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सीआरपीएफ जवान नौकरी छोड़ भागा, चौंकाना वाला फर्जीवाड़ा आया सामने

सीआरपीएफ जवान नौकरी छोड़ भागा, चौंकाना वाला फर्जीवाड़ा आया सामने

Dainik Bhaskar

Jan 28, 2018, 12:18 PM IST
a youth got job in CRPF on the basis of fake documents and has benn left

रोहतक। नाम और जन्मतिथि में फर्जीवाड़ा कर सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) में नौकरी करने के मामले में सीआरपीएफ कमांडेंट की तरफ से अभियुक्त के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। अभियुक्त राकेश यादव उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद के गांव गोठवां का रहने वाला है। सीआरपीएफ पीटीसी सुनारियां कमांडेंट नरवीर सिंह की तरफ से पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि राकेश यादव 19 अक्टूबर 2011 को सीआरपीएफ के समूह केंद्र इलाहाबाद में जीडी के पद भर्ती हुआ था। इसी बीच किसी की शिकायत पर पता चला कि राकेश कुमार ने नाम और जन्मतिथि में फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल की है। ऐसे किया घालमेल...

- जांच के दौरान इलाहाबाद के सार्वजनिक इंटर कॉलेज दसेर, भूपतपुर हण्डिया और महर्षि कृष्ण इंटरमीडिएट कॉलेज हण्डिया से जानकारी मांगी गई। जुलाई 2017 को सार्वजनिक इंटर कॉलेज दसेर के प्रधानाचार्य की तरफ से मिली रिपोर्ट में बताया कि राकेश कुमार की जन्मतिथि प्रमाण पत्रों में 8 मार्च 1981 है, जिसने वर्ष 1994-95 में कक्षा नौ और वर्ष 1995-96 में कक्षा दसवीं पास की है।
- महर्षि कृष्ण इंटरमीडिएट कॉलेज की तरफ से भी 10 जुलाई 2017 को रिपोर्ट भेजी गई। इसके अनुसार, राकेश यादव ने इस कॉलेज में 1996-97 में कक्षा 11 और 1997-98 में कक्षा 12 पास की।

- कॉलेज में दर्ज प्रमाण पत्रों के अनुसार राकेश कुमार की जन्मतिथि 9 सितंबर 1981 है। दोनों कॉलेजों के आधार पर शिकायतकर्ता की तरफ से प्रस्तुत किए गए प्रमाण पत्रों का मिलान किया गया। इसमें सामने आया कि राकेश कुमार की असली जन्मतिथि 8 मार्च 1981 है।

उम्र अधिक होने के कारण दोबारा की दसवीं पास
सीआरपीएफ अधिकारियों का मानना है कि राकेश ने उम्र अधिक होने के कारण वर्ष 2008 में दोबारा से दसवीं पास की। इसमें जन्मतिथि 31 दिसंबर 1991 दर्शाई गई और नाम में भी हेरफेर कर राकेश कुमार की जगह राकेश यादव किया गया। इन प्रमाण पत्र के आधार पर उसने राकेश यादव के नाम से ही 10 सितंबर 2011 को सीआरपीएफ में नौकरी हासिल कर ली।

ट्रेनिंग चार्ज जमा कर 2014 में ही छोड़ दी थी नौकरी
सीआरपीएफ में भर्ती होने के बाद 2014 में उसकी तैनाती सुनारिया पीटीसी में थी। अधिकारियों का मानना है कि 19 अगस्त 2014 को वह ट्रेनिंग चार्ज जमा कर सेवा मुक्त भी हो गया। इसकी वजह उसने पारिवारिक कारण बताया था। उसे डर था कि अब उसका फर्जीवाड़ा पकड़ा जा सकता है।
- इस बारे में थाना प्रभारी शिवाजी कॉलोनी उमेद सिंह बताते हैं कि सीआरपीएफ अधिकारी की तरफ से दी गई शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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