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विज ने पत्थर फेंकने वालों को दी माफी, मगर कानून में इस तरह केस निपटाने का प्रावधान नहीं

पानीपत में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की गाड़ी पर हुए हमले के मामले में नया मोड़ आया है। अपने कड़क स्वभाव के लिए जाने...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 03:25 AM IST

विज ने पत्थर फेंकने वालों को दी माफी, मगर कानून में इस तरह केस निपटाने का प्रावधान नहीं
पानीपत में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की गाड़ी पर हुए हमले के मामले में नया मोड़ आया है। अपने कड़क स्वभाव के लिए जाने जाने वाले मंत्री अनिल विज ने शनिवार को सब कुछ भुलाने की बात कहकर हमलावरों को माफी दे दी। उन्होंने कहा कि शराब पीए हुए सिरफिरे ने घटना को अंजाम दिया था। मैंने उसे माफ कर दिया है। पानीपत के एसपी को भी कहा था कि उसे माफ कर दिया जाए, क्योंकि घटना इतनी बड़ी नहीं थी। आगे पुलिस जो करे वो उसका अधिकार है। हालांकि दोनों आरोपियों को अभी छोड़ा नहीं गया है। लीगल एक्सपर्ट का कहना है कि मंत्री के सिर्फ कहने से काम नहीं चलेगा। कागजी प्रॉसेस पूरी होने के बाद ही दोनों का केस वापस हो सकता है। वहीं शनिवार को दोनों आरोपी दीपक पुत्र भारतभूषण निवासी महावीर कॉलोनी और अमित पुत्र धर्मसिंह निवासी शांति नगर को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।

अमित के पिता सब इंस्पेक्टर धर्मसिंह बोले- बेटे की गलती पर मैं माफी मांगता हूं

पानीपत . आरोपी को कोर्ट से पेशी के बाद ले जाते पुलिसकर्मी।

पुलिस ने दो दिन का मांगा रिमांड

सिटी थाना के कार्यवाहक एसएचओ सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अमित व दीपक को शनिवार दोपहर में जज गिरिराज की अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने पूछताछ करने के लिए दोनों आरोपियों का दो दिन का पुलिस रिमांड मांगा। न्यायालय ने दोनों को एक दिन की पुलिस रिमांड पर साैंपा है। शर्मा ने बताया कि अब तक की पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि एससी/एसटी एक्ट में हुए बदलाव के बाद आरोपी तनाव में था। इसलिए उसने यह कदम उठाया है।

जीआरपी में एसआई के पद पर तैनात अमित के पिता धर्मसिंह ने कहा कि बेटा अमित पढ़ने के लिए सेंटर पर आया था। वहां से दूसरा लड़का बुलाकर ले गया। मंत्री अनिल विज से मिलना चाहते थे। मेरा बेटा पढ़ा लिखा है। बीकॉम पास है। पुलिस भर्ती में आधा नंबर से रह गया था। इसलिए मिलने आया था। लेकिन किसी ने मिलने नहीं दिया तो एक तरफ खड़ा हो गया। साथ वाले ने ईंट मार दी। मेरे लड़के का कोई कसूर नहीं है। लेकिन वह साथ था, इसलिए हम गलती मानते हैं। इतने बड़े व्यक्ति के साथ ऐसा काम नहीं करना चाहिए था। अपने लड़के और मैं खुद अपनी तरफ माफी मांगता हूं। मैं मंत्री के पास जाकर माफी मागूंगा।

पेशी के दौरान परिजन भी पहुंचे कोर्ट

आरोपियों के कोर्ट में पेश किए जाने से पहले उनके परिजन भी कोर्ट परिसर में पहुंच गए। उनके साथ वकील भी थे। दीपक की मां तो बार-बार रो रही थी। उसने कहा कि बेटा ही सहारा था। अब पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया। वह पढ़कर अफसर बनना चाहता था। उसने ऐसा काम क्यों किया, समझ से परे हैं।

एक्सपर्ट व्यू

सरकार को सीआरपीसी की धारा 321 के तहत केस वापसी का हक

स्वास्थ्य मंत्री की गाड़ी पर पत्थर फेंकने वाले आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ है। यह धाराएं गैर जमानती हैं। अगर मंत्री ने माफी दी है तो सिर्फ कहने से काम नहीं चलेगा। सरकार को सीआरपीसी की धारा 321 में केस वापस लेने का अधिकार है। इसके लिए सरकार द्वारा बनाई गई कंपीटेंट अथॉरिटी एसपी व डीए से राय मांगेगी कि क्या केस वापस कर सकते हैं। उनके हां करने के बाद अथॉरिटी डीए को पत्र लिखेगी कि इस केस को वापस लिया जाए। फिर सरकारी वकील संबंधित कोर्ट में केस वापस करने बाबत याचिका दायर करेगा। इसके बाद कोर्ट की मर्जी है कि वह केस को वापस लेती है या नहीं। ...(केसी शर्मा, सीनियर वकील)

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