--Advertisement--

आरोपी ने पुलिस पर लगाए थर्ड डिग्री के आरोप, पुलिस बोली- खुद ही कूदा

विकास शर्मा ने सीआईए-1 टीम पर थर्ड डिग्री देकर चोरी का सामान बरामद करने के लिए उसे छत से फेंकने का आरोप लगाए हैं।

Danik Bhaskar | Nov 30, 2017, 03:44 AM IST

करनाल. चोरी के आरोप में पकड़े गए विकास शर्मा ने सीआईए-1 टीम पर थर्ड डिग्री देकर चोरी का सामान बरामद करने के लिए उसे छत से फेंकने का आरोप लगाए हैं। ऊंचाई से फेंकने पर विकास शर्मा की दोनों टांगें टू गई। उसका कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। गुरुवार को उसकी टांगों का ऑपरेशन होना है। विकास ने कहा कि पुलिस उसे जबरदस्ती चोरी कबूलने का दबाव बना रही थी। इसकी शिकायत उसने एसपी करनाल, सीएम विंडो में भी की हुई है।

18 नवंबर को हुई थी चोरी
- अशोक नगर के रहने वाले विकास शर्मा ने बताया कि 18 नवंबर को उसके पड़ोस में उसके दूर के चाचा के घर में कोई व्यक्ति एलईडी टीवी, 10-12 चांदी के सिक्के, दो चांदी की मूर्ति आदि सामान चोरी करके ले गया था। पुलिस ने 20 नवंबर को शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था।

- विकास ने बताया कि 28 नवंबर को सिविल वर्दी में तीन पुलिस कर्मचारी उसके घर आए और बोले की सिटी थाना में उसे बुलाया है।

- इसके बाद पुलिस उसे सीआईए-1 में ले गई। वहां चार पुलिस कर्मचारियों ने उसे कुर्सी पर बैठा दिया और एक लोहे का पाइप उसकी टांगों के बीच डाल रस्सी से बांध दिया। इसके बाद उसकी पिटाई की।

पुलिस ने कहा : जज के सामने क्यों नहीं की शिकायत
- पुलिस अधिकारी कमलदीप सिंह ने बताया कि आरोपी विकास को चोरी का सामान बरामद कराने के लिए उसे अशोक नगर में उसके घर लेकर गए थे, वहां उसने कहा कि चोरी का सामान ऊपर कमरे में रखा है।

- पुलिस उसे कमरे में ले गई तो वह हाथ छुड़ाकर भागने लगा और पड़ोस के मकान की छत पर कूद गया, इससे उसकी टांगों में चोट लगी।

- अधिकारी के मुताबिक मेडिकल कॉलेज में ही जज अनुराधा आईं थीं, उनके सामने विकास ने अपनी गलती मानी कि वह जानकर छत से कूदा था।पुलिस विकास को थर्ड डिग्री देती तो उसने जज साहब के सामने शिकायत करनी थी।

- कमलदीप ने बताया कि अभी चोरी का सामान बरामद नहीं हुआ है इसलिए कोर्ट से विकास शर्मा का 14 दिन का रिमांड मांगा है।

भागने की कोशिश में था आरोपी : एसपी रंधावा

करनाल एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने बताया कि आरोपी विकास शर्मा भागना चाहता था।

वह अपने आप ही पुलिस कर्मचारियों से हाथ छुड़वाकर छत से नीचे कूदा था, जिस कारण उसकी दोनों टांगों में चोट लगी है। इस बारे में माैके पर मौजूद कुछ लोगों ने भी कहा कि वह खुद ही छत से कूदा। मामले की जांच की जा रही है, इसके बाद ही उचित कार्रवाई की जाएगी।

आरोपी से मारपीट नहीं कर सकती है पुलिस
- पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के मेंबर बार कांउसिल एडवोकेट भूपेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि पुलिस किसी भी व्यक्ति या आरोपी के साथ मारपीट नहीं कर सकती और न थर्ड डिग्री दे सकती है।

- इस मामले में यदि पुलिस थर्ड डिग्री देने व उसको छत से गिराकर फेक्चर करने में दोषी पाई जाती है तो आईपीसी की धाराओं के तहत उन पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को सात साल तक की सजा हो सकती है।