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नाबालिग बेटी के अफेयर की पिता को लगी भनक, जहर देकर की हत्या और लाश को जला दिया

एफएसएल टीम ने चिता से हडि्डयों व राख के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं।

Danik Bhaskar | Mar 05, 2018, 12:33 AM IST
लड़की के चिता को बुझाने में लग लड़की के चिता को बुझाने में लग

जींद. झूठी शान की खातिर एक पिता ने अपनी 16 साल की बेटी को जहर देकर मार डाला। हत्या के बाद शव को श्मशान में ले जाकर जला दिया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने फायर ब्रिगेड की मदद से चिता की आग को बुझाया, लेकिन तब तक शव जल चुका था। एफएसएल टीम ने चिता से हडि्डयों व राख के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। पुलिस ने आरोपी पिता को अभी गिरफ्तार नहीं किया है।

लड़की का गांव के एक युवक से अफेयर चल रहा था

घटना जींद के गांव कंडेला की है। रविवार सुबह यहां के किसी व्यक्ति ने पुलिस को फोन कर सूचना दी कि सुरेश ने अपनी नाबालिग बेटी की हत्या कर दी है और अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है। जब तक सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक परिजनों ने शव को जला दिया था। पुलिस ने आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ की तो पता चला कि लड़की का गांव के एक युवक से अफेयर चल रहा था। पिता को इसका पता चल गया था। सुरेश कुमार की उनके पड़ोस में रहने वाले उस युवक से पहले भी कहासुनी हो चुकी थी, लेकिन इसके बाद भी युवक का किशोरी के साथ अफेयर जारी रहा। यह सब आरोपी सुरेश कुमार को बर्दाश्त नहीं हुआ। आरोप है कि इसी कारण सुरेश ने अपनी बेटी की जहर देकर हत्या कर दी।

लड़की के पिता पर हत्या और शव को खुर्द-बुर्द करने का केस दर्ज

पुलिस के मुताबिक, गांव के सरपंच की शिकायत पर पुलिस ने लड़की के पिता सुरेश कुमार के खिलाफ हत्या व शव को खुर्द-बुर्द करने का केस दर्ज किया है। मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

4 बेटियों व एक बेटे का पिता है आरोपी

कंडेला गांव का सुरेश कुमार जिस पर अपनी बेटी की हत्या का आरोप लगा है। वह बीएसएफ सेरिटायर्ड फौजी है। उसकी चार बेटियां हैंजबकि सबसेछोटा एक बेटा है। मृतका किशोरी की एक बड़ी व दो छोटी बहन हैं। किशोरी नेकरीब एक साल पहलेस्कूल छोड़ दिया और वह घर पर ही रहती थी।

चिता से साक्ष्य एकत्र करने में पुलिस को 5 घंटे लग गए।

कंडेला गांव में हुई इस ऑनर किलिगं पर केस दर्ज करने से लेकर चिता से साक्ष्य एकत्र करने में पुलिस को 5 घंटे लग गए। क्योंकि पहले तो पुलिस को गांव में हुई इस घटना के बारे में कोई बताने को तैयार नहीं था। पुलिस ने आखिरकार सरपंच की शिकायत पर केस दर्ज किया। केस दर्ज होने के बाद चिता से साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस को फिर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। इसके बाद अश्विनी मलिक को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया और फिर उन्होंने पुलिस को चिता बुझाकर साक्ष्य एकत्र करने की परमिशन दी। तब तक मृतका का शव पूरी तरह से जल चुका था। पुलिस ने इसके बाद फायर ब्रिगेड कर्मियों की मदद से चिता को बुझाया और फिर अस्थियों के टुकड़ों को एकत्र किया।