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किडनैपर्स ने 8 साल के बच्चे को रातभर घुमाया, यूं टॉयलेट के बहाने भागा मासूम

कार सवार चार बदमाशों ने 8 साल के बच्चे रौनक को किडनैप कर लिया।

Danik Bhaskar | Dec 20, 2017, 06:48 AM IST
पिता के साथ 8 साल का रौनक। पिता के साथ 8 साल का रौनक।

कुरूक्षेत्र. गांव बात्ता से कार सवार चार बदमाशों ने 8 साल के बच्चे रौनक को किडनैप कर लिया। किडनैपर्स रातभर बच्चे को कार में लेकर कुरुक्षेत्र एरिया में घूमते रहे। बच्चे ने समझदारी दिखाते हुए टॉयलेट का बहाना बनाया और कार से बाहर निकलकर आरोपियों का ध्यान इधर-उधर हुआ तो वह गेहूं में छिप गया।

- कोहरा ज्यादा होने से आरोपी उसे ढूंढ नहीं पाए और बच्चे ने काफी दूर पैदल चलने के बाद ढाबे पर मदद मांगी और पिता के पास फोन कर दिया। कलायत थाना पुलिस अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज करके आरोपियों की तलाश कर रही है।

- घर पहुंचने के बाद रौनक ने बताया कि सोमवार को वह गांव में मंदिर के पास खेल रहा था चार लोग कार में उसका अपहरण कर ले गए। उसके मुंह को कपड़े से बांध दिया गया। आरोपी उसे पूरी रात गाड़ी के अंदर ही बैठाकर इधर उधर घुमाते रहे।

टॉयलेट का किया बहाना

- सुबह करीब पांच बजे उसने आरोपियों को चकमा देने के लिए टॉयलेट का बहाना बनाया। इसी बीच वह अपहरणकर्ताओं की आंख में धूल झोंककर गेहूं के खेतों में छिप गया। आरोपी उसे तलाशते रहे लेकिन सुबह के समय धुंध अधिक होने के कारण वह उन्हें दिखाई नहीं दिया।

- रौनक ने बताया कि आरोपियों के जाने के बाद वह सड़क किनारे चलता गया और शाहबाद- अम्बाला मार्ग पर स्थित एक होटल में छिप गया। सुबह उसने होटल में रह रहे लोगों से मदद लेते हुए पिता जितेंद्र राणा से मोबाइल पर संपर्क किया।

स्कूल से अाकर घर खाना खाकर, खेलने गया था

- जितेंद्र ने बताया कि उसका आठ साल का बेटा रौनक गांव के ही प्राइवेट स्कूल में पहली कक्षा का छात्र है। सोमवार को छुट्टी होने के बाद रौनक ने खाना खाया और खेलने की बात कहकर घर से बाहर चला गया। काफी समय तक भी वह वापस नहीं लौटा तो परिजन उसे ढूंढने गए, लेकिन काफी तलाश करने के बाद भी पता नहीं चला। अपहरण की आशंका जताते हुए अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करवाया।

5 बजे पिता को किया फोन

- परिजन बेटे को रातभर तलाशते रहे। रिश्तेदारी व जान पहचान की जगहों से भी पता किया लेकिन कुछ पता नहीं चला। शक हुआ कि कहीं बच्चा रेल में कुरुक्षेत्र न गया हो, वे कुरुक्षेत्र की तरफ गए। सुबह पांच बजे जितेंद्र के मोबाइल पर अनजान नंबर से फोन आया। उठाई तो रौनक बोल रहा था बताया कि वह एक ढाबे पर है और सही लोकेशन के लिए फोन वाले की पिता से बात करवाई तो पता चला कि वह शाहबाद में है।