अनुसार बिलों को भेजा है। शुरूआत में कुछ परेशानी थी, जिसे ठीक किया जा रहा है।

भिवानी : बंद मकान का भेजा एक लाख का बिल

धारेडू निवासी सुदर्शन भारद्वाज ने बताया कि गांव में पिता के नाम से लगे मीटर पर निगम ने 1 लाख रुपये का बिल भेजा है। अप्रैल 2017 से उनका परिवार भिवानी में विद्या नगर में रह रहा हैं।

सिरसा : एचईएसएल के कर्मी नहीं बना पा रहे बिल
सिरसा जिले में एचईएसएल कंपनी को दो साल का ठेका मिला है। बिल समय पर नहीं पहुंच रहे। कमलेश रानी निवासी कल्याण नगर की मीटर रीडिंग 143 यूनिट थी। जबकि मीटर रीडर ने 943 यूनिट दर्शायी।

सोनीपत: बढ़ा बिल पुराने कर्मियों पर थोपा

बिलिंग का कार्य आर्यन कंपनी को दिया गया है, जबकि कलेक्शन का कार्य ई-बे द्वारा किया जा रहा है। बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के घर बिजली बिल नहीं पहुंचने की शिकायतें दर्ज हुई हैं। पहले उपभोक्ताओं का जो बिल दो हजार रुपए का अाता था, वह इस बार सात हजार रुपए तक का आया है। जिसके पीछे दलील है कि पहले रीडिंग लेने वाले कर्मी घर बैठकर ही रीडिंग अपलोड करवा देते थे। शेष रीडिंग रह जाती थी। नई कंपनी ने पूरी रीडिंग अपलोड की, जिससे बिल बढ़ गया।

फरीदाबाद: 143 यूनिट का दिया 63 लाख बिल
फरीदाबाद के एनएच-2 ई ब्लॉक निवासी हरीशचंद्र का हर बार बिजली का बिल 3 से 4 हजार रुपए के बीच आता था। उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीने से उनका बिल नहीं आया था। ऐसे में वे खुद ही बिजली दफ्तर पहुंचे। यहां उन्होंने एकाउंट नंबर से अपना नया बिल निकलवाया। बिल देखकर उनके होश उड़ गए। बिल में उन्हें 143 यूिनट का 63 लाख 51 हजार 313 रुपए का बिल बनाया हुआ था। बाद में इस ठीक कराने के लिए कई बार एसडीओ व जेई के चक्कर लगाने पड़े।

सोनीपत: बढ़ा बिल पुराने कर्मियों पर थोपा

बिलिंग का कार्य आर्यन कंपनी को दिया गया है, जबकि कलेक्शन का कार्य ई-बे द्वारा किया जा रहा है। बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के घर बिजली बिल नहीं पहुंचने की शिकायतें दर्ज हुई हैं। पहले उपभोक्ताओं का जो बिल दो हजार रुपए का अाता था, वह इस बार सात हजार रुपए तक का आया है। जिसके पीछे दलील है कि पहले रीडिंग लेने वाले कर्मी घर बैठकर ही रीडिंग अपलोड करवा देते थे। शेष रीडिंग रह जाती थी। नई कंपनी ने पूरी रीडिंग अपलोड की, जिससे बिल बढ़ गया।

ये कंपनियां कर रही हैं काम

पानीपत बीसीआईटीएस
भिवानी सीआईपीएल
फरीदाबाद बीसीआईटीएस
सिरसा में एचईएसएल
कैथल टीडीएस
रेवाड़ी एक्ससर्विस लीग कंपनी
सोनीपत आर्यन कंपनी
हिसार एनवाईजी