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राष्ट्रमंडल खेलों में सिलेक्ट होने के बावजूद रुक सकते हैं ओलिंपिक चैंपियन सुशील के कदम

खेलों के लिए चयन होने के बावजूद देश की ओर से फिर से प्रतिभागिता करने का सपना इस बार टूट सकता है।

Danik Bhaskar | Jan 15, 2018, 04:32 AM IST

सोनीपत. विश्व चैंपियन और दो बार के ओलिंपिक पदक विजेता सुशील कुमार का राष्ट्रमंडल खेलों के लिए चयन होने के बावजूद देश की ओर से फिर से प्रतिभागिता करने का सपना इस बार टूट सकता है। दिल्ली में नेशनल ट्रायल के दौरान प्रवीण राणा के भाई पर कथित तौर पर सुशील कुमार के समर्थकों की ओर से की गई मारपीट को लेकर पुलिस में सुशील कुमार के खिलाफ भी केस दर्ज है।


कुश्ती फेडरेशन की ओर से तय किया गया है कि अगर सुशील के खिलाफ पुलिस की ओर से चार्जशीट दाखिल होती है, तो उन्हें प्राथमिक तौर पर निलंबित किया जा सकता है। 2014 राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता सुशील कुमार इस बार ट्रायल में कामयाब होने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया का टिकट नहीं कटवा सकेंगे। हालांकि फेडरेशन की कोशिश इस मामले को आपसी सहमति से निपटाने की भी है। इसलिए प्रो-कुश्ती लीग के बाद इस मसले को अनुशासन समिति में रखा जाएगा। इसमें दोनों ही पक्षों को फिर से अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। बता दें कि राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन 4 अप्रैल से ऑस्ट्रेलिया में होना है।

2016 ओलंपिक में भारत की
ओर से कोई चुनौती ही नहीं रही
पहले नरसिंह की ओर से विश्व कुश्ती में पदक के बाद ओलिंपिक में चयन होना तथा फिर डोपिंग विवाद के चलते न चयन पर दावा ठोकने वाले सुशील कुमार का जा पाना हुआ और निलंबन के कारण नरसिंह के भी नहीं जाने से ओलंपिक में भारत ने दूसरे देशों को बिना मांगे वॉकओवर दे दिया। देश की ओर से कोई चुनौती ही नहीं रखी जा सकी।
2014 में ट्रायल विवाद पहुंचा था कोर्ट तक : 2014 में राष्ट्रमंडल खेल में बिना ट्रायल के ही भारतीय टीम का चयन स्टेडियम से लेकर कोर्ट में पहुंचा था। तब भारतीय कुश्ती दल के सदस्यों ने फेडरेशन पर बिना ट्रायल ही टीम चुन लिए जाने का आरोप लगाते हुए कोर्ट में भी याचिका दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने फेडरेशन पर जुर्माना लगाया था, लेकिन चुनी गई टीम को नहीं बदला था।

मुझे रोकने की कोशिश हो रही है, मैं ऐसी गलती नहीं करूंगा: सुशील
मैंने कुश्ती में अपना जीवन लगा दिया। नर सिंह विवाद के बाद फिर से खुद को अंतरराष्ट्रीय कुश्ती के लिए तैयार किया। राष्ट्रीय स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खुद को साबित किया, लेकिन एक बार फिर से मुझे रोकने की कोशिश की जा रही है, मुझमें इतनी समझ है कि मैं अपने करियर के इस पड़ाव में आकर ऐसी गलती नहीं करूंगा। इस बाबत मैं फेडरेशन को भी अपना जवाब दे चुका हूं।
-सुशील कुमार, ओलंपिक पदक विजेता।

सुशील ने धमकी दी, अब मुझे न्याय की उम्मीद: प्रवीण राणा
^ मैंने कुश्ती में अपनी मेहनत से साख बनाई है। राष्ट्रमंडल खेलों की ट्रायल के दौरान सुशील कुमार के समर्थकों की ओर से मुझे धमकी दी गई तथा मेरे भाई को पीटा गया। कुश्ती के आगे बढ़ने में ऐसी चीजों पर रोक जरूरी है, क्योंकि कुश्ती पर किसी एक विशेष का कब्जा नहीं है। अपनी-अपनी शिकायत भारतीय कुश्ती फेडरेशन को दी है, मुझे न्याय की पूरी उम्मीद है।
-प्रवीण राणा, अंतरराष्ट्रीय पहलवान।

अनुशासन समिति में रखा जाएगा मामला: कुश्ती फेडरेशन

^कुश्ती के लिए इस प्रकार के विवाद सही नहीं है। फेडरेशन के प्रवीण की शिकायत के बाद सुशील कुमार का जवाब भी आ चुका है, जिसमें उन्होंने इस प्रकार की किसी भी घटना में संलिप्तता से इनकार किया है। प्रीमियर कुश्ती लीग के बाद इस मसले को अनुशासन समिति के समक्ष रखा जाएगा।
-विनोद तोमर, कार्यकारी सचिव, भारतीय कुश्ती संघ।