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वीडियो कॉन्फ्रेंस से बयान और पेशी के लिए पहले जजों को कांफ्रेंस हॉल में जाना पड़ता था, अब हर कोर्ट रूम में होगी सुविधा

हरियाणा के सभी जिलों के न्यायालयों में जल्द ही वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बंदियों की पेशी और गवाहों के बयान दर्ज हो सकेंग

Danik Bhaskar | Dec 22, 2017, 06:57 AM IST

पानीपत. हरियाणा के सभी जिलों के न्यायालयों में जल्द ही वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बंदियों की पेशी और गवाहों के बयान दर्ज हो सकेंगे। वीडियो कांफ्रेंस से बयान व पेशी करने के लिए पहले जजों को कांफ्रेंस हॉल में जाना पड़ता था, अब सभी कोर्ट में इस सुविधा को शुरू किया जा रहा है।
प्रथम चरण में सीनियर जजों की अदालतों में एलईडी और इसकी लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है। जल्द ही सभी अदालतों में यह नई व्यवस्था शुरू होगी। अदालतों में वीडियो कॉन्फ्रेंस शुरू होने के बाद समय की बचत होगी। सिर्फ बड़े केस और जरूरत पड़ने पर ही डॉक्टरों को कोर्ट में बुलाया जाएगा। फौजदारी के अधिकतर केस में डॉक्टर गवाह होते हैं। आए दिन उनकी कोर्ट में गवाही होने के कारण मरीजों को उपचार मिलने में परेशानी होती है। लेकिन अब डॉक्टर अस्पताल में लगे वीडियो कॉन्फ्रेंस सिस्टम के जरिए अपने बयान कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज करा सकेंगे। उन्हें कोर्ट में नहीं आना पड़ेगा। इससे डॉक्टर के समय की बचत होगी और वे कोर्ट में आने-जाने वाले समय में मरीजों को देख सकेंगे। पानीपत में सेशन जज डॉ. जे आर चौहान, सभी एडिशनल सेशन जज, चीफ जुडीशियल मजिस्ट्रेट व अन्य सीनियर जजों की अदालतों में जज की कुर्सी के पीछे एलईडी लगाई गई है। प्रदेश के जिला अस्पतालों में भी वीडियो कॉन्फ्रेंस सिस्टम लगाया गया है।

कॉन्फ्रेंस से बढ़ेगा ज्यूडीशियल रिमांड
आरोपियों को जेल भेजे जाने के बाद पुलिस को तय समय में आरोपी को न्यायालय में पेश करना होता है। जैसे कि हत्या के आरोपी को न्यायालय ने 14 दिन की ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेजा तो 14 दिन बाद उसको न्यायालय में पेश करना अनिवार्य है। अब जेल और न्यायालय में लगे वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पेशी करवाकर आरोपियों का ज्यूडीशियल रिमांड बढ़ाया जा सकेगा। अभी तक सभी जिलों की अदालतों में एक हाल में वीडियो कॉन्फ्रेंस सिस्टम लगा है। जहां पर जजों को जाकर बयान और पेशी की सुनवाई करते हैं।

पुलिसकर्मियों के समय में होगी बचत
जेल से आरोपियों को न्यायालय में लाने और वापिस ले जाने में कई पुलिसकर्मी लगे रहते हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पेशी होने से पुलिसकर्मियों के समय में बचत होगी। आने वाले समय में हार्डकोर अपराधियों की भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए ही पेशी करवाई जाएगी। जिससे वे पेशी के दौरान पुलिस कस्टडी में फरार न हो सकें। साथ ही विरोधी गैंग उन पर हमला भी नहीं कर सकेगी। जेल में बंद प्रदेश के गैंगस्टरों पर विरोधी गैंग न्यायालय में पेशी पर आते-जाते समय हमला कर रहे हैं। कई मामले सामने आ चुके हैं।


अगली तारीख का मोबाइल पर आएगा मैसेज
नई व्यवस्था के तहत कोर्ट से अगली पेशी की तारीक का मोबाइल पर मैसेज आएगा। इसके लिए तारीक करने आ रहे पीड़ित पक्ष और आरोपी पक्ष से कोर्ट में मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी ली जा रही है। अभी उनके वकीलों मैसेज के लिए अगली तारीक बताई जा रही है। जल्द ही आरोपी पक्ष और पीड़ित पक्ष के मोबाइल और ईमेल के जरिए आगामी तारीक का पता चलेगा। यहीं नहीं ईमेल के जरिए ही संबंधित पार्टी को समन भी जारी किया जाएगा।