Hindi News »Haryana »Panipat» FIR Registered Against Two Doctors Of Fortis Hospital Medical Negligence

इलाज में लापरवाहीः गुड़गांव फोर्टिस अस्पताल के दो डॉक्टरों पर मामला दर्ज

हद्य रोगी महिला की हुई थी इलाज के दौरान मौत। पति ने लगाया लापरवाही का आरोप।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Mar 30, 2018, 04:36 PM IST

इलाज में लापरवाहीः गुड़गांव फोर्टिस अस्पताल के दो डॉक्टरों पर मामला दर्ज
  • मई 2017 का है मामला- डॉक्टरों ने समय पर इमरजेंसी लाइफ सेविंग मेडिसन नहीं दी।
  • फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टर एसएस मूर्ति और वी नागा राजू के खिलाफ मामला दर्ज।

गुड़गांव। सात वर्ष की बच्ची आद्या की मौत के बाद सुर्खियों में आए फोर्टिस अस्पताल पर एक बार फिर इलाज में लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है। मामला मई 2017 का है। जांच रिपोर्ट आने के बाद गुड़गांव के सुशांत लोक थाने में अस्पताल के दो डॉक्टरों पर मामला दर्ज किया गया है।

सही निकले मृतक महिला के पति के आरोप

- गुड़गांव पुलिस पीआरओ रविंद्र कुमार ने बताया कि मई 2017 में 51 साल की महिला सीमा घई को हार्ट की समस्या के चलते फोर्टिस अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
- उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मृतक महिला के पति का आरोप था कि उनकी पत्नी दर्द से तड़प रही थी। लेकिन फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टरों ने समय पर इमरजेंसी लाइफ सेविंग मेडिसन नहीं दी। जिस वजह से उनकी मौत हो गई। इसके बाद उन्होंने अस्पताल के खिलाफ शिकायत दी।

जांच में लापरवाही उजागर

- पुलिस ने इसकी जांच सिविल सर्जन गुड़गांव से करवाई गई।
- सिविल सर्जन ने फरवरी 2018 में रिपोर्ट दी कि फोर्टिस अस्पताल में उस दौरान एमरजेंसी में जो डॉक्टर मौजूद थे, उनकी लापरवाही की वजह से मरीज की मौत हुई।
- पीआरओ रविंद्र कुमार ने बताया कि उनकी सिफारिश के बाद फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टर एसएस मूर्ति और वी नागा राजू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

आद्या के केस में डेंगू के मामले में थमाए थे 15 लाख रुपये के बिल

- दिल्ली के द्वारका की रहने वाली सात की आद्या को 27 अगस्त 2017 को बुखार हुआ था। इसके बाद 31 अगस्त को उसे गुड़गांव के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसे 15 दिन रखा गया। बच्ची की 14 सितंबर को मौत हो गई।
- अस्पताल प्रशासन ने उसके परिजनों को 15 लाख रुपए से ज्यादा का बिल थमा दिया था। बाद में यह मामला सामने आया तो हरियाणा सरकार ने इसकी जांच कराई। जांच के बाद अस्पताल प्रशासन के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई।
- इस मामले में भी पहले डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था लेकिन बाद में फोर्टिस अस्पताल का नाम भी एफआईआर में जोड़ा गया था।
- इस मामले में हरियाणा फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने फोर्टिस अस्पताल के ब्लड बैंक और आईपीडी फार्मेसी का लाइसेंस भी सस्पेंड किया था।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Panipat

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×