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ओवरलोड डंफर को रोकने में छ्वश्व ने गंवाई जान, एसोसिएशन ने शव उठाने से किया इनकार

ओवरलोड डंफर को रोकने में छ्वश्व ने गंवाई जान, एसोसिएशन ने शव उठाने से किया इनकार

Dainik Bhaskar

Jan 16, 2018, 12:43 PM IST
पंचायती राज विभाग के जेई हरिओम पंचायती राज विभाग के जेई हरिओम

रेवाड़ी। रेवाड़ी में सोमवार रात ओवरलोड व्हीकल्स को रोकने के लिए चलाए गए अभियान के बीच पंचायती राज विभाग के जेई की जान चली गई। मंगलवार को जेई एसोसिएशन ने उसकी डेड बॉडी लेने से इनकार करते हुए पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर धरना शुरू कर दिया, जिन्हें एसडीएम भी समझाने में नाकाम रहे। इन लोगों की मांग है कि जेई को शहीद का दर्जा और परिवार में एक नौकरी दी जाए। आर्मी से रिटायर हो जेई लगा था हरिओम यादव...

- घटना नेशनल हाईवे-8 पर स्थित खेड़ा बैरियर के पास की है। मिली जानकारी के अनुसार प्रशासन की तरफ से ओवरलोड व्हीकल्स के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पंचायती राज विभाग के जेई हरिओम यादव और उनकी टीम सोमवार रात नाके पर थी।

- करीब साढ़े 11 बजे एक ओवरलोड डंपर नाके पर तैनात जेई हरिओम को कुचलता हुआ नाका तोड़ आगे निकल गया। उसके पीछे आ रहा दूसरा डंपर भी हरिओम के ऊपर से गुजर गया।

- पेट के ऊपर से गुजर जाने की वजह से हरिओम की मौके पर ही मौत हो गई, सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जिनकी डेड बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी।

धरने पर बैठे साथी जेई

- मंगलवार को जेई हरिओम की डेड बॉडी का पोस्टमॉर्टम होना था, लेकिन इससे ठीक पहले जेई एसोसिएशन ने पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर धरना शुरू कर दिया।

- भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे अफसरों ने समझाने-बुझाने की कोशिश की, पर जब कोई बात नहीं बनी तो बावल के एसडीएम सुरेश कुमार मौके पर पहुंचे। वह भी प्रदर्शनकारियों को मनाने में नाकाम रहे।

- प्रदर्शनकारियों की मांग है कि जेई हरिओम को शहीद का दर्जस दिया जाए और उनके परिवार में से एक सदस्य को नौकरी दी जाए। साथ ही जेई एसोसिएशन ने एेलान किया है कि वो शव को तब तक नहीं उठाने देंगे, जब तक डंपर चालक पकड़ा नहीं जाता।

फौज या पुलिस में ही ऑन ड्यूटी डेथ हो तो मिलता है शहीद का दर्जा

- बताते चलें कि सरकारी नियमों के मुताबिक फौज, पुलिस या अर्द्धसैनिक बलों के कर्मचारी की अगर ड्यूटी के दौरान जान जाती है तो उसे शहीद का दर्जा दिए जाने का प्रावधान है, मगर और विभागों में ऐसा नहीं।

- अब इसी के चलते हरिओम के साथी इस मांग पर अड़े हैं। उनका कहना है कि चरखी दादरी के गांव अचीना का रहने वाला हरिओम आर्मी से रिटायर होने के बाद पंचायती राज विभाग में जेई के पद पर लगा था।

- यह कौन से नियम में लिखा है कि पंचायती राज विभाग का जेई ओवरलोड व्हीकल्स को रोकने की ड्यूटी करेगा। ऐसे में अगर ऑन ड्यूटी जान गई है तो उसे भी यही हक बनता है।

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