--Advertisement--

मंत्रियों और अफसरों के विवेकाधिकारों में होगी कटौती, नियम-कानूनों में किए जाएंगे बदलाव

हरियाणा में मंत्रियों और अधिकारियों के विवेकाधिकारों में जल्द कटौती की जाएगी।

Dainik Bhaskar

Dec 18, 2017, 03:08 AM IST
No one to leave voluntary grant from CM to minister and mla

चंडीगढ़/ पानीपत. हरियाणा में मंत्रियों और अधिकारियों के विवेकाधिकारों में जल्द कटौती की जाएगी। यानी धीरे-धीरे इन्हें कम करते हुए समाप्त किया जाएगा। इसके लिए उन सभी नियम और कानूनों का पता लगाया जाएगा, जिनमें मंत्री या अफसरों के पास विवेकाधिकार हैं। इन सभी में बदलाव करके हर काम की प्रक्रिया और नियम तय किए जाएंगे, ताकि अधिकारी फाइल पर बिना किसी भय और डर के फैसले कर सकें। भाजपा सरकार के 3 दिवसीय चिंतन शिविर में यह फैसला किया गया।


मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को इस शिविर के अनुभव मीडिया से सांझा किए। उन्होंने कहा कि शिविर के पहले सत्र में अधिकारियों को उनकी शक्तियां याद दिलाने की कोशिश की गई। उन्हें कहा गया कि वे शांत भाव से मनन करें कि कहीं वह पटरी से तो नहीं उतर गए हैं। अगर कोई गलती हो गई है, तो उससे चिंतित होने की जरूरत नहीं है। बल्कि इस शिविर गीत को दोहराने की जरूरत है।


विवेकाधिकार छोड़ने के लिए उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि यूं तो कोई भी अपनी पावर छोड़ने को तैयार नहीं होता, लेकिन पिछले साल हरियाणा दिवस के मौके पर उन्होंने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट से मिली सीएलयू, लाइसेंस देने का विवेकाधिकार छोड़ा था। उन्होंने यह पावर विभागीय अधिकारियों को ही दे दी। इसी तरह अन्य मंत्रियों और अफसरों को भी अपने विवेकाधिकार छोड़ने की जरूरत है।

स्वैच्छिक ग्रांट छोड़ने को कोई तैयार नहीं

- चिंतन शिविर में भले ही मंत्री-अफसरों के विवेकाधिकार समाप्त करने का फैसला हुआ है, लेकिन सीएम से लेकर मंत्री, राज्यमंत्री और विधायकों में कोई भी स्वैच्छिक ग्रांट छोड़ने को तैयार नहीं है।

- एक सवाल के जवाब में सीएम मनोहर लाल ने कहा कि यह ग्रांट मंत्री-विधायकों को छोटे-मोटे विकास कार्य करवाने और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए दी जाती है।

- वे मानते हैं कि सीएम को साल में 40 करोड़ रुपए की ग्रांट मिलती है, जबकि इतनी राशि की जरूरत नहीं है।

- इसीलिए इस बार उन्होंने मंत्रियों, राज्य मंत्रियों की ग्रांट में तो इजाफा किया, लेकिन अपनी ग्रांट नहीं बढ़ाई। विधायकों की पेटी ग्रांट में किसी तरह की गड़बड़ी होने से उन्होंने इनकार किया।

प्रशासनिक अधिकारी गोद लेंगे 1-1 ब्लॉक

शिविर में बताया गया कि समग्र ग्रामीण विकास की दृष्टि से सभी प्रशासनिक अधिकारी एक-एक ब्लॉक गोद लेंगे। वे अब केवल प्रशासनिक सचिव नहीं, बल्कि उस ब्लॉक के एक तरह से निर्माता होंगे। इसमें विकास के लिए 8-10 जो भी पैरामीटर्स हैं वे खुद तय करेंगे। अधिकारी ट्रांसफर पर भले ही किसी भी विभाग में जाएं, लेकिन उनका ब्लॉक नहीं बदलेगा। इसमें उन्हें हर साल 21 अप्रैल को सिविल सेवा दिवस के मौके पर अपनी प्रगति रिपोर्ट देनी होगी। इसमें जिसका काम सबसे बेहतर होगा, उस अधिकारी को सम्मानित किया जाएगा। दरअसल, सरकार की योजना आदर्श गांव की तर्ज पर आदर्श अथवा सक्षम ब्लॉक बनाने की है। इसके लिए पहले चरण में फरीदाबाद और कैथल जिले के 3-3 ब्लॉक चयनित भी हो चुके हैं। इनमें पंचायतों के माध्यम से कराए जाने वाले तमाम विकास कार्यों की सोशल ऑडिट कराने से लेकर शहरों की तर्ज पर अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकताएं होंगी।

मूलभूत सुविधाओं का कोई प्लान नहीं
हरियाणा बनने के 51 साल बाद भी लोगों कि बेसिक जरूरतें पानी, बिजली, सड़क, चिकित्सा, शिक्षा, सफाई, सीवरेज, ड्रेनेज, पार्किंग जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर इस चिंतन शिविर में कोई प्लान या रणनीति सामने नहीं आई। इस सवाल के जवाब में सीएम मनोहर लाल ने भी माना कि इतने साल बाद भी सरकारें लोगों की ये बुनियादी जरूरतें पूरी करने में नाकाम रही हैं। उन्होंने कहा कि लेकिन 51 साल के इस कालखंड को 48 और 3 साल के तौर पर देखना होगा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में तो जो भी अनुभवी मुख्यमंत्री बने, उन्हें काम करने के लिए पूरे 5 साल मिले, लेकिन वे पहली बार चुनाव लड़े और पहली बार में मुख्यमंत्री बन गए। अब तक का समय तो समझने और योजनाएं बनाने में निकल गया। हमने तो काम करना ही अब शुरू किया है।

जैसा अफसर सोचेंगे, वैसा बनेगा हरियाणा: सोलंकी

शिविर के समापन सत्र में राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि जनप्रतिनिधि और नौकरशाह सेवा के साथ-साथ संवेदनशीलता, संपर्क, सहयोग और समर्पण की भावना से काम करेंगे तभी हम नए विजन के साथ आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने अफसरों से कहा कि वे जैसा सोचेंगे, वैसा ही हरियाणा बनेगा। क्योंकि नीतियां लागू करने के मामले में वे ही हरियाणा के भाग्य विधाता हैं।

X
No one to leave voluntary grant from CM to minister and mla
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..