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मनोहर लाल ने कहा- कभी भी, कहीं भी मीटिंग को तैयार, 14 को दिल्ली और फिर चंडीगढ़ में रहूंगा

चंडीगढ़ में बैठक कर दिल्ली-एनसीआर में फैले जहरीले स्मॉग की समस्या का समाधान ढूंढेंगे।

Bhaskar news | Last Modified - Nov 14, 2017, 04:36 AM IST

मनोहर लाल ने कहा- कभी भी, कहीं भी मीटिंग को तैयार, 14 को दिल्ली और फिर चंडीगढ़ में रहूंगा

चंडीगढ़/ पानीपत।हरियाणा के सीएम मनोहर लाल व दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल बुधवार को चंडीगढ़ में बैठक कर दिल्ली-एनसीआर में फैले जहरीले स्मॉग की समस्या का समाधान ढूंढेंगे। 8 नवंबर को केजरीवाल ने पत्र भेजकर इस मुद्दे पर बातचीत के लिए हरियाणा व पंजाब के मुख्यमंत्रियों से वक्त मांगा था। इसके जवाब में लिखे पत्र में खट्‌टर ने कहा, ‘मैं कभी भी और कहीं भी बातचीत के लिए तैयार हूं। 13 नवंबर की शाम से 14 को पूर्वान्ह तक मैं दिल्ली में हूं। इसके बाद चंडीगढ़ में रहूंगा।

केजरीवाल चाहें तो दिल्ली, नहीं तो चंडीगढ़ में बात कर सकते हैं।’ 5 घंटे बाद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘खट‌्टर जी मंगलवार को दिल्ली में हैं। उनसे बात हुई। कहा कि वह व्यस्त हैं। दिल्ली में मुलाकात नहीं हो पाएगी। मुझे बुधवार को चंडीगढ़ बुलाया है। उम्मीद है कि हम बुधवार को चंडीगढ़ में मिलेंगे।’ केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि पड़ोसी राज्यों की सरकारें पराली जलाने के विकल्प मुहैया कराने में असफल रही हैं। इसलिए किसान खेतों में पराली जला रहे हैं। इस पर पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने केजरीवाल को अजीब शख्स कहा था। अब हरियाणा के सीएम ने जवाबी पत्र में कहा है, ‘दिल्ली के सीएम ‘पॉल्यूशन पॉलिटिक्स’ कर रहे हैं। स्मॉग की समस्या में कुछ हद तक दिल्ली सरकार की निष्क्रियता भी जिम्मेदार है। वहां 40 हजार परिवार 40 हजार हेक्टेयर जमीन पर खेती करते हैं। उन्हें पराली जलाने से रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने क्या कदम उठाए?’

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, हरियाणा, पंजाब और यूपी को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा, ‘दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक है। राज्य सरकार बताएं कि इससे निपटने के लिए क्या प्रयास कर रहे हैं। प्रदूषण को लेकर विभिन्न अदालतों में चल रहे मामलों पर रोक नहीं लगाई जाएगी।’ कोर्ट ने केंद्र, हरियाणा, पंजाब और यूपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। वहीं, पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण (ईपीसीए) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पंजाब-हरियाणा के खेतों में जलाई जाने वाली पराली ही हालात बिगाड़ने के लिए जिम्मेदार नहीं है। कुछ और भी ऐसी वजहें हैं, जिनके कारण सर्दियों में दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। ईपीसीए ने दिल्ली-एनसीआर में डीजल गाड़ियों और थर्मल पॉवर प्लांट अस्थायी तौर पर बंद करने का सुझाव दिया है।

अॉड-ईवन स्कीम पर आदेश में संशोधन करवाने एनजीटी पहुंची दिल्ली सरकार

दिल्ली सरकार ने एनजीटी से ऑड-ईवन स्कीम को लेकर गत शनिवार को जारी आदेश में संशोधन की मांग की है। एनजीटी ने महिला ड्राइवरों और दोपहिया वाहनों को भी ऑड-ईवन में शामिल करने का आदेश दिया था। सरकार ने मांग की कि सुरक्षा के लिहाज से महिलाओं को इस आदेश से बाहर रखा जाए। सरकार ने एक साल के लिए छूट मांगी है, ताकि इस दौरान दो हजार नई बसें चलाई जा सकें। सरकार ने पुनर्विचार याचिका दोपहर में दायर की। याचिका आने से पहले एनजीटी ने टिप्पणी की थी कि दिल्ली सरकार ने ऑड-ईवन पर अभी कोई पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं की। सरकार हमसे संपर्क करना चाहती भी है या सिर्फ मीडिया के लिए बयान भर जारी किया था।

हरियाणा समेत तीन राज्यों में पेटकोक पर रोक बरकरार

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर के साथ हरियाणा, राजस्थान व यूपी में पेटकोक जलाने पर प्रतिबंध जारी रखा है। मामले पर अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी। कोर्ट में याचिका लगाने वाली फरीदाबाद इंडस्ट्री एसोसिएशन के कार्यकारी निदेशक कर्नल (रिटायर्ड) एस कपूर ने कहा कि इंडस्ट्रीज बंद है, लेकिन तीनों राज्यों में से एक भी सरकार ने इस संबंध में एफिडेविट नहीं दिया।

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