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भाजपा में CM पद को लेकर अंदरूनी लड़ाई, प्रदेश को जलाने में नेताओं का रहा हाथ : यशपाल मलिक

राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि पिछले साल हरियाणा जलाने के पीछे भाजपा नेताओं का हाथ था।

Danik Bhaskar | Feb 14, 2018, 03:29 AM IST

जींद. अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि पिछले साल हरियाणा जलाने के पीछे भाजपा नेताओं का हाथ था। यह हरियाणा बीजेपी व केंद्र के बीजेपी नेताओं द्वारा प्रायोजित था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संगठन में सीएम पद को लेकर अंदरूनी लड़ाई है, जिसके कारण इसको खूनी आंदोलन बनाने की साजिश रची गई। इसमें भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला, वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु व ओमप्रकाश धनखड़ शामिल थे।

भाजपा नेताओं ने हरियाणा बांटने की साजिश रची। कुछ बीजेपी नेता अब भी नहीं चाहते थे कि सरकार व समिति का समझौता हो। वे मंगलवार को जींद में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
यशपाल मलिक ने प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला, सरकार के मंत्री कैप्टन अभिमन्यु व ओमप्रकाश धनखड़ पर खुलकर आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग हर साजिश में शामिल रहे हैं। खुद कैप्टन अभिमन्यु ने उन्हें 2015 में एक शादी समारोह में सार्वजनिक रूप से कहा था कि भाई अपनी सरकार नहीं है, इसलिए हो-हल्ला करते रहना है। धनखड़ ने रोहतक में धरना शुरू करवाया और आंदोलन को उग्र करने की साजिश रची। उनपर जानलेवा हमला करने के पूरे प्रकरण के पीछे कैप्टन अभिमन्यु की फंडिंग और सुभाष बराला का संरक्षण प्राप्त है। इन सभी बातों के सबूत उन्होंने सरकार से जब भी बात हुई उन्हें सौंपे हैं। इस बार भी केंद्र के बीजेपी नेताओं को उन्होंने सभी सबूत देकर इन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी इन नेताओं के बारे में कोई कार्रवाई नहीं करती तो उनका समाज इन पर ठोस निर्णय लेगा और अप्रैल या मई की शुरुआत मेें बड़ा कार्यक्रम करेंगे।

मलिक ने समाज से चौथी बार किया विश्वासघात: सांगवान

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति अध्यक्ष मंडल हरियाणा, खाप, तपे, पंचायतें, जाट महासभा की संयुक्त बैठक मंगलवार को जाट धर्मशाला में हुई। इसकी अध्यक्षता कमांडेंट हवासिंह सांगवान ने की। यशपाल मलिक पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने चौथी बार जाट समाज के साथ विश्वासघात करते हुए सरकार के साथ सांठ-गांठ की है। बैठक में निर्णय लिया कि अमित शाह की जींद में होने वाली रैली का शांतिपूर्ण रूप से विरोध करेंगे। लोकतांत्रिक ढंग से मकानों और आम स्थानों या काले झंडे लगाकर विरोध किया जाएगा। इसके साथ-साथ जहां उपयुक्त जगह मिलेगी, वहां पर अमित शाह के काफिले को काले झंडे दिखाए जाएंगे। उन्होंने आरक्षण को लागू कराने के लिए व जेलों में बंद युवाओं को बाहर निकलवाने समेत अन्य मांगों को लेकर 19 फरवरी को ईगराह गांव में शहीदी दिवस मनाया जाएगा और उसी दिन गांव में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।