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विदेशी से ज्यादा देशी पहलवानों से मिलेगी चुनौती

राष्ट्रमंडल कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों के नाम 30 में से 29 स्वर्ण पदक।

Dainik Bhaskar

Dec 29, 2017, 04:52 AM IST
Challenges from native wrestlers More than foreigners

सोनीपत. राष्ट्रमंडल कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों के नाम 30 में से 29 स्वर्ण पदक। एक ऐसा अभूतपूर्व प्रदर्शन जिसके बाद अगले साल होने वाले राष्ट्रमंडल खेल के बजाए पहलवानों के दिमाग में है अपने ही साथी खिलाड़ियों से मिलने वाली चुनौती।

पहलवानों का कहना है कि राष्ट्रमंडल खेलों में कहीं ज्यादा कड़ी प्रतिस्पर्धा अपने साथी खिलाड़ियों के बीच है, ऐसे में शुक्रवार से शुरू होने वाली चयन ट्रायल प्रक्रिया को लेकर पहलवान इस कदर गंभीर है कि साई कैंप के छुट्‌टी के बावजूद भी अभ्यास में जुटे हुए हैं। हालांकि इस बार पहलवानों को साई सोनीपत में अपने घरेलू समर्थकों के बजाए यह चुनौती दिल्ली में होगी। पुरुष खिलाड़ियों के ट्रायल आज दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में होंगे। वहीं महिला पहलवानों का चयन 30 दिसंबर को साई सेंटर लखनऊ में आयोजित होगा।

सुशील कुमार पर रहेंगी निगाहें
कुश्ती की नेशनल चैंपियनशिप में वाकओवर के चलते सुशील पर जो सवाल खड़े किए थे, उसका जवाब उन्होंने राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में दे दिया, लेकिन अब असल चुनौती है, क्योंकि ओलिंपिक के बाद हर खिलाड़ी का सपना है कि वह राष्ट्रमंडल खेलों का हिस्सा बने। सुशील कुमार को यहां मुख्य रूप से प्रवीन राणा से चुनौती मिलने की संभावना है, जिसे उन्होंने हाल ही में 5-4 से पराजित किया था।

राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रदर्शन
इससे पहले 20वें राष्ट्रमंडल खेलों के कुश्ती में बेहतरीन प्रदर्शन करके भारत ने 13 पदक जीते थे, जिनमें पांच स्वर्ण शामिल हैं, जबकि 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में 24 मेडल भारत ने जीते थे।

राष्ट्रमंडल से पहले एशियाई स्पर्धा में दिखाएंगे दमखम अप्रैल में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों से पहले भारतीय पहलवान फरवरी में होने वाली एशियाई कुश्ती प्रतियोगिता में अपना दमखम दिखाएंगे। राष्ट्रमंडल में जहां फ्री स्टाइल एवं ग्रीको रोमन की ही टीमें भाग लेंगी तो वहीं एशियाई चैंपियनशिप में फ्री स्टाइल, ग्रीको रोमन व महिला टीमें हिस्सा लेंगी।

ट्रायल को लेकर पहलवानों के दावे

- प्रो कुश्ती लीग में अपने वजन से ज्यादा में आवेदन करने के कारण लीग में नहीं चुने गए नेशनल चैंपियन पवन कुमार उसे भूल चुके हैं, उनका कहना है कि उनके दिमाग में सिर्फ और राष्ट्रमंडल खेल है, जिसके लिए वे पूरी तरह से तैयार है।
- एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले मौसम खत्री और हाल ही में विभिन्न राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर के दंगलों में जीत दर्ज कर ख्याति हासिल करने वाले कृष्ण सरोहा का कहना है कि वे फिट हैं व ट्रायल में आजमाइश के लिए तैयार भी हैं।
- ओलिंपिक में भारत की ओर से सबसे कम उम्र के पहलवान बने अमित दहिया का हालिया प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा है, लेकिन साई सेंटर सोनीपत में उन्होंने निरंतर पसीना बहाकर यह जताने का प्रयास किया कि वे राष्ट्रमंडल के ट्रायल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे, उन्हें राहुल अवारे एवं संदीप से कड़ी चुनौती मिलनी तय है।
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