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फैक्ट्री में आग लगने के बाद मलबे में दबे कर्मचारी, हटाने का काम अब भी जारी

मलबा हटाने का काम अब भी जारी है। ये था मामला...

Danik Bhaskar | Jan 10, 2018, 05:39 AM IST

पानीपत. रिहायशी एरिया में भगवती एक्सपोर्ट फैक्ट्री में आग लगने के बाद मलबे में दबे श्रमिक यूपी के सोनू और नंदू के शवों के अवशेष 11वें दिन मंगलवार को मिले। इनकी पहचान बेल्ट के हुक, बाइक की चाबी, की-रिंग, जले हुए मोबाइल फोन, जींस की पेंट के बटन से हुई है। अवशेषों को फॉरेंसिक लैब में भेजा जाएगा। वहीं, मलबा हटाने का काम अब भी जारी है। ये था मामला...

मंगलवार दोपहर सवा 2 बजे एसडीएम विवेक चौधरी मौके पर पहुंचे। मजदूर रामपाल को फैक्ट्री के पिछले हिस्से में स्टोर रूम के पास हड्डी का टुकड़ा मिला। रामपाल ने चौकी इंचार्ज वीरेंद्र सिंह को सूचना दी। पुलिस ने इसी जगह से मलबे को हटवाना शुरू किया। स्टोर रूम के पास सीढ़ियों के नीचे से सोनू और नंदू की पहचान करने वाली वस्तुएं मिलीं। यहीं शव के अवशेष भी थे। परिजनों को सामान की पहचान कराई तो यह सोनू पाठक का मिला। पुलिस ने इससे 5 गज की दूरी पर ही लेटर के टुकड़े को काटने के लिए गैस कटर मंगवाई को मलबा हटाना शुरू किया। यहां भी शव के कुछ अवशेष और एक अंगूठी, साइकिल अलमारी की चाबी मिली। यह सामान नंदू का था। पुलिस ने एफएसएल को मौके पर बुलाया। इस पूरे वाक्या की वीडियोग्राफी की गई।

30 दिसंबर को शॉर्ट सर्किट से लगी थी आग
30 दिसंबर शाम को फैक्ट्री में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। उस वक्त फैक्ट्री में 12 श्रमिक थे। श्रमिकों ने पहले अपने स्तर पर आग पर काबू पाने का प्रयास किया था, मगर आग अधिक फैल गई थी। पहली मंजिल पर मशीन चला रहा नंदू निवासी गांव दुल्ला खेड़ी बदायूं जिले के रामपुर गांव का सोनू फंस गया था। आग लगने के बाद फैक्ट्री गिर गई थी। साथ वाली दो इमारतें भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। पुलिस ने अगले दिन दोनों इमारतों को भी ढहा दिया था। गलियां संकरी होने फैक्ट्री तीन तरफ से घिरी होने के कारण 11 दिन तक भी मलबा नहीं हटाया जा सका था। आखिरकार मंगलवार को नंदू सोनू के शव के अवशेष मिले।