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नामुंडा गांव में रंजिशन दो पक्षों में खूनी संघर्ष, दो लोगों की मौत, चार घायल

रंजिश को लेकर समालखा के नामुंडा गांव में दो पक्षों में संघर्ष हो गया।

Danik Bhaskar | Jan 09, 2018, 07:49 AM IST

समालखा. रंजिश को लेकर समालखा के नामुंडा गांव में दो पक्षों में संघर्ष हो गया। दोनों पक्षों से 1-1 व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल हो गए। एक युवक को गंभीर हालत में खानपुर रेफर किया गया है। घटना का पता चलते ही पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा, डीएसपी नरेश अहलावत, सीआईए समेेत भारी पुलिस बल गांव में पहुंच गया। पुलिस ने दोनों शवों को पानीपत के डेडहाउस में रखवा दिया है, जिनका मंगलवार को पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। मामले में पूछताछ के लिए पुलिस कुछ लोगों को लेकर गई है।


नामुंडा गांव में वर्ष 2011 में शादी समारोह के दौरान जगदीश व धर्मेंद्र पक्ष के बीच गली में गाड़ी खड़ी करने को लेकर विवाद हुआ था। सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे जगदीश अपने पिता लालचंद को घर खाना खिलाकर अपने छोटे भाई के पास छोड़ने जा रहा था। इसी दौरान धर्मेंद्र अपने भाई राजेंद्र के साथ कार में गांव पहुंचा। उसने लालचंद को टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद दोनों के बीच विवाद हो गया। जगदीश के परिजनों ने लाठी, डंडों व तेजधार हथियार से धर्मेंद्र पर हमला कर दिया। गांव में एक सत्संग भवन के नजदीक कार क्षतिग्रस्त होने के साथ कार मेंं धर्मेंद्र को जान से मार दिया। बीच-बचाव करने आए धर्मेंद्र के पिता महावीर व बहन कुसुमलता को चोटें आई हैं। वहीं, धर्मेंद्र के भाई राजेंद्र ने लाइसेंसी बंदूक से जगदीश पर फायरिंग कर दी। जिससे जगदीश की मौके पर मौत हो गई। इसके अलावा जगदीश के भांजे महेश उर्फ मोनू पर गोली चला दी। गोली महेश के पेट के साइड में लगकर आरपार हो गई। घायल लालचंद व महेश को परिजन शहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लेकर पहुंचे। जहां से महेश को खानपुर रेफर कर दिया गया।

महेश दूध लेने गया था
भाई प्रवीन कश्पय ने बताया कि हम नामुंडा गांव में अपने मामा के यहां रहते हैं। महेश नामुंडा के पास एक गैस एजेंसी में वेंडर का काम करता है। शाम करीब साढ़े सात बजे गांव में ही प्रवीन की दुकान पर दूध लेने गया था। दूध लेकर वापस घर आ रहा था तो रास्ते में ही धमेंद्र व राजेंद्र ने उसके ऊपर हमला बोल दिया और गोली मार दी।

गांव मेंं पसरा सन्नाटा: नामुंडा मेंं दो पक्षों मेंं संघर्ष में दो लोगों की मौत के बाद से गांव में सन्नाटा पसर गया है। घटना करीब साढ़े सात बजे की बताई जा रही है। गांव में तकरीबन सभी घरों के दरवाजे बंद थे। लोगों ने सिर्फ इतना बताया कि धर्मेंद्र करीब 20 साल पहले खानपुर से आकर गांव मेंं बसे थे। वहीं, जगदीश का परिवार वर्ष 1972 में सोनीपत के भट गांव से आकर यहां रहने लगा था। मृतक धर्मेंद्र का एक लड़का है, जबकि जगदीश के पास तीन लड़के व एक लड़की है।

मामले की छानबीन कर रहे हैं : डीएसपी
डीएसपी नरेश अहलावत ने बताया कि सोमवार शाम करीब 8 बजे नामुंडा गांव में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष में दो लोगों की मौत होने के साथ चार लोग घायल हो गए। गांव में पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा समेत भारी पुलिस बल पहुंचा। धर्मेंद्र के घर से 12 बोर की बंदूक व कई कारतूस मिले हैं। मामले की जांच की जा रही है।

2011 में हुआ था झगड़ा

जगदीश के भाई प्रेम कश्पय ने बताया कि वर्ष 2011 मेंं उसके परिवार में पाले की लड़की की शादी में बारात आई थी। उस समय गली में गाड़ियां खड़ी थीं। धर्मेंद्र ने गली में खड़ी गाड़ियों को शीशे तोड़ दिए थे। जिसको लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। प्रेम ने बताया कि मारपीट होने के बाद उनके रिश्तेदार पानीपत अस्पताल में एडमिट थे। तब कुछ लोग उनका पता लेने के लिए पानीपत गए थे। वहां से वापस आते वक्त महराणा के पास उनके साथ भी मारपीट की गई थी। इसी रंजिश को लेकर हमारे व धर्मेंद्र के बीच दो मामले चल रहे थे। लेकिन शादी के दौरान हुआ झगड़ा आपसी रजामंदी से निपट गया था।