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एक साल में झपटमारी की 264 वारदात, चेन स्नेचिंग के 36% केस ही ट्रेस कर पाई पुलिस

स्नेचिंग की वारदात से लोग खौफ में हैं। खासकर महिलाएं और सीनियर सिटीजन।

Danik Bhaskar | Mar 15, 2018, 04:04 AM IST

पानीपत. स्नेचिंग की वारदात से लोग खौफ में हैं। खासकर महिलाएं और सीनियर सिटीजन। पुलिस के लिए भले ही हर स्नेचिंग एक केस है, लेकिन लोगों की चेन के साथ चैन भी लुट रहा है। साल 2017 में बदमाशों ने स्नेचिंग की 264 वारदात को अंजाम दिया। अगर चेन स्नेचिंग की बात करें तो जनवरी 2017 से अब तक 33 वारदात हुई। इसमें से मात्र 12 वारदात पुलिस ट्रेस कर पाई। यानि मात्र 36 प्रतिशत वारदात। मंगलवार को सवा घंटे में चेन स्नेचिंग की हुई तीन वारदात के बाद भास्कर ने पड़ताल की तो यह हकीकत सामने आई।

आखिर क्यों ज्वेलर्स पर एक्शन नहीं
जाहिर है कि सोने की चेन छीनने वाले स्नेचर अपने घर में सोने का गोदाम नहीं बना रहे हैं। वे स्नेचिंग के बाद ज्वेलर को ही चेन बेचते हैं। कई बार पुलिस स्नेचर्स को तो पकड़ती है, लेकिन लूट की चेन खरीदने वाले ज्वेलर्स पर नकेल नहीं कसती। ज्वेलर अच्छी तरह जानते हैं कि वह झपटमारी करके लाई हुई चेन खरीद रहे हैं, क्योंकि ऐसी चेन टूटी हुई होती है। ज्वेलर इसे सस्ते दाम पर खरीदते हैं। अगर पुलिस ज्वेलर्स को गिरफ्तार करे और चेनों को केस प्रॉपर्टी बनाकर जब्त करे, तभी वारदात कम होंगी। जब तक ज्वेलर ऐसी चेन खरीदेंगे, तब तक स्नेचिंग की वारदात रुकना मुश्किल है।


नशा है वजह
33 स्नेचर से पुलिस पूछताछ करती है तो वह ज्वेलर का पता बताता है।
शहर में स्नेचिंग के बाद पुलिस स्नेचरों के पीछे लगती है, लेकिन इसकी जड़-नशे को खत्म करने की कोशिश कभी नहीं की गई।
स्नेचिंग की सबसे बड़ी वजह है नशा, जो शहर में खुलेआम बिक रहा है। अधिकतर बदमाश नशे के लिए ही ये वारदात करते थे।

वारदात हुई चेन स्नेचिंग की जनवरी 2017 से अब तक
पुलिस उस ज्वेलर तक पहुंचती है, लेकिन गिरफ्तार नहीं किया जाता।
इसी शर्त पर छोड़ा जाता है कि वह उसी वजन की चेन दे जो छीनी गई।
12 झपटमारी के पीड़ितों को पुलिस कोर्ट से ये चेन दिलवाती है।


पीड़ितों की जुबानी... थानों के कई चक्कर काटे, अब जाना छोड़ दिया
सेक्टर 12 निवासी कृष्ण रेवड़ी ने बताया कि 8 जुलाई 2017 को वह पत्नी के साथ सैर कर रहे थे। बाइक पर दो युवक आए। पीछे बैठा युवक उनका पीछा करते हुए आया और मौका मिलते ही गले से चेन तोड़कर ले गया। सीसीटीवी कैमरे में आरोपी कैद हुए थे। कई बार चौकी-थाने के चक्कर काटे, अब जाना ही छोड़ दिया।

तीन चेन स्नेचिंग में नहीं लगा सुराग
मंगलवार शाम को सवा घंटे में हुई तीन महिलाओं से चेन स्नेचिंग की वारदात में पुलिस आरोपियों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है। अब तक पुलिस यह भी स्पष्ट नहीं कर पाई की तीनों वारदात में एक ही गिरोह का हाथ है या नहीं। तीनों घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में आरोपी नजर आ रहे हैं। पुलिस इसकी जांच कर रही है। मंगलवार को तहसील कैंप की प्रीत विहार कॉलोनी में बेटी के घर गई सुभाष नगर निवासी 60 वर्षीय संतोष रानी, बंसी कॉलोनी में राजरानी और शांति नगर में अक्षिता की चेन तोड़ ली थी।

सुराग मिले फिर भी चूके
सीसीटीवी कैमरों में कैप्चर कई वारदात पुलिस के हाथ फिर भी नाकामी
मॉडल टाउन के शांति नगर निवासी पूनम देवी पत्नी देवेंद्र सिंह ने बताया कि 8 अक्टूबर 2017 को वह घर के सामने सफाई कर रही थी। तभी पल्सर बाइक पर दो युवक आए। पीछे बैठे युवक ने गले में झपट्टा मारकर चेन झपट ली। जांच अधिकारी कहते हैं कि आरोपी पकड़े जाएंगे। अब तक आरोपी नहीं पकड़े गए।

क्राइम के लिए पुलिस जिम्मेदार
वर्तमान में पुलिस का सिस्टम खराब है। लूट, डकैती व स्नेचिंग की वारदात के बाद कड़ी नाकाबंदी नहीं होती। पहले बीट सिस्टम था, जो अब खत्म कर पीसीआर सिस्टम लागू कर दिया गया। इससे पुलिस का लोगों से जुड़ाव और जिम्मेदारी खत्म हो गई है। साथ ही राजनीतिक दखल बढ़ गई है, वे ही अधिकारियों के तबादले करा रहे हैं। इसका प्रभाव भी पड़ रहा है। -रिटायर्ड आईजी रणबीर सिंह
किशनपुरा निवासी बबीता पत्नी ज्ञान चन्द सैनी ने बताया कि 11 अक्टूबर 2017 को स्कूटी पर घर लौट रही थी। पल्सर बाइक पर दो युवकों ने पीछा किया। घर के सामने स्कूटी रोकी। एक ने चाकू लगाकर चेन तोड़ ली। कई जगह आरोपी सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए थे। चेन बरामद तो दूर पुलिस आरोपी तक को नहीं पकड़ पाई।