--Advertisement--

छोटे भाई की हैसला अफजाई लिए बहन बनीं शूटर, जीत लिए 62 से अधिक मेडल

भाई अकेले ही घर की दीवार पर निशाने लगाता रहता था, न कोई कोच था, न ही गलती निकालने वाला।

Dainik Bhaskar

Jan 22, 2018, 05:45 AM IST
अनीश व 11वीं कक्षा की छात्रा मुस अनीश व 11वीं कक्षा की छात्रा मुस

करनाल। भाई अकेले ही घर की दीवार पर निशाने लगाता रहता था, न कोई कोच था, न ही गलती निकालने वाला। बड़ी बहन ने भाई का हौंसला बढ़ाने का निर्णय लिया और खुद भी निशानेबाज बन गई। दोनों एक दूसरे के कोच बन गए। पहचान का दायरा धीरे-धीरे बढ़ गया और राज्य से लेकर नेशनल और इंटरनेशनल लेवल की चैंपियनशिप में शिरकत करने लगे। पहले हार, फिर ब्रांज मेडल और सिल्वर से गोल्ड मेडल जीतने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। दोनों ने मिलकर अब तक करीब 62 नेशनल व इंटरनेशनल लेवल के मेडल जीत लिए हैं। इनमें बहन के 18 व भाई के करीब 44 मेडल शामिल हैं। पड़ोसियों ने दी बधाई....


- हाल ही में केरल में आयोजित कई चैंपियनशिप में भाई ने कुल 15 मेडल हासिल किए हैं। इनमें 10 गोल्ड और 3 सिल्वर व दो ब्रांज मेडल शामिल है।

- ऑस्ट्रेलिया में नवंबर 2017 को कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता है। जहां वह 577 अंक लेकर टॉपर रहा। वह अब 25 मीटर रेफिड फायर का नेशनल चैंपियन बन गया है।

- दो दिन पहले ही गोल्ड कोस्ट का टिकट मिला है और अब वह अप्रैल-2018 में गोल्ड कोस्ट आस्ट्रेलिया में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए खेलने जाएगा। रविवार को जब भाई-बहन कर्ण विहार सेक्टर-6 में पहुंचे तो पड़ोसियों बधाई दी।

 

2012 में स्विमिंग से हुई शुरुआत 

- करनाल के कर्ण विहार के रहने वाले दसवीं क्लास में पढ़ने वाले अनीश व 11वीं कक्षा की छात्रा मुस्कान 10 से 25 मीटर के दायरे में निशाना लगाते हैं। शूटिंग में अब धीरे-धीरे निशाना अचूक होने लगा है। साल 2012 में अनीश स्विमिंग करता था।

- गोवा में मॉर्डन पेंटाथलान कॉम्पिटीशन के लिए अच्छे स्विमर, रनर, शूटिंग व फेंसिंग करने वाले की जरूरत थी। यह वे रोजाना दो घंटे करते थे। वे गोवा गए और अंडर-12 में गोल्ड मेडल जीत लाए। 

 

बहन मुस्कान ने भी जीते 18 मेडल 
- मुस्कान ने भी साल 2014 में शिमला में एनसीसी कैंप में हिस्सा लेने जाना था। पापा ने कहा भाई की मदद करो और निशानेबाज बन जाओ, बहन ने भी हिम्मत नहीं हारी और निशानेबाज बन गई।

- अब तक वह कुल 18 मेडल जीत चुकी है, इनमें दो इंटरनेशनल लेवल के मेडल हैं। साल 2014 में पूने में 10 मीटर में इंडिया टीम की ट्रायल के लिए क्वालीफाई किया। साल 2015 में नेशनल दिल्ली में खेला और दो गोल्ड व एक ब्रॉन्ज मेडल जीता।

- पश्चिम बंगाल में मावलंकर में 300 में से 277 निशाने लगाकर नया रिकार्ड बनाया। साल 2016 में  पूना में नेशनल कॉम्पिटीशन में 12 मेडल जीते, जिनमें एक इवेंट में आठ गोल्ड में से सात मुस्कान जीत लाई थी।

- साल 2017 में दिल्ली वर्ल्ड सीनियर कप में 12वां रैंक हासिल किया। जर्मनी में आयोजित कॉम्पिटीशन में ब्राॅन्ज मेडल जीता। केरल में 27 दिसंबर को आयोजित नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में मुस्कान ने विभिन्न चैंपियनशिप में 4 गोल्ड, एक सिल्वर व एक ब्रॉन्ज मेडल जीता है।

- जूनियर वर्ल्ड कप सिडनी के लिए हाल ही में दिल्ली में ट्रायल दिया है और इसमें वह सेलेक्ट हो गई है। 

ये किस्से भी हुए बच्चों के साथ 
जब अनीश 10 साल का था तो परिवार के साथ पूना में आर्मी कैंप में गए थे। जहां परिवार के सदस्यों ने पिस्टल से निशाना लगाया। जब अनीश की बारी आई तो आर्मी के जवान ने कहा तू बच्चा है, रहने दे तेरे से नहीं होगा। फिर मेले से पिस्टल खरीद कर लाया और घर पर ही दीवारों में निशाने लगाने लगा। 

 

साल 2013 में गए साइप्रस 
अंडर-12 में साल 2013 में वे साइप्रस गए और वहां मेडल तो जीत नहीं पाए, लेकिन बहुत कुछ सीखा। साल 2015 में अंडर-19 में चीन में एशियन चैंपियनशिप खेली। 

 

 

X
अनीश व 11वीं कक्षा की छात्रा मुसअनीश व 11वीं कक्षा की छात्रा मुस
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..