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प्रिंसिपल मर्डर केस : पुलिस ने कहा- शिवांश रिमांड में पूछता रहा प्रिंसिपल मरी या नहीं

न्यायिक हिरासत में छोड़ने गई पुलिस ने आरोपी शिवांश को उसकी मां से मिलवाया। पुलिस जिप्सी में मां बेटे को देख रो पड़ी।

Danik Bhaskar | Jan 24, 2018, 07:33 AM IST
आरोपी 12 वीं क्लास का स्टूडेंट है। शनिवार को स्कूल में उसने अपने प्रिसिपल की चार गोली मारकर हत्या कर दी थी। आरोपी 12 वीं क्लास का स्टूडेंट है। शनिवार को स्कूल में उसने अपने प्रिसिपल की चार गोली मारकर हत्या कर दी थी।

यमुनानगर. प्रिंसिपल मर्डर केस में पुलिस का दावा है कि आरोपी शिवांश रिमांड में भी यह पूछता रहाता है कि प्रिंसिपल की मौत हुई या नहीं। उनका कहना है कि उसे घटना पर कोई पछतावा नहीं है। पुलिस का मानना है कि शिवांश के व्यवहार को देख ऐसा लगता है कि उसे साइको प्रोब्लम हो सकती है। प्रिंसिपल की हत्या करने के बाद भी उसे कोई दुख नहीं था कि उसने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया है।

पिता की रिवॉल्वर पहले भी चला चुका था शिवांश, तभी तो एक भी निशाना नहीं चूका

स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल रितू छाबड़ा का हत्यारोपी छात्र शिवांश हत्या से पहले भी अपने पिता की लाइसेंसी रिवाॅल्वर इस्तेमाल कर चुका था। इसीलिए जब उसने प्रिंसिपल पर गोलियां चलाई तो उसका एक भी निशाना नहीं चूका। पुलिस के अनुसार आरोपी ने प्रिंसिपल पर चार गोलियां चलाईं। दो गोलियां चार फीट दूरी से मारी तो दो बिल्कुल पास से। इसीलिए दो गोलियां प्रिंसिपल के सीने से आर-पार होते हुए कुर्सी की बैक साइड को चीरते हुए दीवार में जाकर लगीं। आरोपी ने बताया कि वह पहले भी अपने पिता की रिवाॅल्वर को इस्तेमाल कर चुका है। दो दिन के रिमांड के बाद मंगलवार को आरोपी शिवांश को नकोर्ट में पेश किया और जेल भेज दिया गया। इस मामले में उसकी अगली सुनवाई छह फरवरी को वीसी से होगी।

मां से मिल रोया आरोपी बोला- मुझे घर ले चलो

प्रिंसिपल रितू छाबड़ा की हत्या मामले में शिवांश का रिमांड खत्म होने पर उसे जेल भेज दिया गया। मामले की जांच कर रहे एएसआई बलबीर सिंह ने बताया कि आरोपी शिवांश के अंदर प्रिंसिपल को लेकर बेहद गुस्सा था। कोर्ट से न्यायिक हिरासत में छोड़ने गई पुलिस ने आरोपी शिवांश को उसकी मां से मिलवाया। पुलिस जिप्सी में मां बेटे को देख रो पड़ी। वहीं शिवांश भी बोला कि मुझे घर ले चलो। दोनों मां-बेटे की पुलिस ने दो मिनट की मुलाकात कराई। हालांकि इस मुलाकात के दौरान पुलिस ने मीडिया से दूरी बनाए रखी। शिवांश की मां ने भी मीडिया से कोई बात नहीं की। हालांकि कोर्ट पहुंचे उसके रिश्तेदारों का कहना था कि जो हुआ उस पर हमें भी दुख है, लेकिन शिवांश ऐसा लड़का नहीं था। वह पढ़ाई में कमजोर जरूर था।

आरोपी से पूछताछ में सामने आया है कि प्रिंसिपल रितू छाबड़ा शिवांश के उज्जवल भविष्य के लिए हर दिन स्कूल में आकर पढ़ाई करने के लिए कहती थी, लेकिन शिवांश स्कूल नहीं आना चाहता था। वह ट्यूशन और घर पर रहकर ही स्टडी करना चाहता था। कई बार पढ़ाई को लेकर प्रिंसिपल ने क्लास रूम में गर्ल्स स्टूडेंट्स के सामने उसे डांटा भी था। इस वजह से भी शिवांश में प्रिंसिपल के खिलाफ गुस्सा था।

स्कूल खुलने पर फैसला आज, टीचर और बच्चे आने से डर रहे, 9वीं-11वीं की दूसरी बिल्डिंग में परीक्षा

प्रिंसिपल रितू छाबड़ा की हत्या के बाद मंगलवार को भी स्कूल नहीं खुला। स्कूल स्टाफ और बच्चे स्कूल आने से डरे हुए हैं। 12वीं कॉमर्स पढ़ाने वाली कुछ टीचर्स तो नौकरी ही छोड़ने की बात कह रहीं हैं। हालांकि कोई खुलकर बात करने को तैयार नहीं हैं। मंगलवार को नौंवी का साइंस और 11वीं क्लास का बिजनेस स्टडी कैमिस्ट्री का एग्जाम था। स्कूल के बाहर नोटिस चस्पा दिया गया कि यह एग्जाम जूनियर विंग की बिल्डिंग में होगा। वहां पर कड़ी सुरक्षा के बीच जूनियर विंग में एग्जाम लिया गया। इस घटना के बाद जूनियर विंग के स्टूडेंट्स भी डरे हुए हैं। घटना के चार दिन बाद खुले स्कूल में कम संख्या में स्टूडेंट्स पहुंचे थे। न्यू बिल्डिंग में क्लास कब शुरू होंगी इसका फैसला बुधवार को होगा। स्वामी विवेकानंद शिक्षण संस्था के प्रधान कमल कांबोज ने बताया कि बुधवार को इस बारे में मीटिंग कर फैसला लिया जाएगा कि कब स्कूल खोला जाए।

प्रिंसिपल के बेटे की पोस्ट- परिवार इंसाफ चाहता है

प्रिंसिपल के बेटे रितेश छाबड़ा ने फेसबुक पर पोस्ट अपलोड की है। इसमें उन्होंने कहा है कि उनकी मां की एक छात्र ने हत्या कर दी। मेरा परिवार इसमें इंसाफ चाहता है। अगर हमें इंसाफ नहीं मिला तो यह शिक्षा और न्यायिक व्यवस्था के लिए शर्म की बात होगी। रितू छाबड़ा मेरी मां ही नहीं थी, बल्कि एक अच्छी टीचर थी थी। वे बच्चों का भविष्य बनाना चाहती थी। इसलिए उनकी मां का मर्डर हो गया। उनकी इस पोस्ट पर रिप्लाई करने वालों का तांता लग गया। किसी ने आरोपी छात्र को फांसी की सजा की मांग की तो किसी ने कड़ी सजा की।

घटना के बाद नहीं पहुंचा प्रशासन से कोई भी

घटना के बाद परिवार को सांत्वना देने प्रिंसिपल के घर स्पीकर कंवरपाल और विधायक घनश्यामदास पहुंचे, लेकिन चार दिन हो गए हैं कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा। उधर, मंगलवार को स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी भी प्रिंसिपल के घर पहुंचे। वहीं स्कूल मैनेजमेंट की ओर से भी मंगलवार को ही मैनेजमेंट पदाधिकारी पहुंचे थे।

रोती हुई आरोपी शिवांश की मां। रोती हुई आरोपी शिवांश की मां।
शिवांश की फाइल फोटो। शिवांश की फाइल फोटो।
शिवांश की फाइल फोटो। शिवांश की फाइल फोटो।
प्रिंसिपल रीतू इकॉनोमिक्स की क्लास लेतीं थी। उनके पति राजेश छाबड़ा चाऊमीन सप्लाई करते हैं। प्रिंसिपल रीतू इकॉनोमिक्स की क्लास लेतीं थी। उनके पति राजेश छाबड़ा चाऊमीन सप्लाई करते हैं।