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बसों का औसत खर्च पहले 46 रु. प्रति किमी और बाद में 21 रु. तक बताने वाले चार जीएम सस्पेंड

हरियाणा रोडवेज के 4 डिपो के जनरल मैनेजर (जीएम) को सरकार ने तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

Danik Bhaskar | Nov 30, 2017, 05:59 AM IST

चंडीगढ़/ पानीपत. हरियाणा रोडवेज के 4 डिपो के जनरल मैनेजर (जीएम) को सरकार ने तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। साथ ही एक दिन का वेतन काटने के भी आदेश दिए हैं। इन पर बसों के संचालन में खर्च और रूट के फायदे को लेकर गलत आंकड़े पेश कर विभाग और सीएम तक को गुमराह करने की कोशिश का आरोप है। इन अधिकारियों ने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि इन्हें डर था कि लंबे रूट पर घाटे में चल रही बसों या रूट्स को सरकार बंद कर सकती है।

परिवहन विभाग के अधिकारी को इन डिपो के जीएम ने अक्टूबर माह में रोडवेज बसों के संचालन का औसत खर्च (अप्रैल से अक्टूबर 2017 की अवधि) 36 से 46 रुपए प्रति किमी. बताया। इसके बाद नवंबर के पहले और दूसरे सप्ताह में होने वाली सीएम मनोहर लाल की रिव्यू मीटिंग के लिए इन्हीं अधिकारियों से बसों के संचालन के आंकड़े दोबारा मांगे गए तो खर्च 14 रुपए से 21 रुपए प्रति किमी. तक बताया गया। इनमें पलवल डिपो ने 13.69 रुपए, नारनौल डिपो ने 20.64 रुपए, जींद डिपो ने 19.20 रुपए प्रति किमी. संचालन खर्च बताया।जबकि अक्टूबर माह में इन्हीं डिपो की ओर से दिए गए आंकड़ों से काफी अंतर था। दिल्ली से आगरा और नारनौल जिले के कुछ रूट्‌स पर ज्यादा गड़बड़ी सामने आई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि जनरल मैनेजरों ने आंकड़े ही गलत दे दिए। एक माह में ही बस संचालन के खर्चों में इतनी कमी आना संभव ही नहीं है।


घाटे वाले रूटों को फायदे में लाने की कोशिश
सीएम मनोहर लाल ने परिवहन विभाग के महानिदेशक विकास गुप्ता को रोडवेज में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और घाटे में चल रही रोडवेज को फायदे में लाने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत घाटे में चल रहे रूट्‌स को बंद करने की तैयारी है। जीएम और कंडक्टर-ड्राइवरों को एक अवसर दिया है कि वे अपने रूट्‌स को फायदे में लेकर आएं। इसके लिए समय पर बसों का संचालन, बिना टिकट यात्रा करने वालों पर सख्ती, नियमित चेकिंग और डीजल खपत में किफायत बरतने जैसे कई कदम उठाने को कहा है।

ये हुए सस्पेंड
-एनके गर्ग,जीएम, रोडवेजपलवल
-सुरेंद्र सिंह,जीएम, रोडवेजनारनौल
- एमएसखरब, जीएम, रोडवेज,जींद
- एकेडोगरा, जीएम, रोडवेज,पानीपत।

बसों का औसत खर्च...
जबकि अक्टूबर माह में इन्हीं डिपो की ओर से दिए गए आंकड़ों से काफी अंतर था। दिल्ली से आगरा और नारनौल जिले के कुछ रूट्‌स पर ज्यादा गड़बड़ी सामने आई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि जनरल मैनेजरों ने आंकड़े ही गलत दे दिए। एक माह में ही बस संचालन के खर्चों में इतनी कमी आना संभव ही नहीं है। लंबी दूरी के रूट्‌स पर अभी कोई बस बंद नहीं कीः लंबी दूरी के मार्गों पर चलने वाली किसी भी बस को अभी बंद नहीं किया है। इन मार्गों पर यात्री भार और रिकवरी बढ़ाए जाने का मौका दिया गया है। फिर भी रिकवरी और यात्री भार नहीं बढ़ता है तो उसके बारे में आगे सोच-विचार के बाद कोई फैसला किया जाएगा।
-विकासगुप्ता, महानिदेशक हरियाणा परिवहन विभाग