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लेडी कॉन्स्टेबल ने क्वार्टर में लगाया फंदा, घरेलू विवाद है सुसाइड की वजह

लेडी कॉन्स्टेबल ने क्वार्टर में लगाया फंदा, घरेलू विवाद है सुसाइड की वजह

Dainik Bhaskar

Dec 15, 2017, 03:13 PM IST
गुड़गांव में शुक्रवार दोपहर सा गुड़गांव में शुक्रवार दोपहर सा

गुड़गांव। गुड़गांव में महिला कॉन्स्टेबल ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। पता चलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसकी डेड बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है, वहीं मामले की जांच-पड़ताल में मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है। उसमें शकीला ने अपनी मौत के लिए पति, सास एवं ननद को जिम्मेदार ठहराया है। शकीला ने दो साल से चल रहे तलाक के केस का जिक्र करते हुए विवादित पति के पास जा चुके अपने बेटे को अपनी जिंदगी बताया, वहीं लिखा है, 'मेरी नौकरी मेरी बहन को दे देना। नौकरी मिलने के बाद वह अपने बेटे को सही से पालेगी।' पति-पत्नी के विवाद में बेटा पास नहीं रहा तो उठाया कॉन्स्टेबल ने यह कदम...

- सुसाइड करने वाली महिला कॉन्स्टेबल की पहचान शकीला के रूप में हुई है। वह थाना शिवाजी नगर में तैनात थी और यहां पालम विहार इलाके में सरकारी क्वार्टर में रहती थी।

- मूल रूप चरखी दादरी जिले के गांव श्याम कलां निवासी शकीला की शादी कई साल पहले दादरी के हरि नगर कॉलोनी निवासी सुनील कुमार से हुई थी। इनका एक 14 वर्ष का बेटा है जो चरखी दादरी में ही 9वीं कक्षा में पढ़ता है।

- शादी के कुछ वर्ष बाद से ही पति-पत्नी में तकरार शुरू हो गई थी। तलाक का मामला दो साल से अदालत में लंबित है। इस बीच बेटा वरुण अपने पिता के पास चला गया।

- दो साल से शकीला अकेले ही पालम विहार स्थित सरकारी क्वार्टर में रह रही थी। उसे उम्मीद थी कि बेटा वापस आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

- गुरुवार रात उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे सूचना मिली तो बजघेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद मायके के लोगों को सूचना दी गई।

- मायके के लोगों के बयान व मौके से मिले सुसाइड नोट के आधार पर पति सुनील कुमार, सास संतोष एवं ननद सुमन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

- इधर शिवाजी थाना प्रभारी राजपाल का कहना है कि वह शकीला द्वारा आत्महत्या करने से हैरान हैं। कभी भी ऐसा नहीं लगा कि वह परेशान चल रही थी। थाने में कभी भी किसी के साथ उसका विवाद नहीं हुआ। वह काफी मिल-जुलकर रहती थी। जांच अधिकारी संजीव ने बताया कि शनिवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद आगे की जांच तेज की जाएगी।

दो साल से चल रहा था तलाक का केस

- सुसाइड नोट में शकीला ने अपनी जगह बहन सुनीता को नौकरी देने की मुख्यमंत्री, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस महानिदेशक से अपील की है।

- उसने लिखा है, नौकरी मिलने के बाद उनकी बहन अपने बेटे को सही से पालेगी। शकीला ने आत्महत्या का रास्ता चुनने के लिए अपने परिजनों से माफी मांगते हुए कहा है कि इसके अलावा दूसरा कोई चारा नहीं था। उनका बेटा ही उनकी जिंदगी थी। दो साल से वह केवल जिंदा लाश थी।

- अदालत में तलाक का केस दो साल से चल रहा है। केवल तारीख पर तारीख ही मिलती रही। मजबूर होकर आत्महत्या का रास्ता चुनना पड़ा है।

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