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एथनॉल प्लांट को मंजूरी, 7.43 एकड़ जमीन के लिए पंचायत ने रखी नौकरी या पैसे की शर्त

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) पानीपत में प्रस्तावित एथनॉल प्लांट को सरकार ने मंजूरी दे दी है।

Dainik Bhaskar

Dec 29, 2017, 05:21 AM IST
iocl give Approval Ethanol Plant

पानीपत. धान की पराली और फाने से एथनॉल बनाने के लिए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) पानीपत में प्रस्तावित एथनॉल प्लांट को सरकार ने मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में गुरुवार को चंडीगढ़ में हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन बोर्ड की छठी बैठक में यह फैसला लिया गया। सरकार ने इसके साथ ही राज्य में पूंजी निवेश के 7 मेगा प्रोजेक्टों को भी मंजूरी दी। जिस पर करीब 1587 करोड़ रुपए का होगा निवेश और 2200 लोगों को रोजगार मिलेंगे।


मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन बोर्ड की 6ठी बैठक में ये फैसले किए गए। बैठक में बताया गया कि आईओसीएल कंपनी फसल के अवशेष और अन्य बायोमास का उपयोग करके दूसरी पीढ़ी का एथेनॉल बनाना चाहती है। कंपनी का फिलहाल 2 लाख टन पराली को खरीदने की योजना है। यह करनाल, पानीपत, सोनीपत औऱ कुरुक्षेत्र जिले के एक सीजन के कुल उत्पादन के बराबर है। रिफाइनरी में एथनॉल प्लांट के बारे में जानकारी के लिए पानीपत के डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे को भी चंडीगढ़ बुलाया गया था। जमीन के कारण प्रोजेक्ट अटका हुआ है। यहां बोहली पंचायत की 7.43 एकड़ जमीन पड़ती है। पंचायत जमीन की कीमत या नौकरी में भागीदारी चाहते हैं। इसके विपरीत रिफाइनरी दोनों ही विकल्प पर राजी नहीं है। इसलिए यह प्रोजेक्ट लेट चल रहा है।

28 लाख रुपए प्रति एकड़ है जमीन

बोहली पंचायत शर्तों के आधार पर एथनॉल प्लांट के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) रिफाइनरी को 7.43 एकड़ जमीन देने को तैयार है। लेकिन, रिफाइनरी को मुफ्त में पंचायत की जमीन भी चाहिए और वह कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत ग्रामीणों को नौकरी में रियायत देने को तैयार नहीं है। इसके विपरीत पंचायत और प्रशासन चाहता है कि अनस्किल्ड लेबर में ग्रामीणों को 70 फीसदी भागीदारी मिले या जमीन की अच्छी कीमत। रिफाइनरी को जमीन संबंधी जो कीमत की रिपोर्ट दी गई है, उसके मुताबिक 28 लाख रुपए प्रति एकड़ बाजारी रेट बताई गई है। इस तरह से जमीन की कुल कीमत 2.08 करोड़ बनती है। वहीं, कलेक्टर रेट के तहत जमीन की कीमत 1.35 करोड़ बनती है।

रिफाइनरी को लेना है निर्णय

21 दिसंबर को जमीनी विवाद निपटाने के लिए डीसी पानीपत डॉ. चंद्रशेखर खरे ने रिफाइनरी दिल्ली के अधिकारी और बोहली के सरपंच सहित सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग की थी। जिसमें डीसी ने रिफाइनरी के अधिकारी को कहा कि वे किस आधार पर जमीन चाहते हैं, यह बताएं। रिफाइनरी को इस पर निर्णय लेना है।

इस बार 65 लाख टन पराली

रिफाइनरी में प्रस्तावित एथनॉल प्लांट की क्षमता सालाना 2 लाख टन पराली उपयोग करने की है। हरियाणा में हर साल 60 लाख टन से अधिक पराली निकलती है। कृषि विभाग के मुताबिक अगले सीजन में हरियाणा में करीब 65 लाख टन पराली निकलेगी। इसलिए, अगर यह प्लांट लग भी जाता है तो पूरा समाधान नहीं मिलने वाला है।

जमीन
रिफाइनरी को प्लांट के लिए करीब 35 एकड़ जमीन चाहिए। यह प्लांट रिफाइनरी के मार्केटिंग टर्मिनल के पीछे बनना है। इसके लिए रिफाइनरी के पास 27 एकड़ जमीन है। उसे बोहली 7.43 एकड़ जमीन और चाहिए।

पराली
प्रतिदिन 680 मिट्रिक टन पराली का उपयोग हाेगा। सालाना 2 लाख मिट्रिक टन पराली की खपत होगी।

बजट
प्लांट के निर्माण पर करीब 600 करोड़ रुपए खर्च आएगा।

रोजगार प्लांट के प्रोसेस में करीब 1200 को रोजगार मिलेगा।

इन प्रोजेक्टों को मंजूरी

मीटिंग में पेनासोनिक इंडिया, एनरिच एग्रो, कंधारी ब्रेवरेज, स्टार वायर इंडिया लि., गुरु टेक इन्फ्रा अर्थ प्रा. लि., एटोटेक डेवलेपमेंट सेंटर प्रा. लि., काप कोव्स, आर.एंड डी., ई.एस.डी.एम, एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र के लिए विनिर्माण संबंधी प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। ये प्रोजेक्ट पंचकूला, पानीपत, रेवाड़ी, झज्जर, रोहतक, अम्बाला, फरीदाबाद और गुड़गांव में लगाए जाएंगे।

अब तक 4800 रजिस्ट्रेशन

सिंगल रूफ निवेश पोर्टल पर अब तक 4800 से ज्यादा व्यावसायिक फर्मों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके माध्यम से अब तक 6000 से ज्यादा मामलों में क्लीयरेंस दी जा चुकी है। इंवेस्ट हरियाणा पोर्टल पर प्रदेश के 20 विभागों के 70 से अधिक रेगुलेटरी क्लीयरेंस देने के लिए एक कंपोजिट एप्लीकेशन फार्म की शुरूआत की गई है।

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