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लड़कियाें से ज्यादती के केस में 97% लोग करीबी, 3 घटनाएं जो बताती हैं हालात

हरियाणा में नाबालिग बेटियों से ज्यादती के मामले बढ़ रहे हैं।

bhaskar News | Last Modified - Nov 11, 2017, 03:56 AM IST

हिसार/पानीपत.हरियाणा में नाबालिग बेटियों से ज्यादती के मामले बढ़ रहे हैं। शर्मसार करने वाली बात यह है कि इन बेटियों से ज्यादती करने वालों में परिवार के परिचित, रिश्तेदार या कोई बहुत ही करीबी हैं। जो घर में अकसर आते जाते रहते हैं। घर में बाते करते हैं, माता-पिता के सामने बड़े हितैषी बनते हैं पर बेटियों पर बुरी नजर रखते हैं। हद तो यह है कि ऐसे लोग छोटी-छोटी बच्चियों से भी हैवानियत कर बैठते हैं। यह खुलासा हाल ही में आई महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के प्लान इंडिया द्वारा जारी जीवीआई (जेंडर वलनरेबिलिटी इंडेक्स) रिपोर्ट में हुआ है।बच्चे-फैमिलीवाले बताने से भी डरते हैं...

- रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा में नाबालिग लड़कियों के साथ आए दिन हो रही रेप और छेड़खानी की घटनाओं में 97.8 प्रतिशत लोग परिचित और रिश्तेदार ही निकले।
- रिपोर्ट में बताया गया है कि घर आने जाने वाले ये लोग छोटी बच्चियों से चॉकलेट अथवा कोई अन्य चीज देने के बहाने छेड़छाड़ करते हैं।
- बड़ी बच्चियों का कोई आपत्तिजनक वीडियो बनाकर या घरवालों से किसी प्रकार की शिकायत करने का दबाव डालकर शोषण करते हैं।
- कई बार शर्म के कारण बच्चे और परिवारवाले समाज के डर से इसकी शिकायत तक नहीं करते। कई मामलों में टीचर ही छेड़छाड़ अथवा रेप की हरकत करते हैं।
महिला सुरक्षा में प्रदेश 21वें नंबर पर
- केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने प्लान इंडिया की जीवीआई रिपोर्ट में देश के 30 राज्यों में महिलाओं की सिक्योरिटी, हेल्थ, एजुकेशन व गरीबी की स्थिति के बारे में भी बताया गया है।
- इस रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में 32 पर्सेंट महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार होती हैं। 18.5% लड़कियों की 18 वर्ष से पहले ही शादी कर दी जाती है।
लड़कियों की शिक्षा की स्थिति भी चिंताजनक
- राज्य में 65 प्रतिशत लड़कियां 10 वर्ष या इससे अधिक शिक्षा प्राप्त ही नहीं कर पाती।
- हरियाणा में 46 प्रतिशत महिलाएं पढ़ी-लिखी हैं, जबकि देश में 10 में से 7 महिलाएं पढ़ी लिखी हैं।
- राज्य में सिर्फ 82.3 प्रतिशत स्कूलों में लड़कियों के लिए टॉयलेट प्रयोग करने योग्य हैं।
सेहत के मामले में हम 26वें पायदान पर
- 78.4 प्रतिशत महिलाएं मासिक धर्म के दौरान गलत प्रक्रिया को अपनाकर नुकसान उठाती हैं।
- 25.6 प्रतिशत घरों में अभी भी शौचालय की सुविधा नहीं हैं, यह लोग खुले में शौच जाते हैं।
- तीन गर्भधारण महिलाओं में से 2 महिलाएं ही गर्भपात के लिए रजिस्ट्रेशन कराती हैं।
आगे की स्लाइड्स में पढ़ें 3 घटनाएं जो बताती हैं हालात
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