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लकी ड्राॅ में कार, बाइक, फ्रिज और एलईडी निकलने का झांसा देकर ठगी

लकी ड्राॅ में कार, बाइक, फ्रिज, एलईडी व वॉशिंग मशीन निकलने का झांसा देकर ब्राइट लाइफ कंपनी ने कई परिवारों को ठग लिया।

Danik Bhaskar | Jan 28, 2018, 05:15 AM IST

पानीपत। लकी ड्राॅ में कार, बाइक, फ्रिज, एलईडी व वॉशिंग मशीन निकलने का झांसा देकर ब्राइट लाइफ कंपनी ने कई परिवारों को ठग लिया। कंपनी से जुड़े लोगों ने हर माह 500 व 1000 रुपए की किस्त जमा कराई। जब समय पूरा हुआ तो कंपनी ऑफिस पर ताला लगाकर फरार हो गई। अब तक ठगी के शिकार 72 पीड़ित सामने आए हैं, जिनसे 8 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी हुई है। ये सभी एजेंट सीमा से जुड़े थे। सीमा ने कंपनी के मालिक समालखा के मानना गांव निवासी कुलदीप शर्मा पुत्र सतबीर सिंह के खिलाफ किला थाने में ठगी का मामला दर्ज कराया है। आरोपी गांव से फरार चल रहा है।


जाटल रोड पर मुखीजा कॉलोनी में रहने वाली सीमा ने बताया कि 2015 में आरोपी कुलदीप ने उससे संपर्क किया था। जो बबैल रोड स्थित शिव नगर चौक पर ब्राइट लाइफ कंपनी का ऑफिस चलाता था। कुलदीप ने पहले सीमा को एजेंट बनाकर लोगों को जोड़ने के लिए कहा। सीमा ने 243 लोगों को जोड़कर लाखों रुपए कुलदीप को दिए। छोटे-मोटे इनाम देकर आरोपी ने कुछ लोगों को लकी ड्राॅ से बाहर कर दिया, लेकिन 72 लोगों के करीब 8 लाख रुपए अब भी फंसे हैं। आरोपी करीब 10 माह तक लोगों को रुपए वापस करने की बात कहता रहा, लेकिन अब उसने रुपए और इनाम देने से मना कर दिया।

ऐसे झांसा देकर लोगों को बनाया ठगी का शिकार
एक हजार रुपए की हर माह किस्त थी, जो 14 माह तक जमा करनी थी। ड्रॉ में 1600 सदस्य शामिल थे। 13 माह तक हर माह पांच इनाम निकलने थे। 14वें माह में दो कार, 12 बाइक, 131 फ्रिज, 736 एलईडी 24 इंच, 90 चांदी के सिक्के 250 ग्राम का एक, 48 वॉशिंग मशीन, 515 इन्वर्टर और बैट्री का लकी ड्रा निकलना था। जिसका इनाम नहीं निकलता, उसे 51 हजार रुपए देने थे। लोगों को एक बुकलेट दी गई थी। जिसमें दावा किया था कि यह लॉटरी नहीं है, सिर्फ सेल बढ़ाने के लिए स्कीम है।


500 रुपए की हर माह किस्त थी, जो 21 माह तक जमा करनी थी। ड्रा में 200 सदस्य शामिल थे। 21 माह तक हर माह इनाम था। पहले माह 5 हजार रुपए। फिर एक हजार बढ़ाकर हर माह इनाम देना था। 18वें महीने में 22 हजार रुपए और 19वें माह में 25000 रुपए देने थे। 20वें माह में बाइक और 21वें माह में एक लाख रुपए का इनाम था। बाकी के 179 सदस्यों को 11 और 12 हजार रुपए का सोना व चांदी देने थे। किस्त जमा करने में लेट होने पर प्रतिदिन 10 रुपए के हिसाब से जुर्माना था।

बहू के रुपए डूब गए
बहू सुनीता देवी ने 500 रुपए 21 माह तक जमा कराए, लेकिन न ताे कोई इनाम मिला और न ही रुपए वापस मिले। करीब एक साल पहले किस्त पूरी हो गई थी। -रोशनी देवी, पीड़ित।

पति का पैर कटा, बच्चे पालने को एजेंट बनी थी : सीमा
पति का पैर कटने के बाद तीन बच्चे पालने को कंपनी की एजेंट बनी थी। खुद 9 रिश्तेदारों के रुपए जमा करा दिए। 72 लोगों के रुपए कंपनी में डूबे हैं। 10 माह से लोग घर आकर मुझसे रुपए मांगते हैं। आरोपी रुपए देने का झांसा देता रहा। उसने जो चेक दिए, वे बाउंस हो गए। जब कुलदीप घर पर नहीं मिलता था तो मेंबरों के रुपए पिता सतबीर सिंह और मां अंगूरी देवी को भी दिए। पति चलने-फिरने लायक नहीं हैं। -सीमा रानी, एजेंट, ब्राइट लाइफ कंपनी।

मजदूरी करके भरी किस्त
मैं एक फैक्ट्री में मजदूरी करता हूं। मजदूरी से रुपए बचाकर 14 माह तक 1000 रुपए की किस्त हर माह जमा कराई। समय पूरा होने के बाद अब रुपए तक वापस नहीं मिल रहे। -रिंकू सैनी, पीड़ित।