--Advertisement--

सेमी स्किल्ड हेल्पर से स्विंग यूनिट चलवा रहे थे अफसर, इसलिए हुआ प्लांट में हादसा

रिफाइनरी के 54 बायलर पर भी बायलर अटेंडेंट नहीं हैं। यहां के बायलर भी खतरों से खाली नहीं हैं।

Danik Bhaskar | Jan 24, 2018, 08:26 AM IST

थर्मल (पानीपत). सेमी स्किल्ड हेल्पर मोहनलाल की मदद से रिफाइनरी के अफसर हाई रिस्क पर नेफ्था क्रेकर प्लांट की स्विंग यूनिट चला रहे थे। वैसे तो वहां मोहनलाल की एंट्री भी नहीं हो सकती थी, लेकिन प्लांट के अफसर वाॅल्व खोलने और बंद करने में उसी की मदद लेते थे। सोमवार को मोहनलाल के साथ ही प्लांट के चार अफसर खतरनाक केमिकल की पाइप लाइन का वाल्व खोल रहे थे। तभी केमिकल लीक हुआ और धमाके से पूरा कैटलिस्ट पंपिंग सेट उड़ गया। इसमें अब तक दो की मौत हो चुकी है। हादसे की जांच को रिफाइनरी ने 7 अफसरों की कमेटी बनाई है। जो सात दिन में रिपोर्ट देगी।

10वीं पास मोहनलाल 3 साल से प्रकाश कंस्ट्रक्शन के कर्मचारी के रूप में था लेकिन तीन माह से प्लांट में काम कर रहा था। उसके पास कोई डिग्री नहीं थी। प्रकाश कंस्ट्रक्शन के मालिक प्रकाश चंद ने कहा कि मोहनलाल सेमी स्किल्ड हेल्पर था। लंबे समय से प्लांट में था। जाहिर है कि अफसरों ने लापरवाही की। जिस यूनिट में इतना बड़ा खतरा बना रहता हो, वहां पर स्किल्ड को छोड़कर सेमी स्किल्ड से काम चलाया जा रहा था। अंतत : प्रोडक्शन मैनेजर भानोजी सिपना की जान चली गई।

रिफाइनरी में बाॅयलर अटेंडेंट भी हैं कम

रिफाइनरी के 54 बायलर पर भी बायलर अटेंडेंट नहीं हैं। यहां के बायलर भी खतरों से खाली नहीं हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक रिफाइनरी में 58 बायलर हैं, लेकिन चलाने के लिए सिर्फ 16 के करीब बायलर अटेंडेंट हैं। इसकी भरपाई नेफ्था प्लांट की तरह अनस्किल्ड या सेमी स्किल्ड अटेंडेंट से की जा रही है।

20 लाख का मुआवजा देने का मिला आश्वासन

मारे गए बाल जाटान के मोहनलाल के परिजन एक करोड़ मुआवजे की मांग कर रहे थे। बाद में 20 लाख पर समझौता हुआ। रिफाइनरी के मुख्य महाप्रबंधक एसके गोगाई की ओर से लिखित में दिया गया तब विवाद शांत हुआ। वहीं, रिफाइनरी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में 5 लाख रिफाइनरी और 5 लाख ठेकेदार की ओर से देने की बात कही गई है। इस बारे में रिफाइनरी के अधिकारी डीसी वर्मा ने कहा कि सभी सुविधाओं सहित 20 लाख हो जाएगा। शाम को दोनों ओर से 5-5 लाख की राशि के चेक भी दे दिए गए। परिजनों ने बताया कि समझौते के तहत मोहनलाल की पत्नी की ओर से एक गाड़ी ठेके पर रिफाइनरी में भी चलेगी।

कमेटी बताएगी, कहां गलती हुई : सीसी एवं सीआरसी रिफाइनरी के मुख्य प्रबंधक डीसी वर्मा ने कहा कि जांच के लिए एक कमेटी बना दी गई है। सात दिनों में रिपोर्ट मिल जाएगी। हादसे का कारण भी पता चल जाएगा। नेफ्था के साथ ही रिफाइनरी पूरी तरह से सेफ है। यह दुर्भाग्यवश हादसा हुआ, जिसमें दो लोगों की जान गई। अभी रिफाइनरी के बाॅयलर का सवाल कहां से सामने आ गया।

दोपहर तक बंद रहे प्लांट के तीनों गेट

दोपहर एक बजे तक कोई कर्मचारी काम पर नहीं जा सका क्योंकि, घटना के बाद से प्लांट के तीनों गेट बंद थे। जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम विवेक चौधरी, बीडीपीओ अशोक छिक्कारा, डीएसपी संदीप मलिक, डीएसपी राजेश लोहान, थाना मतलौडा इंचार्ज संदीप कुमार, पानीपत रिफाइनरी की तरफ से मुख्य महाप्रबंधक एस के गोगाई, जीएम अनिल कुमार आदि लोगों को समझाने में लगे रहे। वहीं, ग्रामीण राजकुमार शर्मा, सतपाल राठी, नीरज कुमार, प्रवीन, कर्मबीर, सोहन लाल, प्रदीप आदि ने बताया कि शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे। पुलिस कर्मियों ने गाली-गलौज की और बिना कारण लाठीचार्ज कर दिया।