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​एक्सप्रेस-वे पर मकानों को तोड़ने पहुंचा पुलिस प्रशासन, 32 ही तोड़े थे कि लोग ले आए कोर्ट स्टे

द्वाराका एक्सप्रेस-वे पर न्यू पालम विहार क्षेत्र में 11 वर्षों से बनी बाधा तोड़ने की तैयारी में था प्रशासन।

Danik Bhaskar | May 26, 2018, 07:56 PM IST

गुड़गांव। द्वाराका एक्सप्रेस-वे पर न्यू पालम विहार क्षेत्र में 11 वर्षों से बनी बाधा शनिवार को भी दूर नहीं हो पाई। इस बार सरकार एक झटके में सभी बाधाएं दूर करना चाहती थी। इसके लिए महज 15 घंटे पहले मकान पर नोटिस चस्पा करके अगले दिन सुबह 7.30 बजे लगभग एक हजार पुलिस जवान और 12 जेसीबी के साथ धावा बोला। मगर, एक साथ 70 मकानों को ध्वस्त करने की प्रशासन की यह मनसा भी अधूरी रह गई। दोपहर 11.30 बजे तक केवल 32 मकान ही ध्वस्त किए गए थे कि प्रभावित लोग पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से स्टे लेकर आ गए।

- प्रशासन को पूरा विश्वास था कि सुबह 10 बजे कोर्ट खुलने से पहले सभी मकानों को ध्वस्त कर देंगे, मगर 38 मकान फिर बाधा बने रहे गए। हालांकि, लोगों ने उग्र प्रदर्शन नहीं किया, भारी पुलिस बल के सामने केवल चिखते-चिल्लाते ही रह गए। अपना आशियाना ध्वस्त होते देख कई महिलाओं को चक्कर आ गया, एक महिला तो घर के बाहर गेट पर ही बेहोंश होकर गिर गई।

यू घटना पूरा घटनाक्रम
- पूरी टीम लगभग 7.30 बजे मौके पर पहुंच गई और मकानों से लोगों के साथ सामान निकाला शुरू कर दिया। इस दौरान क्षेत्र के पूर्व पार्षद ऋषिराज राणा अपनी टीम के साथ पहुंच गए। उन्होंने जेसी गौरव अंतिल से आपत्ति जताई कि लोगों को सामान निकालने के लिए भी समय नहीं दिया गया।
- शुक्रवार की रात को नोटिस दिया गया और सुबह होते ही तोड़-फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी गई, यह गलत है। अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी। कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया। लोगों ने उग्र प्रदर्शन नहीं किया, इसलिए पुलिस बल की जरूरत नहीं पड़ी।
- अधिकारियों ने अपनी शरीर पर पहने सेफ्टी जैकेट भी खोल लिए और राहत की सांस दी। कर्मियों ने सबसे पहले मकानों के गेट तोड़े और सामान बाहर करना शुरू कर दिया।
- सामान ढोने के लिए प्रत्येक टीम में 50-50 कर्मियों के साथ 5-5 (कुल 30) ट्रैक्टर टॉली की व्यवस्था की गई थी। घर के सदस्यों के विरोध के चलते कर्मियों को घर से सामान निकालने में काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। इसमें अपेक्षाकृत अधिक समय भी लग गया।
- एक-एक करके मकान को खाली करते हुए जेसीबी से ध्वस्त किया जाता रहा। लगभग 11.30 बजे तक 32 बजे तक महज 32 मकान ही तोड़े गए थे कि लोग पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से स्टे ले आए, जिसका प्रशासन की उम्मीद नहीं थी। लोगों ने प्रशासन को स्टे ऑडर दिखा दिया।
- फिर क्या था, पूरी कार्रवाई बीच में ही स्थगित करनी पड़ी। भीषण गर्मी में सभी बाधा दूर करने की तैयारी अधूरी रह गई।