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शाह की रैली का विरोध, कहीं दुपट्टे पुलिस ने छीन ले इसलिए काले सूट पहन पहुंची लेडीज

शाह की रैली का विरोध, कहीं दुपट्टे पुलिस ने छीन ले इसलिए काले सूट पहन पहुंची लेडीज

Manoj Kaushik | Last Modified - Feb 15, 2018, 04:29 PM IST

शाह की रैली का विरोध, कहीं दुपट्टे पुलिस ने छीन ले इसलिए काले सूट पहन पहुंची लेडीज

कुरुक्षेत्र। जींद में आयोजित हुई बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की बाइक रैली के विरोध में कांग्रेस और इनेलो के साथ-साथ आगनवाड़ी वर्कर और हैल्पर ने भी पुरजोर प्रदर्शन किया। कुरुक्षेत्र में आंगनवाड़ी वर्कर काले दुपट्टे और शॉल तो लेकर पहुंची ही लेकिन वे काले सूट पहनकर भी पहुंची। अपनी लंबित मांगों के लिए वे बीजेपी कार्यकर्ताओं को काले झंडे दिखाने के लिए पहुंची थी लेकिन पुलिस व प्रशासन ने उन्हें द्रोणाचार्य स्टेडियम से बाहर नहीं निकलने दिया। काफी नोक-झोंक के बाद उन्हें डीसी से मिलने की इजाजत दी गई और वहीं उन्होंने सीएम का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया। कई घंटे चला ड्रामा...

- आंगनवाड़ी वर्कर इसलिए काले सूट पहनकर पहुंची थी कि यदि उनके दुपट्टे व शॉल यदि छीन लिए तो कम से कम काले सूट से विरोध कर सकेंगी।
- अपनी मांगों को लेकर वे सैकड़ों की संख्या में सुबह 10.30 बजे द्रोणाचार्य स्टेडियम पहुंची थी।
- लगभग 11.30 बजे वे द्रोणाचार्य स्टेडियम से पिपली जीटी रोड के लिए निकलने लगी तो पुलिस को इस बात की भनक लग गई।
- ऐसे में बड़ी संख्या में पुलिस वहां पहुंची और उन्हें द्रोणाचार्य स्टेडियम से बाहर नहीं निकलने दिया। करीब 1 बजे तक जोरदार नोक-झोंक का ड्रामा चला।
- पुलिस ने उन्हें किसी तरह समझाकर पिपली में प्रदर्शन की बजाए जिला उपायुक्त से मिलाने की बात कही। डीएसपी हेडक्वार्टर राजसिंह व डीएसपी गुरमेल सिंह ने बातचीत की।

कड़ी मशक्कत के बाद मानी आंगनवाड़ी वर्कर फिर फूंका सीएम का पूतला
- आंगनवाड़ी वर्कर का नेतृत्व कर रही कलावती सैन से पुलिस व ड्यूटी मजिस्ट्रेट डीआरओ चांदीराम ने मुलाकात की।
- उन्हें कड़ी मशक्कत के बाद मनाया गया कि उनकी मांगें सीएम मनोहर लाल तक पहुंचा दी जाएंगी।
- इसके बाद आंगनवाड़ी वर्कर मानी और जिला उपायुक्त को सीएम के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन दिया और सीएम का पूतला फूंका।

ये थी मांगें
- पक्का कर्मचारी घोषित किया जाए।
- जब तक उन्हें पक्का कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता तब तक 18000 रुपये मासिक न्यूनतम वेतन दिया जाए।
- श्रम कानून लागू किए जाएं तथा सामाजिक सुरक्षा के लाभ आशा वर्करों को दिए जाएं।

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