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CM बोले-कोई NHM कर्मी नहीं किया बर्खास्त, स्वास्थ्य विभाग ने 4500 को थमाया टर्मिनेशन लेटर

मगर स्वास्थ्य महकमे की इस कार्रवाई और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर की बयानबाजी में कुछ अंतर नजर आ रहा है।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 14, 2017, 05:42 AM IST

CM बोले-कोई NHM कर्मी नहीं किया बर्खास्त, स्वास्थ्य विभाग ने 4500 को थमाया टर्मिनेशन लेटर

पानीपत।समान काम, समान वेतन, सेवा नियमों, नियमितिकरण की पाॅलिसी लागू करने की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे एनएचएम कर्मचारियों पर स्वास्थ्य महकमे ने बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक करीब 4500 एकनएचएम कर्मियों को टर्मिनेशन लेटर जारी हो चुकी है। मगर स्वास्थ्य महकमे की इस कार्रवाई और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर की बयानबाजी में कुछ अंतर नजर आ रहा है।


मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा था कि हमने 4000 कर्मचारियों को बर्खास्त कर नई भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 500 से ज्यादा कर्मचारी बुधवार को भी बर्खास्त किए गए। उनका बाकायदा टिर्मनेशन लेटर जारी हुआ है। वहीं, बुधवार को ही रोहतक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि अभी कोई एनएचएम कर्मचारी बर्खास्त नहीं किया गया है, गुरुवार को हम बैठक लेकर इस पर फैसला करेंगे। उन्होंने कहा कि एनएचएम योजना के तहत प्रदेश सरकार का 40 प्रतिशत शेयर है। इसके अनुसार कर्मचारियों को सातवें पे कमीशन का लाभ देने के लिए 14 प्रतिशत मानदेय बढ़ाया गया है। शेष कई मांगों पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार किया गया है। एनएचएम कर्मचारियों को बर्खास्त नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें चेतावनी दी गई है, यदि वे काम पर लौटते हैं तो यह प्रदेश हित में होगा। इस मामले को लेकर गुरुवार को बैठक की जाएगी। इसमें आगामी निर्णय लिया जाएगा। उधर, कुरुक्षेत्र में दिहाड़ी पर ड्राइवर रखकर सेवाएं ली जाने लगी हैं, जबकि फरीदाबाद में टर्मिनेशन के बाद ड्राइवराें की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। उधर, तमाम कर्मचारी संगठनों ने भी एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन शुरू कर दिया है।

गेस्ट टीचर्स ने दिया एनएचएम कर्मियों को समर्थन
इधर, गेस्ट टीचरों ने भी एनएचएम कर्मियों की हड़ताल को अपना समर्थन दे दिया है। इन्होंने कहा है कि सभी कच्चे कर्मचारी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर यह लड़ाई लड़ेंगे। कच्चे कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र शास्त्री ने यहां जारी एक बयान में कहा कि सभी विभागों के कच्चे कर्मचारी मिलकर सरकार के खिलाफ आऱ-पार की लड़ाई लड़ेंगे। गेस्ट टीचरों के प्रदेश प्रवक्ता अजय लोहान ने कहा कि प्रदेशभर में सभी कच्चे कर्मचारी तहसील स्तर पर वीरवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले 43 दिन से गेस्ट टीचर भी नियमित करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं।

सर्व कर्मचारी संघ 15 को जिलों में करेगा प्रदर्शन
हड़ताली एनएचएम कर्मचारियों के समर्थन में अब सर्व कर्मचारी संघ और सीटू जैसे संगठन भी उतर आए हैं। इन संगठनों ने 15 दिसंबर को सभी जिला मुख्यालयों पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश महासचिव सुभाष लांबा ने बुधवार को कहा कि इन विरोध प्रदर्शनों में सभी सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों, नगरीय निकायों, विवि और अन्य संस्थाओं के कर्मचारी शामिल होंगे। सीआईटीयू के प्रधान कामरेड सतबीर सिंह ने कि अगर सरकार ने समाधान नहीं किया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

कुरुक्षेत्र में नौ दिनों से हड़ताल पर बैठै एनएचएम के कुछ कर्मियों केा बर्खास्त करने के बाद विभाग ने जिले की 17 एंबुलेंस चलाने के लिए 500 रुपए प्रति दिन दिहाड़ी के हिसाब से चालक रखने शुरू कर दिए। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. एनपी सिंह ने माना कि बुधवार को 15 कर्मचारी ज्वाइन करने पहुंचे लेकिन विभाग सभी हड़ताली कर्मियों को बर्खास्त कर चुका है। ऐसे में उनके बारे में अब फैसला आलाधिकारी लेंगे। जिनके आवेदन आए हैं, उन्हें महानिदेशक की अनुमति के बाद ही ज्वाइन कराया जाएगा।

सरकार नहीं लगा पा रही एस्मा

यूं तो चिकित्सा सेवाएं अति आवश्यक सेवाओं में शामिल हैं। लेकिन, राज्य की भाजपा सरकार इन्हें बनाए रखने के लिए एस्मा केवल इसलिए लागू नहीं कर पा रही, क्योंकि हड़ताल पर भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) समर्थित यूनियन ही है। इधर, सर्व कर्मचारी संघ और सीटू ने राज्य सरकार पर एनएचएम कर्मचारियों की यूनियन को तोड़ने का आरोप लगाया है। नई यूनियन की बीएमएस के साथ यह कहकर संबद्धता कराई गई थी कि उनकी समस्याओं का जल्दी समाधान किया जाएगा।

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