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ट्रेन-प्लेटफार्म के बीच फंसा युवक, 50 मीटर घिसटता गया, पायदान काट निकाला

एक लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है और थोड़ी सी सजगता जान बचा भी देती है।

Danik Bhaskar | Jan 21, 2018, 08:54 AM IST

पानीपत. एक लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है और थोड़ी सी सजगता जान बचा भी देती है। पानीपत रेलवे स्टेशन पर शनिवार को ऐसे ही दो उदाहरण दिखे। रिफाइनरी में काम करने वाला 25 साल का राहुल जब भागकर चलती ट्रेन में चढ़ने लगा तो उसका पैर ट्रेन के पायदान और प्लेटफार्म के बीच फंस गया। वहीं, स्टेशन स्टाफ की सजगता के चलते समय रहते कटर से पायदान काट कर उसे निकाल लिया गया।

सुबह करीब 11 बजे पहुंचने वाली सचखंड एक्सप्रेस शनिवार को लेट होने के कारण दोपहर करीब 3 बजकर 15 मिनट पर प्लेटफार्म नंबर 1 पर पहुंची। 2 मिनट ठहराव के बाद ट्रेन चल दी तभी आगरा जाने के लिए राहुल चलती ट्रेन के एस-6 कोच में चढ़ने लगा। उसका पैर पायदान और प्लेटफार्म के बीच फंस गया। करीब 50 मीटर तक वह घिसटता गया। ट्रेन को स्टेशन से आगे माल गोदाम रोड के पास रोका गया। उसे निकालने के लिए प्लेटफाॅर्म तोड़ने का प्रयास किया लेकिन टूट नहीं पाया। ड्रिल मशीन से काटना शुरू किया। मगर पैर पायदान के अंदर फंसा था। इसके बाद कटर मंगवाया और पायदान काट कर करीब एक घंटे बाद युवक निकाला गया। उसे सिविल अस्पताल से प्राथमिक उपचार दिलाकर निजी अस्पताल में रेफर किया। उसकी टांग टूट गई है। वहीं ट्रेन शाम करीब 4 बजकर 25 मिनट पर पानीपत से रवाना हुई।

जान बचाने वाली टीम होगी सम्मानित

रेलवे स्टेशन अधीक्षक धीरज कपूर ने बताया कि युवक का पैर फंसने के बाद जैसी ही हमने सूचना मिली तो इसके बाद पूरी टीम ने फुर्ती दिखाई। स्टेशन पर मौजूद सभी यात्रियों का कहना था कि युवक की जान नहीं बच पाएगी। लेकिन पूरी टीम की फूर्ती के चलते ही जान बच पाई है। टीम में सीडीओ पानीपत जितेन्द्र कुमार, आईओडब्ल्यू प्रवीन बहल, आरपीएफ, जीआरपी के जवान और मेडिकल स्टाफ सदस्य शामिल थे। मामले की जैसी ही जानकारी डीआरएम को मिली तो उन्होंने भी इसके बारे में विस्तार जाना। डीआरएम ने पूरी टीम को ग्रुप अवार्ड देने की घोषणा की है। स्टेशन अधीक्षक ने कहा कि यात्रियों को चलती ट्रेन में चढ़ने से बचना चाहिए।