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ग्योंग गैंग से डरा था जयदेव का परिवार, पुलिस को नहीं दी लिखित शिकायत

कुख्यात गैंगस्टर सुरेंद्र ग्योंग की गैंग के खौफ से करनाल के राहड़ा गांव का जयदेव शर्मा उसका परिवार डरा हुआ था।

Danik Bhaskar | Jan 02, 2018, 08:14 AM IST

पानीपत। कुख्यात गैंगस्टर सुरेंद्र ग्योंग की गैंग के खौफ से करनाल के राहड़ा गांव का जयदेव शर्मा उसका परिवार डरा हुआ था। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एनकाउंटर से पहले सुरेंद्र ने घर आकर जयदेव से फिरौती मांगी। तब भी परिजनों ने पुलिस को शिकायत नहीं की। एनकाउंटर के बाद करीब तीन माह पहले ग्योंग के भाई ने जयदेव की गाड़ी रोककर उस पर हमला करने की कोशिश की, तब भी उसने पुलिस को शिकायत नहीं दी। परिजनों ने बताया कि सुरेंद्र ग्योंग करीब एक साल पहले पांच लोगों के साथ जयदेव के घर पर आया था। उसने जयदेव से फिरौती मांगी। इस पर परिजनों ने उससे कहा कि जयदेव को बहन की शादी करनी है। उसने जान से मारने की धमकी दी तो परिजनों ने बहन को सामने खड़ा कर दिया। हाथ-पैर जोड़े तब सुरेंद्र माना था। वह खाना खाकर घर से निकल गया था। इसके बाद सुरेंद्र का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया था।


रुक जाता तो तभी मार देते
परिजनोंका कहना है कि सुरेंद्र के एनकाउंटर की मुखबिरी का जयदेव पर आरोप लगा। तब जयदेव ने उनके रिश्तेदारों को कहा था कि उसने पुलिस को सूचना नहीं दी। इसके बाद सुरेंद्र का भाई जोगेंद्र जेल से बाहर गया। तीन माह पहले हिमाचल जाते समय जोगेंद्र ने अपनी गाड़ी आगे लगा दी थी। जोगेंद्र ने कार के पास आकर शीशा खोलने के लिए कहा। इस दौरान जोगेंद्र के साथी हथियार लेकर गाड़ी से नीचे उतरे। डर के मारे जयदेव कार भगाकर ले गया था। परिजनों का कहना है कि जयदेव कारोबार में सुरेंद्र का पार्टनर नहीं था।


सीसीटीवीकैमरे की जांच की : सेक्टर-18में 30 दिसंबर को हुई 28 वर्षीय जयदेव की हत्या के मामले में तीसरे दिन पुलिस नामजद आरोपियों को नहीं पकड़ पाई। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास सहित जीटी रोड की ओर आने वाले सभी रास्तों पर जाकर सीसीटीवी कैमरे देखे। सिटी थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दोनों सीआईए और सिटी थाना पुलिस की टीम छापेमारी कर रही है।