Hindi News »Haryana »Panipat» पहले दिन नहीं हुई गेहूं खरीद, प्रशासन के दावे के बाद भी मंडियों में व्यवस्था बदहाल

पहले दिन नहीं हुई गेहूं खरीद, प्रशासन के दावे के बाद भी मंडियों में व्यवस्था बदहाल

मंडियों में गेहूं की आवक नहीं होने के कारण 1 अप्रैल से जिले की मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:40 AM IST

पहले दिन नहीं हुई गेहूं खरीद, प्रशासन के दावे के बाद भी मंडियों में व्यवस्था बदहाल
मंडियों में गेहूं की आवक नहीं होने के कारण 1 अप्रैल से जिले की मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई। आढ़तियों ने कहा कि किसानों की फसल तैयार है मगर मंडियों में तैयारियां अभी अधूरी हैं। अगर सोमवार से किसान गेहूं ले भी आते हैं तो भी खरीद बाधित हो सकती है। जिले में 6 मंडियां और 6 खरीद केंद्र बने हैं। इनमें से एक में भी तैयारियां पूरी नहीं हैं। कहीं जगह की कमी है तो कहीं अभी भी महिलाएं उपले बना रही हैं। शौचालयों की व्यवस्था भी नहीं की गई है। न पीने के लिए पानी है। मंडियों की चारदीवारी टूटी है, और चौकीदार भी नहीं रखे गए हैं।

दौरा कर तैयारी के देंगे निर्देश : जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी डॉ. अनीता खर्ब का कहना है कि हमारी तरफ से खरीद की सभी तैयारी पूरी हैं। मंडियों में मूलभूत सुविधाओं की जिम्मेदारी मार्केट कमेटियों की है, जिसके लिए उन्हें निर्देश दिए गए हैं। हम अपना कंट्रोल रूम बना चुके हैं। सभी एजेंसियों के दिन तय कर चुके हैं और बारदाना आदि सभी की व्यवस्था हो चुकी है। पहले दिन किसी मंडी में गेहूं आने की कोई सूचना हमारे पास नहीं आई है।

ग्राउंड रिपोर्ट

पानीपत मंडी : जिले की सबसे बड़ी मंडी है। मगर तैयारियां अभी तक अधूरी हैं। वाटर कूलर तो लगे हैं पर रिपेयरिंग नहीं हुई। दो नए वाटर कूलर लगने भी बाकी हैं। चार दीवारी का काम शेष है और सीवर समस्या भी बरकरार है।

इसराना मंडी : यहां जगह कम है और कई वर्षों से गेहूं हाईवे पर डाला जाता है। इस बार भी ऐसा ही होगा। मंडी में बिजली, पानी और शौचालय आदि की कोई व्यवस्था नहीं है। चारदीवारी टूटी हुई जिसकी मरम्मत का काम अभी तक शुरू भी नहीं हुआ है।

बाबरपुर मंडी : अधिकारियों के दौरे के बावजूद खरीद प्रबंध अधूरे हैं।

समालखा मंडी : कई जगह गंदगी के ढेर लगे हैं, तो कहीं गंदा पानी जमा है। पीने के पानी व स्ट्रीट लाइट आदि की व्यवस्था भी नहीं हो पाई है।

मतलौडा मंडी : बिजली के अस्थाई कनेक्शन लिए जा रहे हैं। चौकीदार भी नहीं है। वाटर कूलर खराब पड़े हैं।

बापौली मंडी : समस्याओं का अंबार है। मंडी में गंदगी के ढेर लगे हैं।

छिछड़ाना खरीद केंद्र : यहां पर गेहूं डालने के लिए हर वर्ष जगह की कमी रहती है। इस बार भी ऐसा ही है। पानी के लिए सबमर्सिबल का सहारा लिया जा रहा है।

सनौली खरीद केंद्र : जगह-जगह गंदगी के ढेर और गंदा पानी भरा है। दबंगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं और गोबर के उपले तक बना रखे हैं।

अहर खरीद केंद्र : यहां खरीद केंद्र झील के अंदर है। बारिश आ जाए तो निकासी कहीं भी नहीं हो सकती है। हर वर्ष यहां पर फसल भीग जाती है।

बबैल खरीद केंद्र : खरीद केंद्र पर महिलाओं ने उपले बना रखे हैं।

नौल्था खरीद केंद्र : यहां न तो निकासी की व्यवस्था है और महिलाओं ने उपले बनाकर कब्जे कर रखे हैं।

उरलाना कलां खरीद केंद्र : पानी की व्यवस्था नहीं है। हैंडपंप भी खराब हैं।

जिले में 6 मंडी और 6 खरीद केंद्र, पर व्यवस्था एक जगह भी सही नहीं

पानीपत. खरीद केंद्र पर बनाए गए उपले और घूमती भैंसें।

इसराना क्षेत्र में किसानों ने की अस्थाई दमकल केंद्र की मांग

इसराना | क्षेत्र में गेहूं की कटाई का सीजन शुरू हो गया है। मंडी प्रशासन ने गेहूं की आवक की सभी तैयारियां पूरी कर ली है। इसराना में गेहूं खरीद के लिए इसराना अनाज मंडी, नौल्था व अहर खरीद केंद्र बनाए गए हैं। मार्केट कमेटी प्रशासन मंडी व खरीद केंद्र किसानों को मूलभूत सुविधा प्रदान करने का दावा कर रही है। लेकिन, इसराना अनाज मंडी में किसानों को पीने के पानी के लिए सिर्फ एक वाटर कूलर व रेहड़ी पर मटके लगाए गए हैं। जबकि मंडी में सार्वजनिक शौचालय की सुविधा नहीं है।

हर वर्ष खेतों के ऊपर से गुजरने वाली बिजली की तारों के कारण गेहूं की काफी फसल जल जाती है। इससे बचने के लिए किसान जगदीश, धर्मबीर, बलबीर सिंह, महेंद्र सिंह, राममेहर सिंह, जगपाल सिंह व देवेन्द्र जागलान ने प्रशासन से इसराना में अस्थाई दमकल केंद्र की मांग की है। वहीं, गत दो वर्षों के रिकार्ड को देखते हुए ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार गेहूं की पैदावार अच्छी हुई है। वहीं, इसराना अनाज मंडी, अहर व नौल्था खरीद केंद्रों पर हैफेड व वेयर हाउस तीन-तीन दिन खरीद करेगी। सोमवार, मंगलवार व वीरवार को हैफेड व बुधवार, शुक्रवार और शनिवार को वेयर हाउस खरीद करेगी।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Panipat

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×