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भ्रष्टाचार मामले में ग्राम सचिव बर्खास्त, किलोहड़द की सरपंच और मेवात के सीएमओ सस्पेंड

कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचर के मामलों कि शिकायत पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर ने सख्त रुख अख्तियार किया है।

Danik Bhaskar | Nov 18, 2017, 05:22 AM IST

सोनीपत/नूंह. कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचर के मामलों कि शिकायत पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने गुरुवार को सोनीपत के जनता दरबार में शामड़ी गांव के ग्राम सचिव को भ्रष्टाचार में कलीराम की शिकायत पर बर्खास्त करने के आदेश दिए।


किलोहड़द की महिला सरपंच अजीत कौर को गांव में हुए विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोपी मानते हुए सस्पेंड करने को डीसी को आदेश दिए। वहीं, नूंह में मुख्यमंत्री ने मेवात सीएमओ एसआर सिवार को ठेके पर नौकरी के मामले में गड़बड़ी पर सस्पेंड करने के आदेश दिए। दरअसल, सोनीपत का जनता दरबाद निपटाने के बाद सीएम नूंह में पहुंचे थे। यहां उन्होंने 270 समस्याएं सुनीं। इसी दौरान कुछ स्थानीय भजपा नेताओं ने नूंह के सीएमओ के खिलाफ ठेके पर नौकरी दिए जाने में गड़बड़ी और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही की शिकायत की। इस पर सीएम ने कार्रवाई की।

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गोहाना में रवींद्र पुगथला जूनियर का पुलिस ने गफलत में एनकाउंटर कर दिया था। परिजनों ने कहा कि क्राइम ब्रांच उनके मामले की जांच कर रही है। परंतु अब जांच अधिकारी कमलदीप का ट्रांसफर कर दिया गया। जबकि जो हाल में अधिकारी जांच कर रहा है उस पर उन्हें भरोसा नहीं। इसके साथ ही घटना के बाद रवींद्र की पत्नी को 10 लाख रुपए आर्थिक मदद व नौकरी देने की बात सरकार ने कही थी। वह भी पूरी नहीं की। इस पर सीएम ने डीसी से परिवार की तुरंत 50 हजार रुपए की मदद और बच्चों की हर माह फीस देने के आदेश दिए। सीएम ने एसपी से जांच कमलदीप से ही करवाने को कहा। साथ ही डीसी से कहा कि परिवार के एक सदस्य को आउट सोर्सिंग पर नौकरी दिलवाओ।