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हड़ताली एनएचएम कर्मियों पर सख्ती शुरू, 4 हजार के कॉन्ट्रैक्ट किए गए खत्म

सरकार कर्मियों को पक्का करने की मांग मानने को तैयार नहीं, 10 जिलों में ही बचा है हड़ताल का असर।

Danik Bhaskar | Dec 13, 2017, 08:56 AM IST

पानीपत। राज्य की भाजपा सरकार ने 24 घंटे का नोटिस दिए जाने के बावजूद काम पर नहीं लौटने वाले हड़ताली एनएचएम कर्मियों को बर्खास्त करना शुरू कर दिया है। इसके तहत विभिन्न जिलों में करीब 4 हजार हड़ताली कर्मियों का कांट्रेक्ट खत्म कर दिया गया है। अब जल्द ही उनके पदों पर नई भर्तियां की जाएंगी।

115 कर्मचारी काम पर लौटे

- स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि ज्यादातर हड़ताली कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। जिन 10 जिलों में अभी हड़ताल चल रही है, उनमें भी करीब 40 फीसदी कर्मचारी ही आंदोलनरत हैं। जबकि पानीपत में 115 कर्मचारी काम पर लौट आए हैं।

- स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने मंगलवार को यहां चंडीगढ़ में बताया कि सोमवार शाम तक किसी भी हड़ताली कर्मचारी को बर्खास्त नहीं किया गया था। लेकिन मंगलवार तक काम पर न लौटने पर कांट्रेक्ट खत्म करने के निर्देश थे। इन निर्देशों की पालना में जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारियों ने अब कार्रवाई शुरू कर दी है।

- नोटिस मिलने के बावजूद जो कर्मचारी काम पर नहीं लौटे, उनकी जगह पर नई भर्तियां कर ली जाएंगी। फिर इन्हें किसी भी हालत में नौकरी पर नहीं लिया जाएगा। फिलहाल 10 जिलों अंबाला, रोहतक, कैथल, नारनौल, सोनीपत, रेवाड़ी, यमुना नगर, भिवानी, पंचकूला और जींद में एनएचएम कर्मियों की हड़ताल का असर ज्यादा है।

- राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से सरकार ने कई कदम उठाए हैं। मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए अस्पताल परिसरों के 2 किलोमीटर के दायरे में धारा 144 भी लागू की गई है। साथ ही एंबुलेंस निजी चालकों से चलवाई जा रही हैं।

सरकार कर्मियों की समस्या खत्म करने को गंभीर: सीएम
- मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों की समस्याओं को खत्म करने को लेकर प्रदेश सरकार काफी गंभीर है। कर्मचारियों की जहां कई मांगों को पूरा किया गया है तो वहीं कुछ मांगे केंद्र सरकार से संबंधित हैं, इसलिए केंद्र सरकार से भी पत्र व्यवहार किया जा रहा है।

- सीएम ने यह बातें मोतीलाल नेहरू खेलकूद विद्यालय, राई में आयोजित 66वीं अखिल भारतीय पुलिस हॉकी प्रतियोगिता-2017 के समापन अवसर पर कहीं। सीएम यहां विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि कर्मियों के मुद्दे को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भी गंभीरता पूर्वक देख रहे हैं।

24 घंटे के नोटिस के फेर में फंसी कार्रवाई

- स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक हड़ताली कर्मचारियों पर एक्शन में देरी इसलिए हुई, क्योंकि मंत्री अनिल विज की ओर से दिए गए 24 घंटे के अल्टीमेटम को लेकर अफसरों और कर्मचारियों ने अलग-अलग मायने निकाल लिए। दरअसल, कन्फ्यूजन ये हो गया कि 24 घंटे कब से माने जाएं।

- विभाग को निर्देश मिले तब से, सीएमओ को निर्देश मिले तब से अथवा हड़ताली कर्मचारी को नोटिस प्राप्ति के बाद से। हालांकि विज की ओर से 8 दिसंबर को दिए गए बयान के मुताबिक हड़ताली कर्मियों को 9 दिसंबर को सुबह तक काम पर लौटना था।

राज्य कर्मचारी संघ ने एनएचएम कर्मियों का किया समर्थन

- हरियाणा राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष बलजीत सिंह संधू, राज्य महासचिव किशन लाल गुर्जर, संगठन सचिव कर्मवीर संधू, जिला अध्यक्ष विनोद शर्मा ने पूरे प्रदेश में चल रही एनएचएम कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का समर्थन किया है।

- 15 दिसंबर को राज्य में सभी जिलों में डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मियों की मांगों व समस्याओं का तुरंत संघ के शिष्टमंडल से बातचीत कर समाधान करें।

पलवल में सरकारी अस्तालों में घटी मरीजो की संख्या

- एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल मरीजों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। मरीज अब निजी अस्पतालों की तरफ रुख करने लगे हैं। यहां सिविल हॉस्पिटल में पंजीकरण खिड़की खाली रहने लगी है।

- जिला नागरिक अस्पताल में हड़ताल से पूर्व ओपीडी में मरीजों की संख्या 1500 से 1800 के बीच थी, जबकि अब यह घटकर 496 हो गई है। यानि उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या घटकर 30 फीसदी ही रह गई है। आठवें दिन हड़ताल की अध्यक्षता प्रधान सतपाल डागर ने की।