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काफी दिनों बाद स्कूल आई १२वीं की स्टूडेंट, टीचर ने क्लास से निकाला तो उठाया ये कदम

काफी दिनों बाद स्कूल आई १२वीं की स्टूडेंट, टीचर ने क्लास से निकाला तो उठाया ये कदम

Dainik Bhaskar

Jan 16, 2018, 06:37 PM IST
अस्पताल में एडमिट 12वीं की स्टू अस्पताल में एडमिट 12वीं की स्टू

फतेहाबाद। फतेहाबाद में मंगलवार को 12वीं क्लास की एक स्टूडेंट ने हाथ की नस काटकर सुसाइड की कोशिश की है। इस घटना के पीछे स्कूल से नाम काटे जाने और काफी दिनों बाद स्कूल जाने पर उसे टीचर द्वारा हाथ पकड़कर क्लास से निकाल दिए जाने को मुख्य वजह बताया जा रहा है। हालांकि स्टूडेंट के इस कदम के बाद स्कूल में उसका नाम दोबारा लिख लिया गया है। टीचर बोले-पैरेंट्स को लाने के लिए कहा था लड़की को...

- मामला शहर के एक सरकारी स्कूल से जुड़ा है। मिली जानकारी के अनुसार 12वीं क्लास की स्टूडेंट पिछले कुछ दिनों से छुट्टी पर थी। आरोप है कि मंगलवार को जैसे ही वह स्कूल पहुंची, क्लास टीचर रामदास ने उसका हाथ पकड़कर बैग थमाते हुए उसे क्लास से निकाल दिया। टीचर का कहना थी, तू स्कूल आती ही नहीं है, एटीटयूड में रहती है और वैसे भी मुझे ये पसंद नहीं है, इसीलिए तेरा नाम काट दिया है।
- घर पहुंचते ही लड़की ने एक कमरे में जाकर ब्लेड से हाथ काट लिया। इस कदम के बाद स्कूल प्रशासन ने उसका नाम दोबारा लिख लिया, वहीं इस मामले को पता करने के लिए बीईओ कुलदीप सिहाग भी मौके पर पहुंचे।
- उन्होंने पूछताछ की तो टीचर रामदास व अन्य ने स्टूडेंट की तरफ से लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। इस दौरान टीचर रामदास ने बताया कि लड़की 15 दिसंबर के बाद से स्कूल नहीं आ रही थी। स्कूल न आने को लेकर माता-पिता को बुलाकर लाने को कहा, लेकिन छात्रा ने यह कदम उठा लिया। जब छात्रा स्कूल नहीं आएगी तो उसे नाम काटने बारे तो कहा ही जाता है।

नाम काटने पर टीचर को डिपो होल्डर दे रहा है धमकी
- उधर टीचर रामदास का आरोप है कि लड़की का नाम काटने पर शहर के एक डिपो होल्डर नरेश गुप्ता का फोन आया, जो उसे कई बार स्कूल छोड़ने के लिए आता है, लेकिन कोई परिवारिक संबंध नहीं है। उसने फोन पर धमकाते हुए पूछा कि नाम कैसे काट दिया।
- एक दिन इस बारे में छात्रा की मां को भी बताया था, लेकिन छात्रा की मां बोली कि उसका पति शराब पीता है, इसलिए उनका जानकार नरेश लड़की को स्कूल छोड़ने चला है।

नाम दोबारा लिख लिया गया है: प्रिंसिपल

- उधर इस बारे में प्रिंसिपल राय बहादुर सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि नाम काटने के मामले में छात्रा द्वारा इस कदम उठाने के बारे में जानकारी मिली तो नाम दोबारा लिख लिया गया है। छात्रा कई दिनों से स्कूल नहीं आ रही थी तो उसका नाम काटा गया था। इसके अलावा प्रिंसिपल ने अपील है कि बाहरी व्यक्ति के साथ कोई भी अभिभावक अपनी छात्रा को स्कूल में छोड़ने के लिए न भेजें।

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