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गुड़ में कीड़ा निकला तो रिटायर्ड फौजी ने खड़ा किया अपना बिजनेस, सारा खर्च निकाल बचा लेते हैं ७० हजार

गुड़ में कीड़ा निकला तो रिटायर्ड फौजी ने खड़ा किया अपना बिजनेस, सारा खर्च निकाल बचा लेते हैं ७० हजार

Dainik Bhaskar

Jan 28, 2018, 05:57 PM IST
पानीपत के गांव ताजपुर में गुड़ पानीपत के गांव ताजपुर में गुड़

पानीपत। कहते हैं कि हर कामयाब आदमी के पीछे कोई न कोई टीस जरूर होती है, जो न सिर्फ खुद के लिए बड़ी सीख बन जाती है, बल्कि दूसरों को भी राह दिखा देती है। पानीपत के गांव ताजपुर में एक रिटायर्ड फौजी की ऐसी ही कहानी है। दरअसल उन्हें खाने के बाद मीठा, खासकर गुड़ खाने की आदत है। एक बार जब वह गुड़ खा रहे थे तो उसमें कीड़ी निकला। फिर क्या था, फौजी दिमाग ने कुछ अलग करने की ठानी और आज उनका गुड़-शक्कर और देसी खांड का लगभग 5 लाख रुपए महीने का बिजनेस है। तमाम खर्च निकालने के बाद वह 70 हजार रुपए प्रति माह बचा भी लेते हैं। ऑर्गेनिक खाद से उगाते हैं गन्ना...

- 56 वर्षीय माहल सिंह पानीपत के गांव ताजपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने मैट्रिक पास करने के बाद भारतीय सेना को ज्वॉइन किया था। फिर 11 साल के बाद 1998 में वह रिटायर हो गए।
- माहल सिंह बताते हैं कि वह बचपन से ही गुड़ खाने के शौकीन हैं। एक बार गुड़ में कीड़ा निकल आया। उसके बाद अपना गुड़ तैयार करने का विचार आया। अपनी सोच को व्यवसाय बनाकर आज माहल सिंह खूब मुनाफा कमा रहे हैं। यही नहीं, पूर्व सैनिक माहल सिंह ने 70 लोगों को रोजगार भी दिया हुआ है।
- गुड़-शक्कर और देसी खांड से माहल सिंह लगभग 5 लाख रुपए महीने का बिजनेस करते हैं और खेती का खर्च, लेबर वगैरह तमाम खर्च निकालने के बाद वह 70 हजार रुपए प्रति माह बचा भी लेते हैं।
- माहल सिंह ऑर्गेनिक खाद इस्तेमाल करके गन्ना उगाते हैं, वहीं बिना मसाले का गुड़ तैयार करने वाला माहल सिंह का क्रेशर इलाके में अपनी तरह का इकलौता क्रेशर है।

- माहल सिंह के क्रेशर पर गुड़ लेने आए मनीष नामक एक युवक ने बताया कि यहां अच्छा गुड़-शक्कर इस्तेमाल करने के शौकीन लोग पहुंच ही जाते हैं, जिनमें हरियाणा ही नहीं, उत्तर प्रदेश के इलाके से भी लोग शामिल हैं।

इस वैज्ञानिक के व्याख्यान से हुए प्रभावित
- फौजी किसान माहल सिंह के मुताबिक 4 साल पहले उन्हें पूर्व वैज्ञानिक राजीव दीक्षित का व्याख्यान देखकर जैविक खेती के तौर-तरीकों की जानकारी मिली। इसके बाद बड़े भाई के साथ मिलकर अपनी 22 एकड़ जमीन में जैविक खाद का प्रयोग करने लगे। अब वे आसपास के किसानों को जैविक खाद से तैयार फसल के फायदे बताते हैं।

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पानीपत के गांव ताजपुर में गुड़ पानीपत के गांव ताजपुर में गुड़
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