• Home
  • Haryana
  • Panipat
  • children who were separated from the mother in the train from Delhi met in Panipat
--Advertisement--

डेढ महीने बाद मां से मिले भाई-बहन, ट्रेन में खेलते हुए पहुंचे गए थे पानीपत

सात महीने पहले 8 साल का बेटा अमन लापता हो गया।

Danik Bhaskar | Dec 13, 2017, 07:44 AM IST

पानीपत. सात महीने पहले 8 साल का बेटा अमन लापता हो गया...वो मिला भी नहीं था कि डेढ़ माह पहले 5 साल की बेटी सपना और 4 साल का बेटा कर्ण भी मां यशोदा से बिछड़ गए। सोमवार को बच्चों के मिलने की फोन कॉल ने मां के चेहरे की मुस्कान लौटा दी। सीजेएम एवं डीएलएसए के सचिव मोहित अग्रवाल ने वीडियो कॉलिंग से बच्चों और मां की बात कराई।

बच्चे रोते हुए मां से यूं गले से लिपट गए

- दिल्ली से मंगलवार को मां पानीपत पहुंची। बच्चे रोते हुए मां से लिपट गए। मां ने उन्हें सेब, नमकीन और बिस्कुट देकर छाती से लगा लिया। मां ने बताया कि दोनों बच्चे खेलते खेलते लापता हो गए थे। जो ट्रेन में बैठ पानीपत पहुंच गए थे। सपना और कर्ण 28 अक्टूबर को रेलवे स्टेशन पर मिले थे। जीआरपी ने उन्हें बाल अनाथालय भेज दिया था।

- 14 दिन पहले वे अनाथालय में बच्चों से मिले थे। केयर टेकर अौर बाल कल्याण समिति के पदाधिकारी बोले कि बच्चे कुछ बता नहीं पा रहे हैं। केयर टेकर दोनों बच्चों को लेकर सीजेएम के ऑफिस पहुंची।

- सीजेएम ने पूछा तो बच्चों ने अपना, माता-पिता का नाम बता दिया। पता पूछा तो सब्जी मंडी बताया। ट्रेन से पानीपत आने की बात कही। बच्चों ने बताया कि पिता ननेश मातो सब्जी लाते हैं और मां मंडी में बेचती है।

- इस आधार पर दिल्ली आजादपुर मंडी के पास के महेंद्र पार्क थाने का नंबर मिला। वहां से सब्जी मंडी चौकी का नंबर लिया। वहां पता चला कि सपना और कर्ण लापता हैं। इसके बाद पुलिस बच्चे की मां को लेकर आई।