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मर्डर केस में दो परिवारों को गांव छोड़ने का फरमान, एक भागा-दूसरा एसपी से मिला

मर्डर केस में दो परिवारों को गांव छोड़ने का फरमान, एक भागा-दूसरा एसपी से मिला

Danik Bhaskar | Dec 27, 2017, 08:03 PM IST

पानीपत। पानीपत से सटे गांव शिमला मौलाना में 4 साल पहले हुई 45 वर्षीय दर्शना देवी की हत्या के मामले में गिरफ्तार हुए आरोपियों के दो परिवारों को पंचायत ने गांव छोड़ने का फरमान सुनाया है। आरोप है कि डर के मारे एक परिवार ने गांव छोड़ दिया है, दूसरे परिवार को 7 जनवरी 2018 तक का समय दिया गया है। तय समय में गांव नहीं छोड़ने पर जबरन निकालने की धमकी दे है। डर के कारण दूसरे परिवार ने बुधवार को एसपी के पास जाकर मदद की गुहार लगाई है। एसपी ने मामला डीएसपी हेडक्वार्टर जगदीप दूहन के पास भेज दिया। डीएसपी दूहन ने परिवार को मदद का पूरा भरोसा दिलाया है। पिता बोला-सच बताने वाले बेटे को किया गिरफ्तार...

- दलित अधिकार मंच के साथ परिवार एसपी कार्यालय पहुंचा। एसपी को सौंपे ज्ञापन में सेमसिंह ने बताया कि 5 जनवरी 2014 को बेटे प्रवीण के पास गांव के बलवान के बेटे अमित का फोन आया कि उसके कपड़े भीग गए हैं।
- अमित के कहने पर प्रवीण घर से कपड़े ले गया। जब घटनास्थल पर पहुंचा तो अमित खून से लथपथ था। अमित ने बताया कि उससे दर्शना की हत्या हो गई। किसी को बताने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी।
- प्रवीण ने घर जाकर अमित की मां कमलेश देवी को बताया तो उसने भी किसी को कुछ नहीं बताने के लिए कहा। 4 साल बाद दिसंबर 2017 में प्रवीण ने सरपंच व अन्य मौजिज लोगों को सच बता दिया।
- इसके बाद पुलिस ने अमित और उसकी मां कमलेश देवी को गिरफ्तार किया। प्रवीण को भी दोषी मानने हुए गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोप झूठे, खुद लिखकर दिया हम गांव छोड़कर चले जाएंगे
- सरपंच पति रविन्द्र ने कहा कि मृतक दर्शना देवी के पति सतबीर फौजी ने पंचायत बुलाई थी। गांव की सरपंच मेरी पत्नी पिंकी बीमार थी, इसलिए मैं पंचायत में गया था।
- सतबीर ने पंचायत में कहा कि उसकी पत्नी की हत्या हो गई। आरोपियों से उन्हें खतरा है, इसलिए वे गांव छोड़कर जा रहे हैं। इस पर सेमसिंह ने ही कहा था कि सतबीर का कोई कसूर नहीं है। वो गांव में हैं, उनका परिवार ही गांव छोड़कर चला जाएगा।
- उसने अपनी मर्जी से 7 जनवरी तक गांव छोड़कर जाने की बात लिखकर भी दी थी। अब मनगढ़ंत कहानी बनाई जा रही हैं। किसी ने उस पर गांव छोड़ने के लिए दबाव नहीं डाला। बलवान भी अपनी मर्जी से गांव छोड़कर गया है।