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बगइबअद गिबइब हत िअइदजि ीइ तिबइीदहिअ

बगइबअद गिबइब हत िअइदजि ीइ तिबइीदहिअ

Balraj Singh | Last Modified - Dec 18, 2017, 10:03 AM IST

पानीपत। दिल में कुछ कर गुजरने की चाहत हो तो फिर कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं है। हरियाणा के जवान छोरे आदित्य कुंडू ने यह कहावत चरितार्थ कर दी है। शुक्रवार को दक्षिण अफ्रिका में कॉमनवेल्थ गेम्स में ग्रीको रोमन कुश्ती 72 किलो भार वर्ग में आदित्य ने गोल्ड मेडल जीता है। इस पहलवान के जज्बे की तारीफ करने बैठें तो बड़ी-बड़ी उपमाएं भी छोटी पड़ सकती हैं। इतनी छोटी सी उम्र में आदित्य के दोनों घुटनों के 3 ऑपरेशन हो चुके हैं, बावजूद इसके वह नेशनल-इंटरनेशनल लेवल के 15 मेडल हासिल कर चुके हैं। ये है आदित्य की पहचान...

- आदित्य कुंडू वाणिज्य स्नातक है और पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से एमकॉम कर रहा है। इससे पहले राष्ट्रीय पदक जीत चुका है।
- आदित्य कुंडू की फैमिली मूल रूप से पानीपत जिले के गांव शाहपुर की रहने वाली है। ऐसे में आदित्य के मेडल जीतने के बाद से ही परिवार व गांव में खुशी का माहौल है। हर कोई एक-दूसरे को बधाई दे रहा है।
- आदित्य के पिता चौधरी रणबीर सिंह कुंडू साई कोच हैं और जिरकपुर (पंजाब) में गुलजार कुश्ती अखाड़े का संचालन कर रहे हैं। आदित्य भी अपने पिता के अखाड़े में ही प्रशिक्षण ले रहा है।
- रणबीर सिंह कुंडू ने बताया कि आदित्य 10 साल से कुश्ती का अभ्यास कर रहा है। वहीं उसकी मां पूनम कुंडू ने उनकी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मां पूनम कुंडू ने बताया कि आदित्य कुश्ती के साथ पढ़ाई में भी होशियार है।

चोट लगी तो टूट गई थी उम्मीद
- बता दें कि आदित्य पहले फ्री-स्टाइल कुश्ती में थे। आदित्य को फ्री स्टाइल कुश्ती के दौरान चोट लगी थी। वर्ष 2014 में उसके दाएं घुटने के दो और बाएं का एक बार ऑपरेशन हुआ।
- इसके बाद डॉक्टरों ने कह दिया था कुश्ती करोगे तो घुटने खत्म हो सकते हैं। कभी खड़े होने लायक नहीं बचोगे। ऐसे में करियर दांव पर लगता देख आदित्य ने हिम्मत नहीं हारी और फ्री स्टाइल छोड़ ग्रीको रोमन कुश्ती शुरू कर दी।
- इसके बाद कभी पीछे नहीं देखा। वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 15 पदक जीत चुके हैं। आदित्य के पिता रणबीर सिंह कुंडू ही आदित्य के कोच हैं।
- उन्होंने बताया कि आदित्य 10 साल से कुश्ती का अभ्यास कर रहे हैं। उसे चोट लगी थी तो उम्मीद टूट गई थी कि अब कुश्ती नहीं कर पाएगा। उसका जज्बा ही था कि वह चोट से घबराया नहीं और संघर्ष करता रहा। अब नतीजा सबके सामने है।

आदित्य की उपलब्धियां
- आॅल इंडिया यूनिवर्सिटी कुश्ती चैंपियनशिप में दो स्वर्ण, एक रजत व एक कांस्य पदक जीता।’
- नेशनल कुश्ती प्रतियोगिता में स्र्वण पदक।
- स्कूल नेशनल कुश्ती प्रतियोगिता में पांच कास्य पदक।

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